पीएम मोदी को मिला Ethiopia का सर्वोच्च सम्मान, दौरे पर आतंकवाद से लेकर निवेश तक 8 अहम मुद्दों पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Ethiopia दौरे ने भारत–अफ्रीका संबंधों में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया है। अदीस अबाबा में Ethiopia के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान जहां दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर सहमति जताई, वहीं प्रधानमंत्री मोदी को Ethiopia के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान भारत और Ethiopia के मजबूत होते रिश्तों और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है।
Ethiopia की संसद में PM मोदी का ऐतिहासिक संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को Ethiopia की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर इतिहास रच दिया। वे Ethiopia की संसद में संबोधन करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने भाषण की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा,
“Ethiopia आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। यह शेरों की धरती है। यहां मुझे अपने घर जैसा महसूस हो रहा है।”
प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य का संसद में मौजूद सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके शब्दों में भारत और Ethiopia के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों की झलक साफ दिखाई दी।

भारत- इथियोपिया संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और Ethiopia का रिश्ता केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि सभ्यताओं, व्यापार और मानवीय मूल्यों से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने याद दिलाया कि कठिन समय में दोनों देशों ने एक-दूसरे का साथ दिया है और आज भी यह साझेदारी आपसी सम्मान और समानता पर आधारित है।
प्रधानमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल तकनीक, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
Ethiopia का सर्वोच्च सम्मान: PM मोदी को मिला ऐतिहासिक गौरव
Ethiopia दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ Ethiopia” प्रदान किया गया। इस सम्मान को पाने वाले वे पहले वैश्विक नेता बन गए हैं।
सम्मान ग्रहण करते हुए पीएम मोदी ने कहा,
“यह सम्मान मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।”
उन्होंने Ethiopia की जनता और सरकार का आभार जताते हुए कहा कि भारत और अफ्रीका मिलकर वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को और सशक्त बनाएंगे।
Ethiopia के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने मोदी की वैश्विक नेतृत्व क्षमता, भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास मॉडल की खुलकर सराहना की।
भारत-अफ्रीका संबंधों में नया अध्याय
विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत-अफ्रीका रिश्तों के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग को किसी दबाव या स्वार्थ के तहत नहीं, बल्कि साझेदारी और विश्वास के आधार पर आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत अफ्रीका के साथ
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डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर
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स्वास्थ्य सेवाएं
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कृषि तकनीक
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स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट
जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

‘साउथ-साउथ सॉलिडेरिटी’ पर जोर
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने कहा कि भारत और इथियोपिया के रिश्ते समानता, आपसी सम्मान और ‘साउथ-साउथ सॉलिडेरिटी’ की भावना से प्रेरित हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की उस सोच की सराहना की, जिसमें अफ्रीका की प्राथमिकताओं को साझेदारी के केंद्र में रखा गया है।
अबी अहमद ने कहा,
“हम आपकी इस सोच की सराहना करते हैं कि अफ्रीका की प्राथमिकताओं को ही इस साझेदारी का नेतृत्व करना चाहिए। यह अफ्रीका के लिए सम्मानजनक और गरिमापूर्ण संदेश है।”
Ministry of External Affairs – Government of India (MEA)
https://mea.gov.in/
अफ्रीका की आवाज बनने की भारत से अपील
Ethiopia के प्रधानमंत्री ने भारत से आग्रह किया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अफ्रीकी देशों के हितों और प्राथमिकताओं की आवाज इसी तरह मजबूती से उठाता रहे। उन्होंने कहा कि भारत की भूमिका अफ्रीका के लिए भरोसेमंद साझेदार की रही है और आगे भी यह सहयोग और मजबूत होगा।
आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी साझेदारी
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि आपसी सम्मान, समानता और सहयोग के आधार पर भारत–इथियोपिया संबंध आने वाले वर्षों में और मजबूत होंगे। विकासशील देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने और वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने की आवश्यकता पर भी दोनों देशों ने एकमत दिखाई।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का Ethiopia दौरा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से ऐतिहासिक रहा, बल्कि यह भारत–अफ्रीका संबंधों के भविष्य की मजबूत नींव भी साबित हुआ। इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान मिलना भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाता है, वहीं आतंकवाद, विकास, निवेश और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर बनी सहमति दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देगी।
यह दौरा साफ संकेत देता है कि भारत ग्लोबल साउथ के नेतृत्व में एक सशक्त, विश्वसनीय और दूरदर्शी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
