स्वर्ण पालकी में निकले भगवान पार्श्वनाथ, ग्वालियर दुर्ग पर लगा वार्षिक जैन मेला
ग्वालियर संभाग और आसपास के जिलों से पहुंचे श्रद्धालु, भजन-कीर्तन के साथ हुए भक्ति नृत्य
ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग परिसर में मंगलवार को वार्षिक जैन मेले का आयोजन किया गया। मेले में ग्वालियर शहर के साथ आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा स्वर्ण पालकी में विराजित कर भक्ति, संगीत और जयकारों के साथ मेला स्थल तक लाई गई। मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीशचंद्र जैन ठेकेदार के अनुसार, यहां करीब 250 वर्षों से मेले के आयोजन की परंपरा चली आ रही है।
मेले के लिए उपनगर ग्वालियर में किलागेट स्थित सोड़ा का कुआं के पास दिगंबर जैन वासुपूज्य पंचायती जैन मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा को स्वर्ण पालकी में विराजित किया गया। श्रद्धालु गाजे-बाजे, भजन और जयकारों के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए।
तीनों घाटियों से होकर पहुंची शोभायात्रा
श्रीजी की शोभायात्रा ग्वालियर दुर्ग की तीनों घाटियों से होकर उरवाई गेट की तलहटी में स्थित मेला स्थल पहुंची। वहां भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा को समवशरण में विराजित किया गया। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की। धार्मिक आयोजन के दौरान किले का परिसर भगवान पार्श्वनाथ के जयकारों और भक्ति संगीत से गूंजता रहा।
मेले में संगीतकार शुभम जैन सैमी ने संगीतमय भजनों की प्रस्तुति दी। जैन समाज के लोगों ने भजनों के साथ भक्ति नृत्य किया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में भाग लेकर भगवान पार्श्वनाथ की आराधना की और परिवार तथा समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूजा-अर्चना और कलशाभिषेक
भगवान पार्श्वनाथ की पूजा-अर्चना के बाद समीर जैन और संगम जैन परिवार ने कलशाभिषेक किया। श्रीजी की फूलमाला का लाभ ओमप्रकाश और नवीन कुमार जैन परिवार ने लिया। आयोजन में मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीशचंद्र जैन ठेकेदार, मंत्री नेमीचंद्र जैन, महेश जैन, सुरेशचंद्र जैन, राजेंद्र जैन और हरीश जैन सहित समाज के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
आसपास के जिलों से पहुंचे श्रद्धालु
प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि वार्षिक जैन मेले में ग्वालियर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से समाजजन पहुंचे। भिंड, मुरैना, गोहद, मेहगांव, मौ, मालनपुर, शिवपुरी और डबरा सहित कई स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन किए और पूजन-अर्चना में भाग लिया।
श्रद्धालुओं की भागीदारी के चलते मेले में पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा। शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने शोभायात्रा के साथ मेला स्थल पर पहुंचकर भक्ति कार्यक्रमों में सहभागिता की। आयोजन में पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों के साथ भजन और नृत्य ने भी श्रद्धालुओं को जोड़े रखा।
