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PM Modi IIT Speech: IIT दीक्षांत समारोह में बोले पीएम मोदी- ‘जो सीखेगा, वही जीतेगा’, छात्राओं की कम संख्या पर जताई चिंता

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Published On: 8 August 2026
Prime Minister Narendra Modi addressing students at the 57th IIT convocation, highlighting the importance of continuous learning, technology and innovation for the future
— Prime Minister Narendra Modi addressing students at the 57th IIT convocation, highlighting the importance of continuous learning, technology and innovation for the future

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PM Modi IIT Speech: IIT दीक्षांत समारोह में बोले पीएम मोदी- ‘जो सीखेगा, वही जीतेगा’, छात्राओं की कम संख्या पर जताई चिंता

PM Modi IIT Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए बदलती तकनीक, भविष्य की चुनौतियों और लगातार सीखते रहने के महत्व पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया जिस तेजी से बदल रही है, उसे देखते हुए आने वाले 20 से 30 वर्षों में दुनिया कैसी होगी, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है। ऐसे दौर में वही व्यक्ति आगे बढ़ पाएगा, जो खुद को लगातार नए ज्ञान और नई तकनीक के साथ अपडेट रखेगा।

प्रधानमंत्री ने दीक्षांत समारोह में डिग्री और मेडल हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनके परिवार आज उन पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उन्हें भी सभी विद्यार्थियों पर गर्व है। उन्होंने छात्राओं की कम संख्या को लेकर भी चिंता जाहिर की और कहा कि उपलब्धियां हासिल करने वाली छात्राओं की संख्या और अधिक होनी चाहिए।

IIT के 57वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी IIT के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए और विद्यार्थियों को संबोधित किया। दीक्षांत समारोह किसी भी विद्यार्थी के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस अवसर पर छात्रों को डिग्री और विभिन्न उपलब्धियों के लिए मेडल प्रदान किए गए।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत विद्यार्थियों को बधाई देकर की। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता और परिवार के लिए भी बेहद खास है। वर्षों की मेहनत के बाद जब विद्यार्थी अपनी डिग्री लेकर निकलते हैं, तो उसके पीछे परिवार और शिक्षकों का भी बड़ा योगदान होता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए मेडल मिले हैं, वे विशेष बधाई के पात्र हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

‘मुझे भी आप सभी पर गर्व है’

प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों से कहा कि जिस तरह उनके परिवार आज उनकी उपलब्धियों पर गर्व कर रहे हैं, उसी तरह उन्हें भी सभी छात्रों पर गर्व है।

उन्होंने कहा कि IIT जैसे संस्थान से निकलने वाले विद्यार्थी केवल अपनी व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि देश की प्रगति में योगदान देने की क्षमता रखते हैं। उनके ज्ञान, कौशल और तकनीकी समझ का उपयोग आने वाले समय में देश के विकास को नई दिशा देने में किया जा सकता है।

पीएम मोदी ने छात्रों से यह भी कहा कि डिग्री हासिल करना उनकी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है।

छात्राओं की उपलब्धियों पर पीएम मोदी की खास टिप्पणी

दीक्षांत समारोह के दौरान पीएम मोदी ने मेडल हासिल करने वाले विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए छात्राओं की संख्या को लेकर भी टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि अगर उपलब्धि हासिल करने वाली छात्राओं की संख्या और अधिक होती तो उन्हें और खुशी होती। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि केवल एक या दो छात्राएं ही क्यों, ऐसी उपलब्धियों में और भी लड़कियां आगे आनी चाहिए।

प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। IIT जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी को लेकर पिछले कुछ वर्षों में लगातार चर्चा होती रही है।

पीएम मोदी का संदेश था कि बेटियां भी तकनीकी शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे आएं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें।

‘कुछ वर्षों बाद कैंपस लाइफ याद आएगी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को भावनात्मक संदेश देते हुए कहा कि जब वे अपने करियर में आगे बढ़ेंगे और पीछे मुड़कर देखेंगे, तो उन्हें अपनी कैंपस लाइफ जरूर याद आएगी।

उन्होंने कहा कि कॉलेज के दौरान बिताया गया समय जीवन की महत्वपूर्ण यादों में शामिल होता है। भविष्य में जब विद्यार्थी किसी सफलता को हासिल करेंगे, तो उन्हें अपने प्रोफेसर्स, कैंपस और यहां के वातावरण की याद आएगी।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे कॉलेज से केवल डिग्री लेकर न निकलें, बल्कि यहां मिले अनुभव, ज्ञान, दोस्ती और शिक्षकों के मार्गदर्शन को भी अपनी जीवन यात्रा की पूंजी बनाकर साथ ले जाएं।

‘कॉलेज के हर सदस्य से मिलकर जाएं’

पीएम मोदी ने छात्रों को सलाह दी कि कॉलेज छोड़ने से पहले वे संस्थान से जुड़े हर व्यक्ति से मिलकर जाएं।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके छात्र जीवन में किसी न किसी रूप में योगदान दिया है, उनके साथ बनाए गए रिश्ते हमेशा महत्वपूर्ण रहेंगे। उन्होंने छात्रों से कहा कि कोशिश करें कि कॉलेज से निकलने के बाद भी ये रिश्ते बने रहें और समय के साथ कमजोर न पड़ें।

उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए लोग नए शहरों, नई कंपनियों और नए संस्थानों से जुड़ते हैं, लेकिन अपने शुरुआती सफर में जिन लोगों ने साथ दिया, उन्हें भूलना नहीं चाहिए।

‘दुनिया तेजी से बदल रही है’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप को भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों और अवसरों में से एक बताया।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया जिस गति से बदल रही है, उसे देखते हुए यह निश्चित तौर पर कहना मुश्किल है कि अगले 20 या 30 साल बाद दुनिया कैसी होगी।

तकनीक के क्षेत्र में लगातार नए बदलाव हो रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी और अन्य उभरते क्षेत्रों ने काम करने के तरीकों को तेजी से बदलना शुरू कर दिया है।

ऐसे में विद्यार्थियों के लिए केवल अपनी वर्तमान डिग्री या ज्ञान पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें लगातार सीखते रहने और नए कौशल हासिल करने की जरूरत होगी।

बदल रही हैं नौकरियां और प्रोफेशन

पीएम मोदी ने कहा कि तकनीकी बदलाव के साथ केवल तकनीक ही नहीं बदल रही, बल्कि प्रोफेशन और रोजगार के अवसरों का स्वरूप भी बदल रहा है।

जो काम आज किसी एक तरीके से किया जा रहा है, हो सकता है आने वाले वर्षों में उसे करने का तरीका पूरी तरह बदल जाए। कुछ नए प्रोफेशन सामने आएंगे, जबकि कई मौजूदा कार्यों में भी नई तकनीक की भूमिका बढ़ेगी।

ऐसे समय में विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों को समझना होगा। उन्हें अपने क्षेत्र के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों में हो रहे बदलावों पर भी नजर रखनी होगी।

प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि वे बदलाव से डरने के बजाय उसे अवसर के रूप में देखें।

‘जो सीखेगा, वही जीतेगा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की सबसे महत्वपूर्ण बात लगातार सीखते रहने को लेकर रही। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि आने वाले समय में सफलता उन्हीं को मिलेगी जो सीखना जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा कि दुनिया में बदलाव लगातार जारी है और इस बदलाव के साथ खुद को ढालने के लिए सीखना जरूरी है। केवल एक बार शिक्षा प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं है।

आज के दौर में व्यक्ति को अपने करियर के दौरान लगातार नई तकनीक, नई जानकारी और नए कौशल सीखने पड़ते हैं।

पीएम मोदी ने अपने संदेश को सरल शब्दों में रखते हुए कहा कि जो सीखेगा, वही जीतेगा।

डिग्री नहीं, सीखने की क्षमता होगी सबसे बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री के संबोधन का एक अहम संदेश यह भी रहा कि डिग्री हासिल करने के बाद सीखने की प्रक्रिया रुकनी नहीं चाहिए।

IIT से निकलने वाले विद्यार्थियों के पास तकनीकी ज्ञान और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा होती है, लेकिन बदलते समय में उनका सबसे बड़ा हथियार उनकी सीखने की क्षमता होगी।

नई तकनीक आने पर जो व्यक्ति उसे जल्दी समझकर अपने काम में इस्तेमाल कर सकेगा, उसके लिए नए अवसर पैदा होंगे। वहीं, जो व्यक्ति बदलाव से दूर रहेगा, उसके लिए प्रतिस्पर्धा मुश्किल हो सकती है।

इसलिए विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासा बनाए रखने और नए विषयों को सीखने की आदत विकसित करने की जरूरत है।

चुनौतियों के साथ नए अवसर भी आएंगे

प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बदलाव केवल चुनौतियां लेकर नहीं आता। इसके साथ नए अवसर भी पैदा होते हैं।

तकनीकी क्षेत्र में होने वाले बदलावों से नए स्टार्टअप, नई नौकरियां, नए बिजनेस मॉडल और रिसर्च के नए क्षेत्र सामने आ सकते हैं।

IIT के विद्यार्थियों से उम्मीद की जाती है कि वे केवल नौकरी तलाशने वाले युवा न बनें, बल्कि नए समाधान विकसित करने वाले इनोवेटर और उद्यमी भी बनें।

पीएम मोदी का संदेश इसी दिशा में था कि विद्यार्थी अपनी शिक्षा का उपयोग देश की समस्याओं के समाधान के लिए करें।

देश की प्रगति में IIT छात्रों की भूमिका

प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को यह याद दिलाने की कोशिश की कि IIT जैसे संस्थान से निकलना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। इससे उनके ऊपर देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी बढ़ती है।

तकनीक के क्षेत्र में भारत के सामने बड़ी संभावनाएं हैं। युवा इंजीनियर, वैज्ञानिक, रिसर्चर और उद्यमी देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का उपयोग समाज और देश के व्यापक हित में करने की प्रेरणा दी।

प्रोफेसर्स और संस्थान को न भूलने की सलाह

पीएम मोदी ने छात्रों को अपने प्रोफेसर्स और संस्थान के प्रति कृतज्ञ रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जब अपने जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे, तब उन्हें यह याद आएगा कि उनके सफर की नींव कहां रखी गई थी।

उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने शिक्षकों से मिले ज्ञान और मार्गदर्शन को अपने साथ लेकर आगे बढ़ें।

किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसकी मेहनत के साथ-साथ शिक्षकों और परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री ने इस भाव को विशेष रूप से सामने रखा।

कैंपस से निकलकर नई दुनिया में कदम रखेंगे छात्र

दीक्षांत समारोह के बाद विद्यार्थी अलग-अलग क्षेत्रों में अपने करियर की शुरुआत करेंगे। कोई कॉर्पोरेट सेक्टर में जाएगा, कोई रिसर्च करेगा, कोई स्टार्टअप शुरू करेगा और कुछ विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए विदेश या देश के दूसरे संस्थानों का रुख कर सकते हैं।

ऐसे समय में पीएम मोदी का संदेश विद्यार्थियों को आने वाले बदलावों के लिए तैयार रहने की दिशा में था।

उन्होंने छात्रों को यह समझाने की कोशिश की कि भविष्य में सफलता केवल वर्तमान ज्ञान पर निर्भर नहीं करेगी। इसके लिए निरंतर सीखने, प्रयोग करने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता जरूरी होगी।

विद्यार्थियों के लिए पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री के पूरे संबोधन को अगर संक्षेप में देखा जाए तो उनका संदेश तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित रहा—

पहला, अपनी जड़ों और संस्थान से मिले रिश्तों को कभी न भूलें।

दूसरा, बदलती तकनीक और दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट करते रहें।

तीसरा, सीखने की प्रक्रिया को जीवनभर जारी रखें।

पीएम मोदी ने छात्रों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि भविष्य में बदलाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, सीखने की क्षमता रखने वाला व्यक्ति हमेशा नए अवसर तलाश सकता है।

निष्कर्ष

IIT के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश देता नजर आया। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके परिवारों तथा शिक्षकों के योगदान को भी याद किया।

पीएम मोदी ने छात्राओं की कम संख्या पर चिंता जताते हुए तकनीकी शिक्षा और उपलब्धियों में बेटियों की अधिक भागीदारी की जरूरत बताई। वहीं, उन्होंने छात्रों को कैंपस से जुड़े रिश्तों को बनाए रखने की सलाह दी।

तकनीक के तेजी से बदलते दौर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में दुनिया का स्वरूप आज से काफी अलग हो सकता है। ऐसे में युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण गुण लगातार सीखते रहना होगा।

 

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