पद्मपुराण आधारित श्री जैन रामकथा का 10 दिवसीय दिव्य आयोजन श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, झालरापाटन में भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक उल्लास के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हुआ।
पद्मपुराण आधारित श्री जैन रामकथा: भूमिका
पद्मपुराण आधारित श्री जैन रामकथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जैन संस्कृति, अहिंसा, त्याग और मर्यादा का जीवंत आध्यात्मिक उत्सव है। इसी भावभूमि पर श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, झालरापाटन में 12 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक यह दिव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
आयोजन का उद्देश्य और आध्यात्मिक महत्व
पद्मपुराण आधारित श्री जैन रामकथा का उद्देश्य जैन दर्शन के आदर्शों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना था। आचार्य रविषेण गुरुदेव प्रणीत श्री पद्मपुराण पर आधारित इस कथा में प्रभु श्रीराम के जीवन को जैन दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया।
कथा वाचक: गुरुदेव की दिव्य शैली
परम पूज्य ध्यान दिवाकर, अनुष्ठान विशेषज्ञ एवं विशिष्ट रामकथाकार धर्म चक्रवर्ती जयकीर्ति जी गुरुदेव ने अपनी लालित्यपूर्ण शैली, स्व-रचित संगीतमय रचनाओं और गूढ़ आध्यात्मिक विवेचना से पद्मपुराण आधारित श्री जैन रामकथा को अद्वितीय बना दिया।
10 दिवसीय आयोजन की विशेष झलकियाँ
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प्रतिदिन संगीतमय कथा
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जैन दर्शन आधारित जीवन मूल्यों का निरूपण
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भक्ति, वैराग्य और करुणा का संदेश
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महिला मंडल एवं ट्रस्ट की सक्रिय सहभागिता
कोटा से पहुंचे श्रद्धालु: आस्था की यात्रा
देव-शास्त्र-गुरु के परम भक्त श्री महेश जैन गंगवाल के नेतृत्व में कोटा से एक बस द्वारा लगभग 60 श्रद्धालु झालरापाटन पहुंचे। समाज द्वारा तिलक, माल्यार्पण एवं आत्मीय स्वागत किया गया।
समापन समारोह की भव्यता
पद्मपुराण आधारित श्री जैन रामकथा के अंतिम दिन जिनवाणी भेंट, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं दिव्य अष्टद्रव्यमय पूजन के साथ समापन समारोह सम्पन्न हुआ। सभी पुण्यार्जकों का भावभीना अभिनंदन किया गया।
समाज और ट्रस्ट की सहभागिता
सरावगी समाज अध्यक्ष कमल जैन अजमेरा सहित अनेक समाजसेवियों एवं ट्रस्ट सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रद्धा, संगीत और संस्कार का संगम
पूरे आयोजन के दौरान पद्मपुराण आधारित श्री जैन रामकथा ने श्रद्धालुओं के मन में शांति, संयम और संस्कारों का संचार किया। श्रोता मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे।
निष्कर्ष
पद्मपुराण आधारित श्री जैन रामकथा 2025 का यह आयोजन झालरापाटन के धार्मिक इतिहास में एक दिव्य, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय अध्याय बन गया।


