अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में मंगलवार, 25 नवंबर को ऐतिहासिक धर्मध्वज समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर पहुंचे और अभिजीत मुहूर्त में श्रीराम मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज फहराया। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता के अनुसार ध्वजारोहण का समय दोपहर 12:10 से 12:30 बजे के बीच तय किया गया। इस समारोह में पीएम मोदी के साथ आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत, स्वामी गोविंददेव गिरि, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
ध्वज का महत्व और विशेषताएं :
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह भगवा ध्वज ज्योति और उगते सूरज के रंग का है, जो त्याग और भक्ति का प्रतीक है। यह 10 फीट ऊंचा, 20 फीट लंबा और त्रिकोणीय आकार का है। ध्वज पर एक उज्ज्वल सूर्य की छवि है, जो भगवान श्री राम की वीरता और प्रतिभा का प्रतीक है। इसके साथ ही कोविदारा वृक्ष की छवि और ‘ओम’ अंकित है।

सीएम योगी के संबोधन में दिखी नई ऊर्जा :
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मंदिर के शिखर पर फहरा रहा यह केसरिया ध्वज नए भारत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों में समय और नेतृत्व बदला, लेकिन आस्था कभी न झुकी और न रुकी। जब आरएसएस के हाथ में कमान आई तो केवल एक ही आवाज गूंजती रही – “रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।”

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ध्वज फहराने के इस ऐतिहासिक क्षण ने पूरे देश में उत्साह और भक्ति का माहौल उत्पन्न कर दिया। यह कार्यक्रम धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और रामलला के प्रति आस्था का प्रतीक है।
