पीएम मोदी के जन्मदिन पर लॉन्च होगा ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी जुड़ेंगे जागरूकता फैलाने में
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को मध्यप्रदेश से महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। इस पहल का नाम है “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान”, जिसे प्रदेश के धार जिले से लॉन्च किया जाएगा।
इस अभियान की खास बात यह है कि इसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, पॉडकास्टर्स और रेडियो जॉकी जैसे युवा कंटेंट क्रिएटर्स के जरिए जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। इसके लिए हाल ही में भोपाल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और यूनिसेफ मध्यप्रदेश द्वारा एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई प्रमुख इन्फ्लुएंसर्स और वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया।
कौन-कौन हुए शामिल?
बैठक में पॉडकास्टर निधि कौशिक, नयन राय, आरजे अनादी तिवारी, पारुल, निधि रावतिया, युवा कंटेंट क्रिएटर सिद्धार्थ जैन, यूथ4चिल्ड्रन से जुड़े स्वयंसेवक, आकाशवाणी एंकर, डीडी प्रोफेशनल्स और रेडियो लेकसिटीवॉइस के आरजे मौजूद रहे।
अभियान की अवधि और फोकस क्षेत्र
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17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा यह अभियान
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आयोजन स्थल: आयुष्मान आरोग्य मंदिर (Health & Wellness Centers)
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मुख्य फोकस:
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महिलाओं का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य
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लैंगिक समानता को बढ़ावा
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किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम
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सक्रिय और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना
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एनएचएम मिशन डायरेक्टर डॉ. सलोनी सिदाना ने कहा कि महिलाएं अक्सर परिवार और समाज की देखभाल में अपना स्वास्थ्य नजरअंदाज कर देती हैं। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं प्रतिदिन कम से कम एक घंटा केवल अपनी देखभाल के लिए निकालें। साथ ही, पुरुषों की भागीदारी भी इस अभियान को सफल बनाने में अहम होगी।
किशोरियों में पीसीओएस और स्क्रीनिंग सुविधा
एनएचएम आईईसी ब्यूरो की निदेशक डॉ. रचना दुबे ने बताया कि कई किशोरियां पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) जैसी समस्याओं से गुजर रही हैं, लेकिन उन्हें इसका पता भी नहीं होता। अभियान के दौरान उनकी स्क्रीनिंग और काउंसलिंग की जाएगी और इसके लिए विशेष केंद्र बनाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया से जागरूकता
यूनिसेफ मध्यप्रदेश के चीफ ऐड इंटरिम अनिल गुलाटी ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर सोशल मीडिया सबसे सशक्त माध्यम है। इसलिए इन्फ्लुएंसर्स को आग्रह किया गया है कि वे इस अभियान को सोशल प्लेटफॉर्म्स पर #SwasthNariSashaktParivar हैशटैग के साथ प्रमोट करें, ताकि यह संदेश बड़े स्तर पर पहुँचे।
बैठक में यूनिसेफ और एनएचएम के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी, डॉ. अर्चना पुंधीर, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. अमित डोगरा और डॉ. सुरेश परमार भी मौजूद रहे।
क्यों है खास यह पहल?
यह अभियान न केवल महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देगा, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाने और जेंडर इक्वैलिटी को बढ़ावा देने का भी बड़ा प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महिलाएं स्वस्थ होंगी, तो परिवार और समाज भी मजबूत बनेगा।
