—Advertisement—

पुण्यतिथि विशेष: 40 हजार से अधिक गीतों में आज भी गूंजती है एसपी बालासुब्रमण्यम की आवाज

Author Picture
Published On: 24 September 2026

—Advertisement—

पुण्यतिथि विशेष: 40 हजार से अधिक गीतों में आज भी गूंजती है एसपी बालासुब्रमण्यम की आवाज

लेखक: डॉ. सुरेन्द्र मीणा

मुंबई। भारतीय फिल्म संगीत में एसपी बालासुब्रमण्यम की आवाज कई पीढ़ियों की यादों का हिस्सा है। 25 सितंबर 2020 को उनके निधन के साथ संगीत जगत ने एक असाधारण गायक खो दिया। आज उनकी पुण्यतिथि पर दिल दीवाना और पहला पहला प्यार है जैसे गीत फिर उस आवाज की याद दिलाते हैं, जिसने अलग-अलग भाषाओं के श्रोताओं को जोड़ा।

तेलुगु फिल्मों से शुरू हुआ सफर

4 जून 1946 को नेल्लोर जिले में जन्मे एसपी बालासुब्रमण्यम को संगीत प्रेमी ‘एसपीबी’ के नाम से भी जानते हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, लेकिन संगीत के प्रति लगाव उन्हें पार्श्वगायन की ओर ले गया। वर्ष 1966 में तेलुगु फिल्म श्री श्री श्री मर्यादा रमन्ना से उनका फिल्मी गायन का सफर शुरू हुआ।

आगे चलकर उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ हिंदी फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज की खासियत यह थी कि वह रोमांटिक गीतों में सहज लगती थी और भावुक गीतों में उतनी ही गहराई से सुनाई देती थी।

सलमान खान की फिल्मों से घर-घर पहुंचे

हिंदी सिनेमा के दर्शकों के लिए एसपीबी की आवाज विशेष रूप से सलमान खान की शुरुआती फिल्मों से जुड़ी रही। मैंने प्यार किया के दिल दीवाना और मेरे रंग में रंगने वाली जैसे गीत आज भी लोकप्रिय हैं। हम आपके हैं कौन के दीदी तेरा देवर दीवाना और पहला पहला प्यार है ने भी उन्हें हिंदी संगीत के श्रोताओं के बीच यादगार स्थान दिलाया।

उन्होंने एक दूजे के लिए, पत्थर के फूल, साजन और रोजा जैसी फिल्मों के लिए भी गाया। गीत और किरदार के भाव के अनुसार आवाज ढालने की उनकी क्षमता ने उन्हें अलग-अलग फिल्म उद्योगों में सम्मान दिलाया। लंबे अंतराल के बाद वर्ष 2013 में उन्होंने फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस का शीर्षक गीत गाकर हिंदी फिल्मों में अपनी आवाज फिर सुनाई।

छह राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्म विभूषण

पांच दशकों से अधिक के करियर में एसपी बालासुब्रमण्यम ने 40 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए और छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2001 में पद्मश्री और 2011 में पद्मभूषण से सम्मानित किया। वर्ष 2021 में उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया गया। 

गायन के अलावा उन्होंने संगीत निर्देशन, अभिनय, निर्माण और डबिंग में भी काम किया। खास तौर पर कमल हासन के लिए उनकी डबिंग को दर्शकों ने सराहा। कला के इन अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी बताती है कि संगीत उनके लिए केवल पेशा नहीं, अभिव्यक्ति का माध्यम भी था।

गीतों में बनी रहेगी याद

एसपीबी अपने पीछे पत्नी सावित्री, बेटी पल्लवी और बेटे चरण को छोड़ गए। चरण भी संगीत और फिल्म निर्माण से जुड़े हैं। परिवार और प्रशंसकों के लिए उनकी अनुपस्थिति एक निजी क्षति है, लेकिन उनकी रिकॉर्ड की हुई आवाज आज भी श्रोताओं के साथ है।

बहुत प्यार करते हैं, जिएं तो जिएं कैसे या पहला पहला प्यार है—उनके गीत सुनते हुए कई लोगों को अपनी जिंदगी के अलग-अलग दौर याद आते हैं। पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने का सबसे आत्मीय तरीका शायद यही है: उनका कोई प्रिय गीत सुनना और उस आवाज को याद करना, जो कभी पुरानी नहीं लगती।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp