प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे पर आज बांसवाड़ा को बड़ी सौगातें मिलने जा रही हैं। दौरे का मुख्य फोकस ऊर्जा, पेयजल, सड़क और सिंचाई सहित कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण है। प्रधानमंत्री दोपहर बाद बांसवाड़ा पहुंचकर करोड़ों रुपये की योजनाओं की शुरुआत करेंगे, जिनमें प्रदेश का पहला बड़ा परमाणु बिजलीघर भी शामिल है।
पीएम मोदी का दौरे का कार्यक्रम
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सुबह 11:25 बजे प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली से विशेष IAF BBJ विमान से रवाना होंगे।
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दोपहर 12:35 बजे वे उदयपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य वरिष्ठ नेता उनका स्वागत करेंगे।
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12:40 बजे वे हेलीकॉप्टर से बांसवाड़ा के लिए प्रस्थान करेंगे और 1:30 बजे माही हेलीपैड पर उतरेंगे।
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इसके बाद वे सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक जाएंगे और करीब दो घंटे क्षेत्रीय लाभार्थियों और आमजन से संवाद करेंगे।
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शाम 3:35 बजे प्रधानमंत्री वापस माही हेलीपैड लौटेंगे और हेलीकॉप्टर से उदयपुर के रास्ते दिल्ली रवाना होंगे।

जिन परियोजनाओं का होगा शिलान्यास
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माही परमाणु बिजलीघर (बांसवाड़ा): 2800 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना पर करीब 42,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह राजस्थान की सबसे बड़ी ऊर्जा परियोजना मानी जा रही है।
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अक्षय ऊर्जा परियोजना (बीकानेर): 590 मेगावाट क्षमता की परियोजना 8,500 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी।
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राजस्थान में नई विद्युत लाइनें: जैसलमेर, बाड़मेर, सिरोही, नागौर और बीकानेर जिलों में 15.5 गीगावाट की हाई कैपेसिटी लाइनें बिछाई जाएंगी, जिस पर 13,183 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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पेयजल परियोजनाएं: बांसवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, सवाईमाधोपुर, धौलपुर और चूरू सहित कई जिलों में 15 योजनाओं का शिलान्यास होगा, जिनकी साझा लागत 5,884 करोड़ है।
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सड़क और पुल निर्माण: भरतपुर में दो फ्लाईओवर, बनास नदी पर नया पुल तथा 119 अटल प्रगति पथ पर काम शुरू किया जाएगा। कुल खर्च 878 करोड़।
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ऊर्जा ढांचा विस्तार: बीकानेर व जैसलमेर जिलों में 220 केवी जीएसएस और लाइनों के कार्य, लागत 348 करोड़।
जिन परियोजनाओं का होगा लोकार्पण
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सौर ऊर्जा परियोजनाएं: 1,400 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट और 925 मेगावाट का ‘नोख सोलर पार्क-फलौदी’, जिन पर 10,710 करोड़ खर्च हुए।
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पीएम कुसुम-सी: किसानों को ताकत देने के लिए 895 मेगावाट क्षमता के विकेन्द्रीकृत सौर संयंत्र (3,132 करोड़ की परियोजना)।
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सिंचाई परियोजनाएं: ईसरदा बांध, धौलपुर लिफ्ट और बत्तीसा नाला सहित 2,365 करोड़ रुपये की लागत की योजनाओं का उद्घाटन होगा।
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सड़क परियोजनाएं: बाड़मेर, अजमेर, ब्यावर, डूंगरपुर, राजसमंद और उदयपुर में 7 सड़कें तैयार हुई हैं, जिन पर 1,758 करोड़ खर्च हुए।
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विद्युत सब-स्टेशन: बाड़मेर जिले में 220 केवी जीएसएस और संबंधित लाइनें बनाई गईं, जिस पर 142 करोड़ का खर्च आया।
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शहरी सीवरेज परियोजनाएं: डीडवाना-कुचामन और झुंझुनूं में सीवरेज व जल प्रदाय योजना (226 करोड़)।
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आईटी और ई-गवर्नेंस सेंटर: प्रदेश में डिजिटल सुविधाओं को मजबूती देने के लिए 140 करोड़ की परियोजना शुरू हुई है।
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स्वास्थ्य सुविधा: भरतपुर के आरबीएम चिकित्सालय में 250 बेड का नया अस्पताल बनकर तैयार है, जिसकी लागत 128 करोड़ है।

दौरे का महत्व
यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के पिछले दो सालों में 16वें राजस्थान प्रवास के रूप में गिना जा रहा है। बांसवाड़ा और उदयपुर संभाग जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में उनकी मौजूदगी को चुनाव से पहले राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। माही परियोजना जैसे बड़े परमाणु बिजलीघर का शिलान्यास राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगा।
