इंदौर को PM मोदी की बड़ी सौगात: 79 करोड़ का दुग्ध संयंत्र, CM बोले – “अब किसान बनेगा आत्मनिर्भर”
मध्यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक और बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री ने 79 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र (Milk Powder Plant) का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह संयंत्र न केवल इंदौर बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के दूध उत्पादक किसानों के लिए आत्मनिर्भरता का नया प्रतीक बनने जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ और ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले साबित होंगे। उनके अनुसार, ये योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन क्षमता सुधारने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ और ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ की शुरुआत की। इन योजनाओं का उद्देश्य देश के 100 कम उपज वाले जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाना और किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का भविष्य तभी मजबूत होगा जब उसका अन्नदाता सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा,
“कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारत की समृद्धि की आत्मा है। अब गांव और खेत दोनों समृद्धि के केंद्र बनेंगे।”
79 करोड़ रुपये का अत्याधुनिक दुग्ध संयंत्र
इंदौर को मिले इस 79 करोड़ रुपये के दुग्ध चूर्ण संयंत्र की क्षमता 30 लाख टन प्रतिवर्ष है। यह संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है और प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराएगा। इससे दूध की क्वालिटी में सुधार होगा और किसानों को सीधे उनके उत्पाद का सही मूल्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस संयंत्र से इंदौर, देवास, उज्जैन, और धार जिलों के हजारों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। दूध उत्पादन, संग्रहण और प्रसंस्करण में आने वाली बाधाओं को यह परियोजना दूर करेगी। उन्होंने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ‘कृषि उद्यमी’ राज्य बन रहा है।”
एफपीओ के माध्यम से 50 लाख किसान जुड़े
मुख्यमंत्री ने बताया कि देशभर में 10 हजार किसान उत्पादक संगठन (FPOs) गठित किए जा चुके हैं, जिनसे करीब 50 लाख किसान जुड़ चुके हैं। इन संगठनों के माध्यम से किसानों को बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
राष्ट्रीय ग्रामीण कृषि मिशन के तहत एक लाख किसानों का प्रमाणन पूरा हो चुका है, जबकि 4275 कृषि मैत्री को भी प्रमाणित किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 10 हजार बहुउद्देशीय पैक्स (PACS) को कंप्यूटराइज करने की मंजूरी दी है, जिससे सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
कृषि में नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू कर चुकी है। इससे किसानों को खेती के साथ-साथ वैकल्पिक आय के स्रोत भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा,
“कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में भी अवसर खोल रही है।”
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे नई तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर ‘आत्मनिर्भर किसान’ बनने की दिशा में आगे बढ़ें।
इंदौर और ग्वालियर सहकारी संघों को जोड़ा गया पैक्स से
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इंदौर और ग्वालियर सहकारी संघों को पैक्स (Primary Agricultural Credit Societies) से जोड़ने की घोषणा की। इसे कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सुधार माना जा रहा है।
इससे सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता, डिजिटल ट्रैकिंग और मार्केट एक्सेस मिलेगा। राज्य सरकार ने यह भी बताया कि जल्द ही हर जिले में डिजिटल सहकारी बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
42,000 करोड़ की कृषि विकास परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि देशभर में लगभग 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की कृषि विकास परियोजनाएं लॉन्च की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की उत्पादकता बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना और कृषि अवसंरचना को मजबूत करना है।
इन परियोजनाओं के तहत जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ड्रिप सिंचाई, और ग्रामीण कृषि भंडारण सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
किसानों में उत्साह, मुख्यमंत्री का सम्मान
कार्यक्रम के बाद इंदौर जिले के किसानों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच और विजन के चलते आज मध्यप्रदेश कृषि विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“प्रधानमंत्री की योजनाएं केवल कागजों पर नहीं रहेंगी, बल्कि इन्हें धरातल पर साकार किया जाएगा। मध्यप्रदेश ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ के क्रियान्वयन में देश का मॉडल राज्य बनेगा।”
आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम
इंदौर में शुरू हुआ यह दुग्ध संयंत्र और कृषि योजनाओं की यह श्रृंखला ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। अब किसानों को न केवल उत्पादन का सही मूल्य मिलेगा, बल्कि उन्हें तकनीकी सहायता, मार्केट एक्सेस और प्रोसेसिंग यूनिट्स के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धा का अवसर भी मिलेगा।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह संयंत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण का केंद्र बनेगा और इंदौर-मालवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई कृषि योजनाएं और इंदौर का 79 करोड़ रुपये का दुग्ध चूर्ण संयंत्र किसानों के जीवन में स्थायी परिवर्तन की शुरुआत है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के शब्दों में –
“अब किसान केवल उपज नहीं उगाएगा, बल्कि अपने भविष्य का निर्माण करेगा। मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर किसान और सशक्त भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
