बड़ी खट्टाली में प्रथम चातुर्मास ने रचा नया इतिहास, नौ जैन परिवारों के गांव में गूंज रही जिनवाणी
साध्वी मंडल के सान्निध्य में धार्मिक आयोजन जारी, अन्य समाजों के लोग भी प्रतिदिन ले रहे धर्मलाभ; परिषद की संयम वंदन यात्रा पहुंची खट्टाली
बड़ी खट्टाली। जैन समाज के मात्र नौ परिवारों वाले छोटे से ग्राम बड़ी खट्टाली में पहली बार आयोजित हो रहा चातुर्मास इन दिनों धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। सद्गुरु उपासना वर्षावास के तहत साध्वी श्री श्रद्धानिधि महाराज साहब, साध्वी श्री मलिनीनिधि महाराज साहब एवं साध्वी श्री नमोनिधि महाराज साहब के सान्निध्य में प्रतिदिन प्रवचन, धार्मिक आराधना और जिनवाणी श्रवण का आयोजन हो रहा है। खास बात यह है कि इन आयोजनों में जैन समाज के साथ अन्य समाजों के लोग भी उत्साहपूर्वक शामिल होकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
इसी क्रम में अखिल भारतीय राजेंद्र जैन परिषद की संयम वंदन यात्रा भी बड़ी खट्टाली पहुंची। परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुंबई तथा थराद श्री संघ के अध्यक्ष रमेश भाई धरू के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा मंत्री भरत भाई वोहरा, राष्ट्रीय वैयावच्च मंत्री भरत भाई लाडू और अहमदाबाद मीडिया प्रभारी ब्रजेश वोहरा सहित परिषद के अनेक सदस्य खट्टाली पहुंचे।
यात्रा में शामिल सदस्यों ने चातुर्मास में विराजित साध्वी भगवंतों के दर्शन-वंदन किए और उनकी सुखसाता पूछी। इस दौरान साध्वी मंडल से क्षमायाचना भी की गई। साध्वी भगवंतों के साथ धर्म से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। संयम वंदन यात्रा के आगमन से स्थानीय श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
नौ परिवारों के गांव में धर्म की गूंज
साध्वी श्री श्रद्धानिधि जी ने बताया कि बड़ी खट्टाली में जैन समाज के केवल नौ परिवार हैं, लेकिन चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग जिनवाणी का श्रवण कर रहे हैं। माहेश्वरी एवं राठौड़ समाज के लोग भी नियमित रूप से धार्मिक आयोजनों में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गांव में पहली बार चातुर्मास होने के कारण धार्मिक गतिविधियों को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है। विभिन्न आयोजनों में अन्य समाजजनों की सक्रिय सहभागिता भी देखने को मिल रही है।
पहली बार हुई नवकार मंत्र आराधना
चातुर्मास के दौरान युगप्रभावक पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरिश्वर जी महाराजा द्वारा प्रारंभ की गई नवकार मंत्र आराधना का आयोजन भी पहली बार बड़ी खट्टाली में किया गया। नवकार मंत्र आराधना में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इसके चलते चातुर्मास के धार्मिक आयोजनों में एक और अध्याय जुड़ गया।
आराधना भवन की सजावट बनी आकर्षण
चातुर्मास स्थल आराधना भवन को स्थानीय महिलाओं ने आकर्षक ढंग से सजाया है। भवन की सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके साथ ही प्रतिदिन होने वाली गवली में भी श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
चातुर्मास के चलते गांव में विभिन्न धार्मिक आराधनाओं का दौर जारी है। सुबह से लेकर धर्मसभा तक गांव का वातावरण धार्मिक और भक्तिमय बना हुआ है।
संयम वंदन यात्रा के अतिथियों का सम्मान
खट्टाली जैन श्री संघ की ओर से संयम वंदन यात्रा में पहुंचे अतिथियों का सम्मान किया गया। श्री संघ अध्यक्ष समरथमल मेहता, रमेश मेहता, मुकेश मेहता, मनोज मेहता, शुभम मेहता, चंद्रशेखर जैन, धन्य मेहता सहित समाजजनों ने अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत किया तथा शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
पहली बार आयोजित हो रहे चातुर्मास के कारण बड़ी खट्टाली में धार्मिक गतिविधियों को लेकर विशेष उत्साह है। छोटे से गांव में जैन साध्वी मंडल का सान्निध्य, नियमित जिनवाणी श्रवण, धार्मिक आराधनाएं और विभिन्न समाजों की सहभागिता श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है।
