US-Iran तनाव से कच्चे तेल में 6% उछाल, भारत में Petrol-Diesel सस्ता होने की उम्मीद कम
जंग की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़े तेल के दाम
नई दिल्ली। US-Iran के बीच फिर बढ़े तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है। बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष की आशंका बढ़ने के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है, जिसके चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक उछाल आया।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4.58 डॉलर यानी 6.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78.66 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 4.22 डॉलर यानी करीब 6 प्रतिशत की तेजी के साथ 74.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख बेंचमार्क 23 जून के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
Petrol-Diesel के दामों में राहत की उम्मीद को झटका
कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट के बाद भारत में Petrol-Diesel के दाम कम होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव के कारण अब इन उम्मीदों पर असर पड़ा है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25 मई के बाद से स्थिर बनी हुई हैं। इससे पहले सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है।
- मुंबई में पेट्रोल: 111.21 रुपये प्रति लीटर, डीजल: 97.83 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता में पेट्रोल: 113.51 रुपये प्रति लीटर, डीजल: 99.82 रुपये प्रति लीटर
- चेन्नई में पेट्रोल: 107.77 रुपये प्रति लीटर, डीजल: 99.55 रुपये प्रति लीटर
- अहमदाबाद में पेट्रोल: 101.70 रुपये प्रति लीटर, डीजल: 97.84 रुपये प्रति लीटर
- पटना में पेट्रोल: 113.35 रुपये प्रति लीटर, डीजल: 99.36 रुपये प्रति लीटर
- पुणे में पेट्रोल: 111.52 रुपये प्रति लीटर, डीजल: 98.15 रुपये प्रति लीटर
- तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल: 115.49 रुपये प्रति लीटर, डीजल: 104.40 रुपये प्रति लीटर
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी बाजार की चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर दिया गया बयान माना जा रहा है। नाटो समिट के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है।
उन्होंने ईरान के साथ बातचीत को लेकर भी निराशा जताई और कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बातचीत का कोई खास फायदा नहीं दिख रहा है। ट्रंप के इस बयान के बाद बाजार में यह चिंता बढ़ गई कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इससे दुनिया भर में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने का सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों पर पड़ता है।
जब कंपनियों के लिए कच्चा तेल महंगा होता है तो इसका असर घरेलू ईंधन कीमतों पर भी पड़ सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं और लंबे समय तक 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहीं, तो आने वाले समय में भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की संभावना बन सकती है।
आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ईंधन महंगा होने पर परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों, सामानों की ढुलाई और अन्य सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
ऐसे में सरकार और तेल कंपनियों की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है।
आगे बाजार की दिशा पर रहेगी नजर
फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक बाजार की स्थिति आगे कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है तो तेल बाजार में राहत आ सकती है, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
