जिनालय का 26वां वार्षिक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा
राजेश जैन दद्दू
Indore : स्कीम 78 स्थित श्री पार्श्वनाथ जिनालय, जिसे स्थानीय रूप से सलैया वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, का 26वां वार्षिक महोत्सव दिनांक 29 अप्रैल, बुधवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह महोत्सव दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें परमपूज्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज, मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज ससंघ एवं बालब्रह्मचारी सुनील भैया के निर्देशन में विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि यह वार्षिक महोत्सव हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे विधि-विधान और आध्यात्मिक वातावरण के साथ संपन्न होगा। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस पुण्य अवसर का लाभ प्राप्त कर सकें।
प्रातःकालीन धार्मिक कार्यक्रमों का विशेष महत्व
महोत्सव के दिन प्रातः 7:30 बजे से भगवान पार्श्वनाथ का महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। यह अभिषेक जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी अनुष्ठान माना जाता है, जिसमें श्रद्धालु भगवान की प्रतिमा का जल, दूध, केसर और अन्य पवित्र द्रव्यों से अभिषेक करते हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से भक्त अपने मन, वचन और कर्म की शुद्धि का प्रयास करते हैं।
महामस्तकाभिषेक के पश्चात श्री पार्श्वनाथ विधान का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विधिपूर्वक पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। यह विधान जैन धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है और इसे करने से आत्मिक शांति तथा पुण्य की प्राप्ति होती है।
मुनि श्री के मंगल प्रवचन (देशना)
महोत्सव के दौरान परमपूज्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज द्वारा मंगल देशना प्रदान की जाएगी। उनके प्रवचनों में जीवन के नैतिक मूल्यों, अहिंसा, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा।
मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज ससंघ की उपस्थिति इस आयोजन को और भी गरिमामय बनाएगी। उनके सान्निध्य में श्रद्धालु धर्म, अध्यात्म और जीवन के गूढ़ तत्वों को समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।
बालब्रह्मचारी सुनील भैया के निर्देशन में पूरे आयोजन की व्यवस्था सुव्यवस्थित ढंग से की जा रही है, जिससे कार्यक्रम में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सहज और आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।
समाजजनों से सहभागिता का आग्रह
आयोजक संजय अहिंसा ने समस्त समाजजनों से सविनय निवेदन करते हुए कहा है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस महोत्सव में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।
इस महोत्सव में भाग लेकर श्रद्धालु न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का लाभ प्राप्त करेंगे, बल्कि संतों के सान्निध्य में जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली शिक्षाओं को भी आत्मसात कर सकेंगे।
विभिन्न संगठनों का सहयोग
इस भव्य आयोजन का संचालन सकल दिगंबर जैन समाज, 78 सोशल ग्रुप अहिंसा, समस्त महिला मंडल एवं पूर्वोत्तर इंदौर जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इन सभी संगठनों के समन्वय और सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है।
महिला मंडल की सहभागिता इस आयोजन को विशेष रूप से सशक्त बनाती है, क्योंकि वे पूजा-अर्चना, स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं युवा और सामाजिक समूह भी आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
आध्यात्मिक वातावरण और सामूहिक भावना
इस प्रकार के धार्मिक महोत्सव केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह समाज में सामूहिक भावना, सहयोग और संस्कारों को भी मजबूत करते हैं। जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ मिलकर भगवान की आराधना करते हैं, तो एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
श्री पार्श्वनाथ जिनालय में आयोजित होने वाला यह 26वां वार्षिक महोत्सव भी इसी भावना को सुदृढ़ करेगा। यहां आने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति का अनुभव करेंगे और अपने जीवन में धर्म के महत्व को और गहराई से समझ पाएंगे।
निष्कर्ष
इंदौर के स्कीम 78 स्थित श्री पार्श्वनाथ जिनालय का 26वां वार्षिक महोत्सव एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें श्रद्धालुओं को भक्ति, साधना और संतों के सान्निध्य का अनमोल अवसर प्राप्त होगा। 29 अप्रैल को आयोजित होने वाला यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता और आध्यात्मिक जागरूकता का भी संदेश देता है।
सभी समाजजनों से आग्रह है कि वे इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर भगवान पार्श्वनाथ की आराधना करें और अपने जीवन को धर्ममय एवं सार्थक बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएं।
