Petrol Filling Tips: ₹100 या ₹500 का पेट्रोल? जानें कौन-सा विकल्प बेहतर और पंप पर कैसे रहें सुरक्षित
वाहन चालकों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि पेट्रोल पंप पर हर बार ₹100 का पेट्रोल भरवाना बेहतर है या ₹500 का। कुछ लोग खर्च पर नियंत्रण रखने के लिए कम रकम का पेट्रोल डलवाते हैं, जबकि दूसरे एक बार में ज्यादा पेट्रोल भरवाकर बार-बार पंप जाने से बचना चाहते हैं। इसका सीधा जवाब यह है कि पेट्रोल की गुणवत्ता या वाहन का माइलेज केवल इस बात से तय नहीं होता कि आपने ₹100 का ईंधन लिया या ₹500 का। एक ही पंप पर एक ही कीमत के हिसाब से रकम बढ़ने पर मिलने वाले पेट्रोल की मात्रा बढ़ती है। इसलिए चुनाव आपकी जरूरत, बजट और रोजाना चलने की दूरी के अनुसार करना चाहिए।
₹100 और ₹500 में असली फर्क क्या है?
पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर के हिसाब से तय होती है। पंप पर मशीन में दर्ज रकम के अनुसार पेट्रोल दिया जाता है। समान दर पर ₹500 में ₹100 के मुकाबले ज्यादा लीटर पेट्रोल मिलेगा। वाहन की खपत मुख्य रूप से इंजन, वाहन की स्थिति, टायरों में हवा, रखरखाव, रास्ते और ड्राइविंग के तरीके पर निर्भर करती है। सिर्फ छोटी या बड़ी रकम का पेट्रोल भरवाने से वाहन का माइलेज अपने आप नहीं बढ़ता।
अगर आपका वाहन रोज कम दूरी तय करता है और खर्च को रोजाना या साप्ताहिक बजट में रखना आसान है, तो कम रकम का पेट्रोल भरवाना आपकी जरूरत के अनुकूल हो सकता है। वहीं, रोज लंबी दूरी तय करने वालों के लिए एक बार में अधिक पेट्रोल लेना सुविधाजनक हो सकता है, क्योंकि इससे बार-बार पेट्रोल पंप जाने की जरूरत कम पड़ सकती है। लेकिन यह सुविधा का फर्क है, ईंधन की बचत का कोई अलग नियम नहीं।
कितना पेट्रोल भरवाना है, यह कैसे तय करें?
सबसे पहले अपनी रोजाना की यात्रा और वाहन के ईंधन टैंक की क्षमता देखें। यदि आपको रोज काम, पढ़ाई या अन्य जरूरी कामों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, तो बार-बार कम मात्रा भरवाने की बजाय अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त पेट्रोल लेना व्यावहारिक हो सकता है। दूसरी ओर, यदि वाहन कभी-कभार चलता है या आप खर्च सीमित रखना चाहते हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार कम रकम का पेट्रोल लिया जा सकता है।
पेट्रोल खत्म होने तक वाहन चलाते रहने से बचें। जरूरत के मुताबिक ईंधन भरवाएं और वाहन के निर्माता की बताई गई टैंक क्षमता का ध्यान रखें। फ्यूल नोजल अपने आप बंद हो जाए तो उसके बाद टैंक में और पेट्रोल भरवाने की कोशिश न करें। वाहन निर्माता की निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन भरना या बार-बार ऊपर तक भरवाना उचित नहीं है।
पेट्रोल पंप पर मीटर जरूर देखें
पेट्रोल भरवाने से पहले मशीन का मीटर शून्य पर सेट है या नहीं, यह देख लें। रकम या लीटर में पेट्रोल लेने के लिए कर्मचारी को साफ बताएं कि आप कितना ईंधन भरवाना चाहते हैं। भराई पूरी होने के बाद मीटर पर दिखाई गई रकम और मात्रा जांचें। यदि भुगतान नकद, कार्ड या डिजिटल माध्यम से कर रहे हैं, तो भुगतान के बाद रसीद लेना न भूलें।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ग्राहक चार्टर के अनुसार, ग्राहक को डिलीवरी शुरू होने से पहले मीटर शून्य पर होने और ईंधन भरने के बाद अंतिम रीडिंग की जांच करनी चाहिए। चार्टर में यह भी बताया गया है कि ग्राहक जरूरत पड़ने पर पंप पर उपलब्ध सत्यापित पांच लीटर माप से मात्रा की जांच का अनुरोध कर सकते हैं। पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो पंप कर्मचारी से उपलब्ध जांच प्रक्रिया के बारे में पूछें।
सुरक्षा के इन नियमों का पालन करें
ईंधन भरवाते समय वाहन का इंजन बंद रखें। पेट्रोल पंप पर धूम्रपान, खुली आग और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचें। नोजल वाहन से हटाए जाने से पहले वाहन स्टार्ट न करें और वहां से न चलें। पेट्रोल छलक जाए या रिसाव दिखे तो वाहन स्टार्ट करने के बजाय पंप कर्मचारियों को तुरंत बताएं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड के रिटेल आउटलेट सुरक्षा नियमों में ईंधन भरने के दौरान इंजन चालू करने, धूम्रपान करने, खुली लौ का इस्तेमाल करने और मोबाइल फोन चलाने से मना किया गया है। नियम यह भी कहते हैं कि नोजल वाहन के फ्यूल टैंक से हटाए जाने के बाद ही वाहन चलाना चाहिए। रिसाव, ओवरफ्लो, धुआं या आग दिखाई दे तो डिस्पेंसर का इमरजेंसी स्टॉप बटन दबाने की व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है।
