Petrol-Diesel के दाम स्थिर, पश्चिम Asia संकट के बीच ईंधन कीमतों पर बढ़ा दबाव
देश में 14 मई को Petrol-Diesel की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम Asia में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने ऊर्जा बाजार को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। होर्मुज स्ट्रेट और ईरान-अमेरिका वार्ता से जुड़ी अस्थिरता के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया है कि यदि पश्चिम एशिया में संकट लंबा चलता है, तो ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ धीरे-धीरे उपभोक्ताओं पर डाला जा सकता है।
RBI गवर्नर का बयान: कीमतों में बढ़ोतरी संभव
एक कार्यक्रम के दौरान आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी तनाव यदि लंबे समय तक बना रहता है, तो इसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ सकता है। उनके अनुसार, सरकार को अंततः बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा बाजार में पास-थ्रू करना पड़ सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी के आयात पर टैरिफ बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य भारतीय रुपये को समर्थन देना और देश के बढ़ते चालू खाता घाटे (CAD) को नियंत्रित करना है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की स्थिति
पिछले कुछ महीनों में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार, क्रूड ऑयल की कीमतें 75 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर कभी-कभी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार भी पहुंच गई हैं।
इस अस्थिरता ने तेल आयात पर निर्भर देशों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर भारत जैसे देशों के लिए, जहां आयात बिल पहले से ही बड़ा दबाव बना हुआ है।
होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक तेल मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा वैश्विक सप्लाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
Petrol-Diesel की मौजूदा कीमतें
सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल खुदरा ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश के प्रमुख शहरों में दरें इस प्रकार रहीं:
- दिल्ली: पेट्रोल 94.77 रुपये, डीजल 87.67 रुपये
- मुंबई: पेट्रोल 103.54 रुपये, डीजल 90.03 रुपये
- कोलकाता: पेट्रोल 105.45 रुपये, डीजल 92.02 रुपये
- चेन्नई: पेट्रोल 100.80 रुपये, डीजल 92.39 रुपये
- बेंगलुरु: पेट्रोल 102.92 रुपये, डीजल 90.99 रुपये
- देहरादून: पेट्रोल 93.17 रुपये, डीजल 88.01 रुपये
- फतेहाबाद: पेट्रोल 97.09 रुपये, डीजल 89.56 रुपये
- गोवा (पणजी): पेट्रोल 95.51 रुपये, डीजल 88.07 रुपये
- लेह: पेट्रोल 105.99 रुपये, डीजल 91.46 रुपये
हालांकि वैश्विक बाजार के दबाव के बावजूद कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन आगे स्थिति बदल सकती है।
तेल कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव
देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां—Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited—इस समय भारी वित्तीय दबाव में हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन कंपनियों को हर महीने लगभग 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। यह नुकसान कच्चे तेल की बढ़ती लागत और घरेलू बाजार में नियंत्रित कीमतों के बीच अंतर (under-recovery) के कारण हो रहा है।
तेल कंपनियां फिलहाल इस घाटे को खुद वहन कर रही हैं, लेकिन लंबे समय तक यह स्थिति टिकाऊ नहीं मानी जा रही है।
सरकार के कदम और राहत उपाय
तेल कंपनियों के नुकसान को देखते हुए सरकार ने पहले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। इस कदम से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह राहत सीमित साबित हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें इसी तरह बनी रहती हैं, तो सरकार को भविष्य में ईंधन कीमतों में संशोधन करना पड़ सकता है।
महंगाई पर संभावित असर
ईंधन की कीमतें सीधे तौर पर महंगाई को प्रभावित करती हैं। ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक के दामों पर असर पड़ता है।
यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका प्रभाव खुदरा महंगाई दर पर भी देखने को मिल सकता है।
आगे की स्थिति कैसी रह सकती है?
फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी त्वरित बदलाव से बचा जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम और तेल आपूर्ति की स्थिति ईंधन कीमतों की दिशा तय करेंगे।
निष्कर्ष
पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी स्थिर हैं, लेकिन वैश्विक संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के ऊर्जा बाजार पर लगातार दबाव बना रही हैं। आरबीआई गवर्नर के बयान ने यह संकेत दिया है कि यदि स्थिति लंबी खिंचती है, तो उपभोक्ताओं को भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल स्थिति स्थिर है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है और आने वाले दिनों में ईंधन बाजार पर सबकी नजर टिकी रहेगी।
