पालीताणा नवाणु यात्रा पूर्ण कर लौटे बड़नगर के बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ आराधकों का भव्य स्वागत किया गया। 45 दिनों की कठिन साधना, 3,700 सीढ़ियों की यात्राएं और ऐतिहासिक चल समारोह ने पूरे नगर को धर्ममय बना दिया।
पालीताणा नवाणु यात्रा: 45 दिनों की साधना के बाद बड़नगर में नन्हे तपस्वियों का भव्य सम्मान
बड़नगर। पालीताणा नवाणु यात्रा पूर्ण कर लौटे नगर के बच्चों, युवाओं एवं वरिष्ठ आराधकों का बड़नगर में अभूतपूर्व स्वागत किया गया। जैन समाज के लिए यह अवसर केवल एक धार्मिक यात्रा की पूर्णता नहीं बल्कि श्रद्धा, तप, त्याग और संस्कारों के गौरव का उत्सव बन गया। नगर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने नवाणु यात्रा पूर्ण करने वाले आराधकों का सम्मान कर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
पालीताणा नवाणु यात्रा का महत्व
पालीताणा नवाणु यात्रा जैन धर्म की सबसे महत्वपूर्ण और कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। गुजरात स्थित पालीताणा का शत्रुंजय गिरिराज विश्वभर के जैन श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हजारों मंदिर स्थित हैं और इसे मोक्षभूमि माना जाता है।
नवाणु यात्रा के अंतर्गत श्रद्धालु निर्धारित अवधि में अनेक बार गिरिराज पर्वत की यात्रा कर आध्यात्मिक साधना करते हैं। यह यात्रा केवल शारीरिक परिश्रम नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और कर्म निर्जरा का माध्यम मानी जाती है।
45 दिनों की कठिन साधना ने बढ़ाया समाज का गौरव
इस बार बड़नगर के बच्चों, युवाओं और वरिष्ठजनों ने 45 दिनों में पालीताणा नवाणु यात्रा पूर्ण कर नगर का नाम गौरवान्वित किया। भीषण गर्मी के बावजूद आराधकों ने प्रतिदिन लगभग 3,700 सीढ़ियों वाले शत्रुंजय गिरिराज की कठिन चढ़ाई कर अनुशासन, श्रद्धा और तपस्या का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
विशेष बात यह रही कि जहां आज अधिकांश बच्चे और युवा मोबाइल तथा सोशल मीडिया में व्यस्त दिखाई देते हैं, वहीं इन नन्हे तपस्वियों ने धार्मिक संस्कारों और साधना के मार्ग को अपनाकर समाज के सामने प्रेरणादायी मिसाल पेश की।
पालीताणा नवाणु यात्रा पूर्ण कर लौटे आराधकों का भव्य स्वागत
आराधकों के बड़नगर लौटने पर नवाणु यात्रा परिवार के नेतृत्व में स्थानीय राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर से भव्य चल समारोह निकाला गया।चल समारोह में बग्गियों पर विराजित नन्हे तपस्वियों का नगरवासियों ने जगह-जगह स्वागत किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर आराधकों का अभिनंदन किया। जय जिनेंद्र और तपस्वियों के जयघोष से पूरा नगर धर्ममय वातावरण में डूब गया।
नगर के प्रमुख मार्गों से निकला ऐतिहासिक वरघोड़ा
भव्य वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकला। श्रद्धालुओं और समाजजनों ने जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए। महिलाओं ने मंगल गीत गाए और युवाओं ने धार्मिक ध्वजों के साथ यात्रा में भाग लिया।धार्मिक उत्साह का ऐसा दृश्य लंबे समय बाद देखने को मिला। नगर के प्रत्येक वर्ग के लोगों ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
सम्मान समारोह में हुआ आत्मीय बहुमान
चल समारोह के पश्चात विशाल सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में चैतन्य कश्यप एवं भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश धाकड़ उपस्थित रहे।विशिष्ट अतिथियों में नगर पालिका अध्यक्ष अभय टोंग्या, विधायक प्रतिनिधि भूपेंद्र पंड्या, श्रीसंघ अध्यक्ष पुखराज सियाल, विजय कुमार चंडालिया एवं प्रदीप बुरड़ उपस्थित रहे।स्वागत उद्बोधन विनायक कोठारी ने दिया और सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।
साध्वी चारित्र कला जी ने दिया प्रेरक संदेश
इस अवसर पर पूज्य साध्वी चारित्र कला जी महाराज साहब ने अपने प्रेरक प्रवचन में कहा कि पालीताणा नवाणु यात्रा पूर्ण करने वाले आराधकों ने श्रद्धा, समर्पण और धार्मिक संस्कारों का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। नवाणु यात्रा करने वाले बच्चों और युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि संकल्प मजबूत हो तो कोई भी कठिन साधना असंभव नहीं होती।
अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने किया सम्मान
नवाणु यात्रा पूर्ण करने वाले आराधकों का विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मान किया गया।इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- त्रिस्तुतिक श्रीसंघ
- स्थानकवासी श्रीसंघ
- जैन श्रीसंघ
- राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद
- जय जिनेंद्र युवा ग्रुप
- वैश्य महासम्मेलन
- महावीर जन्म कल्याणक समारोह समिति
- अन्य सामाजिक एवं धार्मिक संगठन
सभी संस्थाओं ने आराधकों को स्मृति चिन्ह, शॉल और सम्मान पत्र प्रदान कर अभिनंदन किया।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक जितेंद्र उदय सिंह पंड्या, पूर्व विधायक शांतिलाल धबाई, परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र दगवाड़ा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बृजेश बोहरा, भाजपा नगर अध्यक्ष नवीन राठौड़, जिला मंत्री श्याम शर्मा, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण बिलाला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।सभी वक्ताओं ने नन्हे तपस्वियों की साधना और उनके माता-पिता के संस्कारों की सराहना की।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी पालीताणा नवाणु यात्रा
आज के डिजिटल युग में जहां युवा वर्ग तेजी से आधुनिक जीवनशैली की ओर आकर्षित हो रहा है, वहां पालीताणा नवाणु यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन उन्हें भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।नन्हे बच्चों द्वारा कठिन तपस्या और पर्वतारोहण कर यात्रा पूर्ण करना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है कि संस्कार और धर्म की जड़ें आज भी मजबूत हैं।
पालीताणा सिद्धक्षेत्र का धार्मिक महत्व
जैन धर्म में पालीताणा सिद्धक्षेत्र का विशेष स्थान है। शत्रुंजय पर्वत पर स्थित हजारों जिनालय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र हैं।

