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1,189 करोड़ की लागत से बना ‘सेवा तीर्थ’, एक ही परिसर में PMO और NSCS

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Published On: 13 February 2026
PM Modi Inaugurates New PMO ‘Seva Teerth’, India’s Power Center Shifts
— PM Modi Inaugurates New PMO ‘Seva Teerth’, India’s Power Center Shifts

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PM Modi ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया। उद्घाटन का समय लगभग दोपहर 1:30 बजे था। यह नई स्थापना देश की प्रशासनिक शक्ति केंद्र को आधुनिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह उद्घाटन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज नई दिल्ली के भारत की राजधानी बनने के 95 साल पूरे हो रहे हैं। संभवतः इसी ऐतिहासिक महत्व के कारण उद्घाटन की तारीख 13 फरवरी रखी गई।

सेवा तीर्थ की संरचना और विशेषताएँ

नया प्रधानमंत्री कार्यालय, सेवा तीर्थ, कई मंत्रालयों और प्रशासनिक कार्यालयों को एक ही परिसर में लाकर एक केंद्रीकृत प्रशासनिक केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नए परिसर में निम्नलिखित मंत्रालय और कार्यालय शामिल हैं:

  • वित्त मंत्रालय
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  • रक्षा मंत्रालय
  • कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय
  • संस्कृति मंत्रालय
  • कानून और न्याय मंत्रालय
  • शिक्षा मंत्रालय
  • सूचना और प्रसारण मंत्रालय
  • कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
  • रसायन और उर्वरक मंत्रालय
  • जनजातीय मामलों का मंत्रालय

इसके अलावा, नए परिसर में डिजिटल रूप से जुड़ी व्यवस्थाएँ, नागरिकों के लिए अलग-अलग संपर्क क्षेत्र, व्यवस्थित रिसेप्शन और प्रशासनिक कार्यों को तेजी से संचालित करने के लिए आधुनिक ऑफिस सिस्टम भी शामिल हैं।

प्रमुख कार्यालयों का एकीकरण

‘सेवा तीर्थ’ की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय को एक ही परिसर में लाया गया है। पहले ये कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित होते थे, जिससे कार्य में कभी-कभी विलंब होता था।

  • सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए।
  • सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय के लिए।
  • सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के लिए।

इस समेकन से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी, मंत्रालयों के बीच समन्वय बेहतर होगा और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ेगी।

ऐतिहासिक संदर्भ

सेवा तीर्थ का उद्घाटन नई दिल्ली के ऐतिहासिक महत्व के साथ भी जुड़ा हुआ है। 13 फरवरी 1931 को नई दिल्ली को भारत की राजधानी के रूप में औपचारिक रूप से घोषित किया गया था। इस वर्ष यह 95वाँ वर्ष पूरा हो रहा है। इस अवसर पर उद्घाटन करना यह दर्शाता है कि भारत प्रशासनिक भविष्य को अपनी ऐतिहासिक धरोहर से जोड़ रहा है।

लागत और आकार

सेवा तीर्थ परिसर का निर्माण कुल ₹1,189 करोड़ की लागत से किया गया है। यह लगभग 2,26,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है।

पूर्व PMO जो साउथ ब्लॉक में स्थित था, वहां पिछले 80 वर्षों से कैबिनेट की बैठकें होती रही हैं। अब साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की बैठकें नहीं होंगी। नए कार्यालय में आधुनिक सुरक्षा, डिजिटल इंटीग्रेशन और प्रशासनिक कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए यह स्थान चुना गया है।

आधुनिक सुविधाएँ

सेवा तीर्थ केवल स्थान परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक आधुनिकता और सुविधा का प्रतीक है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं:

  1. डिजिटल कनेक्टिविटी: सभी मंत्रालयों के बीच पूरी तरह से डिजिटल समन्वय।
  2. नागरिक संपर्क क्षेत्र: जनता और प्रशासन के बीच सीधा और व्यवस्थित संपर्क।
  3. सुरक्षा और प्रवेश नियंत्रण: प्रधानमंत्री, कैबिनेट सदस्य और आगंतुकों के लिए उन्नत सुरक्षा।
  4. सतत विकास और स्थान अनुकूलन: पर्यावरण और ऊर्जा दक्षता के मानक के अनुसार डिजाइन।
रणनीतिक महत्व

सेवा तीर्थ केवल भवन परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह रणनीतिक प्रशासनिक कदम भी है। PMO, NSCS और कैबिनेट सचिवालय को एक साथ लाकर सरकार का उद्देश्य है:

  • निर्णय लेने की गति बढ़ाना
  • मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना
  • राष्ट्रीय सुरक्षा संचालन को मजबूत बनाना
  • संसाधनों और इंफ्रास्ट्रक्चर का कुशल उपयोग करना

केंद्रीय प्रशासन में यह कदम पारदर्शिता, दक्षता और आधुनिक तकनीक के साथ भविष्य के लिए तैयार शासन की दिशा में एक उदाहरण है।

प्रतीकात्मक महत्व और भविष्य

‘सेवा तीर्थ’ भारत के प्रशासनिक आधुनिकीकरण का प्रतीक है। यह दिखाता है कि सरकार तकनीक, सुरक्षा और नागरिक सहभागिता को एक ही जगह लाकर प्रशासन को भविष्य के लिए सक्षम बना रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस केंद्रीकृत संरचना से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि यह भविष्य में अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए मॉडल भी बनेगा।

निष्कर्ष

‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन भारत के प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय है। अब से महत्वपूर्ण निर्णय, राष्ट्रीय सुरक्षा कार्य और मंत्रालयों के बीच समन्वय तेजी से और केंद्रीकृत रूप में होंगे।

₹1,189 करोड़ के निवेश, आधुनिक सुविधाओं और रणनीतिक समेकन के साथ यह नया PMO यह दर्शाता है कि भारत प्रभावी, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम शासन की दिशा में अग्रसर है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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