पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव इंदौर में घटयात्रा और ध्वजारोहण के साथ भव्य शुरुआत, मुनि संघ के सानिध्य में धार्मिक उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम।
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव इंदौर की शुरुआत
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव इंदौर का शुभारंभ अत्यंत भव्य, दिव्य और आध्यात्मिक वातावरण में घटयात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। इंदौर के मल्हारगंज स्थित दिगंबर जैन चंद्रप्रभु जिनालय में विराजित होने वाली 24 रजतमयी प्रतिमाओं के इस प्रतिष्ठा महोत्सव ने पूरे शहर को धार्मिक ऊर्जा से भर दिया।इस पावन अवसर पर मुनि श्री विमल सागर जी एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजन प्रारंभ हुआ, जिसने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।
घटयात्रा का भव्य आयोजन
शोभायात्रा और धार्मिक उत्साह
घटयात्रा के साथ-साथ श्रीजी की शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें भक्तगण भक्ति में लीन होकर शामिल हुए। हर ओर “जय जिनेंद्र” और धार्मिक जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी।पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव इंदौर के इस आयोजन ने समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया और धार्मिक एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
ध्वजारोहण का महत्व
महोत्सव स्थल दलाल बाग पहुंचने के पश्चात ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्री आकाश दीपिका कोल द्वारा मंडप उद्घाटन किया गया, जबकि बीड़ी वाला परिवार के राजीव मीना जैन एवं आजाद रवि देवी जैन द्वारा ध्वजारोहण कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया।जैसे ही ध्वजा ईशान (उत्तर-पूर्व) दिशा की ओर फहराई गई, उपस्थित दर्शकों ने करतल ध्वनि से वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया। यह क्षण अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण था।
प्रमुख अतिथियों की भूमिका
इस अवसर पर अनेक प्रमुख व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आचार्य श्री के चित्र का अनावरण अनिल आरती जैन परिवार द्वारा किया गया।आचार्य विद्यासमय सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन चंद्रप्रभु जिनालय ट्रस्ट एवं परवार समाज के अध्यक्ष राजेश अल्पना लॉरेल तथा महामंत्री राजेंद्र संध्या जैन अलबेला परिवार द्वारा किया गया।प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी विनय भैया बंडा द्वारा सभी विधि-विधान संपन्न किए गए।
मुनि श्री के आशीर्वचन
इस अवसर पर मुनि श्री विमल सागर जी एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव इंदौर के महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि पंचकल्याणक केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मोक्ष मार्ग की प्रेरणा का माध्यम है। उनके आशीर्वचन ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
समाज की सहभागिता
इस महोत्सव में समाज के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने सहभागिता की। रजत मूर्ति प्रदाता एवं रजत सिंहासन दाता के रूप में एमके जैन भरतेश बड़कुल, शरद रावत, हेमंत मोदी, राकेश चेतक, डॉक्टर जैनेंद्र जैन, भूपेंद्र जैन, कमल जैन, अरविंद, अखिलेश सोधिया, श्रुत जैन, श्रीमती मुक्ता, श्रीमती रजनी, संमता सोधिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव इंदौर का आयोजन जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भगवान के पाँच कल्याणकों—गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्ष—का प्रतीक होता है।यह आयोजन हमें धर्म, संयम और आत्मचिंतन की प्रेरणा देता है। समाज में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
निष्कर्ष
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव इंदौर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने, आध्यात्मिक चेतना जगाने और धर्म के मूल सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का एक सशक्त माध्यम है।इस भव्य आयोजन ने इंदौर शहर को भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के रंग में रंग दिया। आने वाले दिनों में भी यह महोत्सव समाज को प्रेरित करता रहेगा।

