पालीताणा चातुर्मास 2026 में 20 जुलाई को गच्छाधिपति आचार्य विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी महाराज का भव्य प्रवेश होगा। जानें चातुर्मास कार्यक्रम, साधु-साध्वी मंडल, प्रवचन, लाभार्थी और आयोजन की पूरी जानकारी।
पालीताणा चातुर्मास 2026: 20 जुलाई को गच्छाधिपति आचार्य विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी का होगा भव्य प्रवेश
मुंबई/पालीताणा।
पालीताणा चातुर्मास 2026 इस वर्ष जैन समाज के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर बनने जा रहा है। मोक्षदायिनी श्री शत्रुंजय महातीर्थ की पावन भूमि पर पंजाब केसरी, गुरु वल्लभ सूरीश्वरजी समुदाय के गच्छाधिपति, श्रुत भास्कर परम पूज्य आचार्य विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी महाराज की पावन निश्रा में आत्मोद्धारक चातुर्मास का भव्य आयोजन किया जाएगा।
20 जुलाई 2026 को हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भव्य प्रवेश यात्रा निकलेगी, जिसमें विशाल साधु-साध्वी मंडल भी शामिल रहेगा।
पालीताणा चातुर्मास 2026 का महत्व
पालीताणा चातुर्मास 2026 केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आत्मकल्याण, संयम, तप, स्वाध्याय और आध्यात्मिक उन्नति का महापर्व है। चातुर्मास के दौरान श्रद्धालुओं को प्रतिदिन प्रवचन, वाचना, धर्मसभा, तप, आराधना एवं अनेक धार्मिक आयोजनों का लाभ प्राप्त होगा।
मोक्षभूमि श्री शत्रुंजय महातीर्थ पर आयोजित होने वाला यह चातुर्मास पूरे देश के जैन समाज के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
20 जुलाई को होगा भव्य प्रवेश
20 जुलाई 2026 को गच्छाधिपति परम पूज्य आचार्य विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी महाराज का भव्य नगर प्रवेश आयोजित होगा।उनके साथ विशाल साधु-संघ में—
- गणिवर्य श्री धर्मरत्न विजयजी म.सा.
- श्री लक्ष्मीरत्न विजयजी म.सा.
- श्री धर्मकीर्ति विजयजी म.सा.
- श्री धर्मबोधि विजयजी म.सा.
- श्री महाभद्र विजयजी म.सा.
- श्री अक्षयरत्न विजयजी म.सा.
- श्री तत्वदर्शन विजयजी म.सा.
- श्री मनमोहन विजयजी म.सा.
सहित अनेक मुनिराज विराजमान रहेंगे।
विशाल साध्वी मंडल भी रहेगा उपस्थित
पालीताणा चातुर्मास 2026 में बड़ी संख्या में साध्वी भगवंतों का भी आगमन होगा।इनमें प्रमुख हैं—
- प्रवर्तनी साध्वी श्री निर्मला श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री चरणप्रभा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री जयंतप्रभा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री पुण्यप्रभा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री भद्रयशा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री सम्यज्ञा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री अमितगुणा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री पीयूषपूर्णा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री कल्पज्ञा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री हर्षप्रिया श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री सुनीतप्रज्ञा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री हर्मिष्ठा श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री सुविरति श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री मेरुशिला श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री पुनीतरत्ना श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री सुशेना श्रीजी महाराज
- साध्वी श्री तत्वदर्शिता श्रीजी महाराज
सहित विशाल साध्वी मंडल की उपस्थिति रहेगी।
चातुर्मास स्थल
पालीताणा चातुर्मास 2026 के आयोजन स्थल—
- जानकीबाई धर्मशाला
- राजेंद्र जैन भवन
- हिम्मत विहार
- पालीताणा
यहां प्रतिदिन धार्मिक गतिविधियां संचालित होंगी।
धार्मिक कार्यक्रमों की रहेगी भव्य श्रृंखला
चातुर्मास के दौरान आयोजित होंगे—
- महापूजन
- प्रवचन
- वाचना
- तप आराधना
- सामूहिक धार्मिक आयोजन
- युवा एवं महिला धार्मिक कार्यक्रम
- स्वाध्याय
- गुरु वंदन
- आध्यात्मिक मार्गदर्शन
श्रद्धालुओं के लिए यह आत्मकल्याण का दुर्लभ अवसर होगा।
मुख्य लाभार्थी
आत्मोद्धारक पालीताणा चातुर्मास 2026 के संरक्षक एवं प्रमुख लाभार्थी—
- श्रीमती शांताबेन पुखराजजी रतनपरिया चौहान (Killer Group)
- स्व. घीसीबाई जयचंद्रजी बाफना (Joyo Group)
- स्व. पुष्पाबेन बाबूलालजी बाफना (एम.बी. बाफना ग्रुप, मुंबई)
- मातुश्री कंकुबाई नथमलजी रांका (Vimlon Group)
- श्रीमती राजीबाई मांगीलालजी पालरेचा परिवार (PM SHAH)
- श्रीमती रतनबाई नगराजजी रांका (Ranka Jewellers)
- मातुश्री स्व. राजीबाई मांगीलालजी पालरेचा परिवार
श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल की कार्यकारिणी
श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल, सादड़ी (राणकपुर) की कार्यकारिणी—
- अध्यक्ष : वसंत जांवतराजजी रांका
- उपाध्यक्ष : विकास पुखराजजी रतनपरिया चौहान
- सचिव : श्रेणिक मोहनलालजी जैन
- सह सचिव : जयंत अमृतलालजी तलेसरा
- कोषाध्यक्ष : राजेंद्र मिलापचंदजी रांका
- सह कोषाध्यक्ष : अरुण मूलचंदजी संघवी
साथ ही अनेक समाजसेवी एवं कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
पालीताणा चातुर्मास 2026 क्यों रहेगा ऐतिहासिक
इस वर्ष का पालीताणा चातुर्मास 2026 अनेक कारणों से विशेष माना जा रहा है।
- विशाल साधु-साध्वी मंडल
- ऐतिहासिक प्रवेश यात्रा
- हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति
- आध्यात्मिक प्रवचनों की श्रृंखला
- महापूजन एवं विशेष धार्मिक आयोजन
- देशभर से आने वाले श्रद्धालु
निष्कर्ष
पालीताणा चातुर्मास 2026 जैन समाज के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, तप और आध्यात्मिक जागरण का महापर्व है। 20 जुलाई को होने वाला गच्छाधिपति परम पूज्य आचार्य विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी महाराज का भव्य प्रवेश इस आयोजन को ऐतिहासिक बना देगा। देशभर से श्रद्धालु इस पावन अवसर का लाभ लेने पालीताणा पहुंचेंगे।
