पन्ना बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारी को लेकर कलेक्टर ऊषा परमार ने सभी विभागों को संभावित बाढ़, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समय पूर्व आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। बैठक में एसपी निवेदिता नायडू, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।
पन्ना बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारी: कलेक्टर ऊषा परमार का बड़ा निर्देश, संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी विभागों को समय पूर्व तैयार रहने के आदेश
रिपोर्ट: जिला ब्यूरो पन्ना – बृजभान पटेल
पन्ना बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारी
पन्ना। पन्ना बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारी को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर ऊषा परमार ने वर्षाकाल में संभावित बाढ़ आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को समय पूर्व आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं गांवों में जनहानि रोकने, राहत एवं बचाव कार्यों को मजबूत करने तथा वर्षाजनित बीमारियों से बचाव के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारी बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की तथा कार्ययोजना के अनुसार आवश्यक कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
पन्ना बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारी पर कलेक्टर ऊषा परमार के निर्देश
कलेक्टर ऊषा परमार ने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय होना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी तरह अलर्ट रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएं।उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ वाले गांवों एवं क्षेत्रों की पहचान कर वहां पहले से वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश
पन्ना बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारी बैठक में कलेक्टर ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में सबसे पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए।उन्होंने निर्देश दिए कि—
- सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए।
- आपात सूचना मिलते ही तत्काल राहत दल सक्रिय हों।
- सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
- राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण रखा जाए।
- बचाव दलों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
डूब प्रभावित क्षेत्रों में पहले से रहें तैयार
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित डूब प्रभावित गांवों में पहले से निगरानी रखी जाए।उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर बढ़ने की संभावना हो तो प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए तथा अस्थायी राहत शिविरों की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।इसके साथ ही पेयजल, भोजन, दवाइयों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सड़कों की मरम्मत और वैकल्पिक मार्ग तैयार रखें
बैठक में लोक निर्माण विभाग तथा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वर्षा के दौरान आवागमन बाधित न हो, इसके लिए आवश्यक सड़क मरम्मत कार्य समय पर पूरे किए जाएं।जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने की संभावना है वहां पहले से वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया।
सिल्वर फॉल और बृहस्पति कुंड पर विशेष निगरानी
कलेक्टर ऊषा परमार ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों सिल्वर फॉल और बृहस्पति कुंड पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है, इसलिए पुलिस, राजस्व एवं संबंधित विभाग लगातार निगरानी रखें तथा आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करें।
वर्षाजनित बीमारियों से बचाव के निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि वर्षा ऋतु में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाइयों का भंडारण रखा जाए।इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य दल सक्रिय रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में सही समय पर सूचना मिलना सबसे महत्वपूर्ण है।उन्होंने निर्देश दिए कि—
- कंट्रोल रूम सक्रिय रखा जाए।
- सभी अधिकारियों के मोबाइल नंबर अपडेट रहें।
- राजस्व, पुलिस एवं पंचायत स्तर पर लगातार संपर्क बना रहे।
- ग्राम स्तर पर भी सूचना प्रणाली मजबूत बनाई जाए।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में—
- पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू
- जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी
- अपर कलेक्टर मधुवंतराव धुर्वे
- जिले के सभी एसडीएम
- सभी तहसीलदार
- जनपद पंचायत सीईओ
- संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की।
निष्कर्ष
पन्ना बाढ़ आपदा प्रबंधन तैयारी को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। कलेक्टर ऊषा परमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्षाकाल के दौरान संभावित बाढ़, जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग समय पूर्व अपनी तैयारियां पूरी करें। राहत एवं बचाव कार्यों, सड़क मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं, सूचना तंत्र और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

