—Advertisement—

पीएम मोदी असम आंदोलन श्रद्धांजलि: 860 शहीदों को नमन, स्वाहिद स्मारक में भावुक पल

Author Picture
Published On: 21 December 2025
पीएम मोदी असम आंदोलन श्रद्धांजलि स्वाहिद स्मारक
— पीएम मोदी ने गुवाहाटी में असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी

—Advertisement—

पीएम मोदी असम आंदोलन श्रद्धांजलि के तहत गुवाहाटी के स्वाहिद स्मारक क्षेत्र में 860 शहीदों को नमन। जानिए असम आंदोलन का इतिहास, स्मारक की विशेषताएं और राजनीतिक महत्व।

पीएम मोदी असम आंदोलन श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने एक बार फिर देश का ध्यान असम आंदोलन के बलिदानों की ओर खींचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी स्थित स्वाहिद स्मारक क्षेत्र पहुंचकर असम आंदोलन के 860 शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दौरा न केवल ऐतिहासिक रहा, बल्कि भावनात्मक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

  1. असम दौरे का महत्व

  2. स्वाहिद स्मारक क्षेत्र: एक परिचय

  3. पीएम मोदी का श्रद्धांजलि कार्यक्रम

  4. असम आंदोलन का इतिहास (1979–1985)

  5. 860 शहीदों का बलिदान

  6. असम समझौता और उसका प्रभाव

  7. स्मारक की आधुनिक सुविधाएं

  8. राजनीतिक और सामाजिक संदेश

  9. युवाओं के लिए प्रेरणा

  10. निष्कर्ष

स्वाहिद स्मारक क्षेत्र: असम का गौरव

गुवाहाटी में स्थित स्वाहिद स्मारक क्षेत्र असम आंदोलन के शहीदों की स्मृति को जीवंत रखने का एक भव्य प्रयास है। इस स्मारक का उद्घाटन इसी महीने किया गया था। यहां शहीद गैलरी, अनवरत जलती ज्योति और आधुनिक प्रदर्शनी व्यवस्था मौजूद है।

पीएम मोदी का श्रद्धांजलि कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम आंदोलन के पहले शहीद खरगेश्वर तालुकदार की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा भी उपस्थित रहे। पीएम मोदी ने शहीद गैलरी का अवलोकन कर बलिदानों को नमन किया।

असम आंदोलन (1979–1985): संघर्ष की कहानी

पीएम मोदी असम आंदोलन श्रद्धांजलि की पृष्ठभूमि समझने के लिए आंदोलन का इतिहास जानना जरूरी है। यह आंदोलन अवैध विदेशी घुसपैठ के विरोध में शुरू हुआ था।

  • नेतृत्व: ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU)

  • प्रमुख उद्देश्य: अवैध प्रवासियों की पहचान और निष्कासन

  • अवधि: 6 वर्ष

  • शहीद: 860 नागरिक

860 शहीदों का अमर बलिदान

आंदोलन के दौरान प्रदर्शन, हड़ताल और पुलिस कार्रवाई में सैकड़ों युवाओं ने जान गंवाई। स्वाहिद स्मारक में स्थापित प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को त्याग और संघर्ष की प्रेरणा देती हैं।

असम समझौता 1985

असम आंदोलन का समापन 1985 में असम समझौते से हुआ, जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता आज भी असम की राजनीति और सामाजिक संरचना में अहम भूमिका निभाता है।

स्मारक की आधुनिक सुविधाएं

170 करोड़ रुपये की लागत से बने इस स्मारक में शामिल हैं:

  • जलाशय

  • ऑडिटोरियम

  • प्रार्थना कक्ष

  • साइकिल ट्रैक

  • साउंड एंड लाइट शो

ये सुविधाएं असम के इतिहास को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत करती हैं।

सामाजिक और राजनीतिक संदेश

पीएम मोदी असम आंदोलन श्रद्धांजलि कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट है—राष्ट्र अपने शहीदों को नहीं भूलता। यह दौरा राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सम्मान और ऐतिहासिक स्मृति को मजबूत करता है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

आज के युवा इस स्मारक से यह सीख सकते हैं कि लोकतांत्रिक आंदोलनों में भागीदारी और बलिदान कैसे समाज को दिशा देते हैं।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp