Parsoul से राजघाट तक 19 किमी सड़क का होगा कायाकल्प, 30.71 करोड़ की लागत से बनेगा टू-लेन मार्ग
अशोकनगर जिले के नागरिकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी परसौल से राजघाट तक की सड़क अब पूरी तरह नए रूप में नजर आएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा इस मार्ग के चौड़ीकरण और उन्नयन की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सड़क को टू-लेन में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
19.34 किलोमीटर लंबी सड़क पर 30.71 करोड़ रुपये का निवेश
Parsoul से राजघाट तक बनने वाली इस सड़क की कुल लंबाई 19.34 किलोमीटर होगी। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, इस परियोजना पर लगभग 30.71 करोड़ रुपये की लागत आएगी। विभाग ने परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और संबंधित ठेकेदार को वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मानसून समाप्त होते ही निर्माण कार्य को तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि बारिश के कारण मिट्टी कार्य, बेस निर्माण और डामरीकरण में किसी तरह की तकनीकी या गुणवत्ता संबंधी समस्या न आए। विभाग का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव
Parsoul से राजघाट तक का यह मार्ग यातायात और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह सड़क चंदेरी और मुंगावली विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ती है। साथ ही, यह मार्ग अशोकनगर जिले को उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग भी है।
वर्तमान समय में इस सड़क की हालत बेहद खराब है। कई स्थानों पर सड़क इतनी संकरी है कि दो वाहन एक साथ निकल नहीं पाते। जगह-जगह गड्ढे, उखड़ा हुआ डामर और बिखरी हुई गिट्टियां वाहन चालकों के लिए रोज़ की परेशानी बनी हुई हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर बनेगी आधुनिक टू-लेन सड़क
नई योजना के तहत सड़क की संरचना में बड़ा बदलाव किया जाएगा। अभी यह सड़क केवल 3.75 मीटर चौड़ी है, जिसे बढ़ाकर 7 मीटर चौड़ा टू-लेन मार्ग बनाया जाएगा। इसके साथ ही सड़क के दोनों ओर 1.5-1.5 मीटर चौड़ी साइड पटरी (बरम) का भी निर्माण किया जाएगा।
इससे बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी, ओवरटेकिंग में सुविधा मिलेगी और सड़क हादसों की संभावना में भी कमी आएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह बदलाव खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाना पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा।
पुल-पुलियों का भी होगा पुनर्निर्माण
सिर्फ सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि इस मार्ग पर मौजूद पुल-पुलियों को भी नया रूप दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, परसौल से राजघाट तक के इस 19 किलोमीटर लंबे हिस्से में कुल 28 छोटी पुलियां हैं, जिनका पुनर्निर्माण किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, मार्ग पर स्थित दो बड़े और मध्यम आकार के पुलों का भी निर्माण प्रस्तावित है। इससे बरसात के मौसम में जलभराव या पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण सड़क बंद होने की समस्या से राहत मिलेगी। भारी वाहनों के लिए भी यह मार्ग सालभर सुरक्षित और सुचारु बना रहेगा।
ग्रामीणों, व्यापारियों और यात्रियों को मिलेगी सीधी राहत
इस सड़क की बदहाली का असर सीधे-सीधे स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों, छात्रों और रोज़ाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ रहा था। कई गांवों के लोग इस मार्ग का उपयोग स्कूल, अस्पताल, तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए करते हैं।
नई सड़क बनने से:
- यात्रा का समय कम होगा
- वाहनों की ईंधन खपत घटेगी
- वाहन मरम्मत पर आने वाला खर्च कम होगा
- आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
Parsoul -राजघाट मार्ग राजघाट बांध और चंदेरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ता है। खराब सड़क के कारण पर्यटक इन क्षेत्रों में आने से कतराते थे। टू-लेन सड़क बनने के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।
होटल, ढाबे, छोटे व्यापार और परिवहन सेवाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
गुणवत्ता पर रहेगा विशेष ध्यान
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सड़क निर्माण में मानक सामग्री, मजबूत बेस और टिकाऊ डामर का उपयोग किया जाएगा। विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, बारिश के बाद काम शुरू करने का निर्णय पूरी तरह तकनीकी दृष्टि से लिया गया है, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता न पड़े।
निष्कर्ष
Parsoul से राजघाट तक बनने वाली यह 19.34 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क अशोकनगर जिले के लिए विकास की नई राह खोलेगी। 30.71 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना न केवल आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, पर्यटन, व्यापार और ग्रामीण विकास को भी नई गति देगी।
स्थानीय लोगों को अब उस दिन का इंतजार है, जब जर्जर और खस्ताहाल सड़क की जगह एक आधुनिक, सुरक्षित और सुगम मार्ग उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाएगा।

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