शासकीय हाई स्कूल चुपाड़िया में पालक-शिक्षक बैठक आयोजित, तहसीलदार ने किया विद्यालय का अवलोकन
संवाददाता : अनीस कुमार
विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति और आगामी परीक्षाओं की तैयारियों पर हुई चर्चा
चुपाड़िया। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शासकीय हाई स्कूल चुपाड़िया में शनिवार को पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा 10वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई, नियमित उपस्थिति, व्यक्तिगत दक्षता और शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। बैठक में शिक्षकों ने अभिभावकों से विद्यार्थियों की पढ़ाई से संबंधित आवश्यक जानकारी साझा की।
शैक्षणिक प्रगति और उपस्थिति पर हुआ मंथन
पालक-शिक्षक बैठक के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और उनकी प्रगति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों ने अभिभावकों को विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति के महत्व से अवगत कराया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों की व्यक्तिगत क्षमताओं, उनकी रुचियों और पढ़ाई के दौरान सामने आने वाली समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। अभिभावकों ने भी अपने सुझाव शिक्षकों के समक्ष रखे और बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए विद्यालय के साथ मिलकर कार्य करने की बात कही।
आगामी परीक्षाओं की तैयारी पर चर्चा
बैठक में आगामी परीक्षाओं को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी, नियमित अध्ययन और समय प्रबंधन को लेकर अभिभावकों को आवश्यक सुझाव दिए।
विद्यालय की आगामी शैक्षणिक कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श हुआ। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों की बेहतर शैक्षणिक उपलब्धि के लिए विद्यालय और परिवार दोनों की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण है।
तहसीलदार रामलाल पगारे ने किया विद्यालय का अवलोकन
इस अवसर पर आष्टा तहसीलदार रामलाल पगारे ने विद्यालय पहुंचकर पालक-शिक्षक बैठक का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
तहसीलदार श्री पगारे ने नर्सरी कक्षा के छोटे-छोटे बच्चों से आत्मीयता के साथ संवाद किया। उन्होंने बच्चों से विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रश्न पूछे और उनकी जिज्ञासा एवं उत्सुकता को देखा। बच्चों द्वारा दिए गए उत्तरों से प्रभावित होकर उन्होंने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।
बच्चों के विकास में परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण
तहसीलदार रामलाल पगारे ने बैठक में उपस्थित अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में विद्यालय के साथ-साथ परिवार की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई पर नियमित रूप से ध्यान दें तथा उनकी शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी लेते रहें। बच्चों को पढ़ाई के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी रुचि और प्रतिभा को समझना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को विद्यालय में शिक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन घर पर अभिभावकों का मार्गदर्शन बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
विद्यालय के प्रयासों की सराहना
तहसीलदार ने विद्यालय के शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम के लिए शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी तीनों के बीच निरंतर संवाद और समन्वय आवश्यक है।
पालक-शिक्षक बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों की आवश्यकताओं और उनकी प्रगति को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।
बड़ी संख्या में शिक्षक और अभिभावक रहे उपस्थित
कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रमुख कैलाश परिहार ने तहसीलदार रामलाल पगारे सहित उपस्थित सभी अभिभावकों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में विद्यालय के शिक्षक इन्दर सिंह ठाकुर, अर्जुन गुनावदिया, जितेन्द्र ठाकुर, राजेन्द्र सिंह ठाकुर, राजेन्द्र सिंह वर्मा, दिनेश मेवाड़ा, सुनील मालवीय एवं दीपमाला कोली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और अभिभावक उपस्थित रहे।
पालक-शिक्षक बैठक के माध्यम से विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की सहभागिता को और मजबूत करने का संदेश दिया।
