Online Gaming Act 2025: रियल मनी गेम्स पर बैन, ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा | जानिए नया कानून
भारत में ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया में बड़ा बदलाव आ गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद से पास हुए ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन व विनियमन विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब यह Online Gaming Act 2025 कानून बन चुका है।
क्या है Online Gaming Act 2025?
इस कानून के बाद भारत में रियल मनी गेम्स (Real Money Games) पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। यानी अब कोई भी ऐसा ऑनलाइन गेम जिसमें पैसे दांव पर लगाए जाते थे – जैसे फैंटेसी स्पोर्ट्स, ऑनलाइन लॉटरी या बेटिंग वाले गेम – पूरी तरह गैरकानूनी हो गए हैं।
सरकार का कहना है कि इस नियम का मकसद ऑनलाइन जुआ जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना और देश में ई-स्पोर्ट्स व सोशल गेमिंग को बढ़ावा देना है।
रियल मनी गेम क्या है?
“रियल मनी गेम” वह ऑनलाइन गेम है जिसमें खिलाड़ी पैसे लगाकर खेलते हैं और कैश रिवार्ड्स जीतते हैं। इनमें स्किल गेम्स और लॉटरी दोनों शामिल रहे हैं। लेकिन अब इस तरह के सारे कैश-बेस्ड गेम्स भारत में प्रतिबंधित होंगे।
किन ऑनलाइन गेम्स पर लगेगा बैन?
- सभी ऑनलाइन मनी गेम्स (पैसे से खेले जाने वाले गेम)।
- ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स और डिजिटल लॉटरी प्लेटफॉर्म।
- इन गेम्स से जुड़े विज्ञापन, प्रमोशन और पेमेंट गेटवे ट्रांजैक्शन भी बैन।
किन गेम्स को मिलेगा बढ़ावा?
- E-Sports (ई-स्पोर्ट्स) – यानी स्किल बेस्ड, कंपटीटिव ऑनलाइन गेम्स।
- सोशल और एजुकेशनल गेम्स – बच्चों और युवाओं के लिए सुरक्षित विकल्प, जहां मनोरंजन के साथ सीखने का मौका मिले।
- सरकार देशभर में ई-स्पोर्ट्स ट्रेनिंग अकादमियां, रिसर्च सेंटर और टूर्नामेंट्स आयोजित करवाने की तैयारी कर रही है।
कानून तोड़ने पर सजा कितनी?
- ऑनलाइन मनी गेम ऑफर करने पर: 3 साल तक की जेल + ₹1 करोड़ जुर्माना।
- विज्ञापन चलाने पर: 2 साल की जेल + ₹50 लाख जुर्माना।
- बार-बार अपराध करने पर: 3 से 5 साल की जेल + ₹2 करोड़ जुर्माना।
- सरकार या अथॉरिटी के निर्देश न मानने पर ₹10 लाख तक का जुर्माना।
सरकार का नजरिया
सरकार का कहना है कि युवाओं को गलत लत से बचाना जरूरी है। E-Sports को भारत में खेलों का वैध दर्जा देकर इसे ओलंपिक और इंटरनेशनल गेमिंग जैसे स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा।
साथ ही सरकार AVGC सेक्टर (Animation, Visual Effects, Gaming और Comics) को मजबूत करने के लिए मुंबई में Indian Institute of Creative Technology और STPI के तहत कई गेमिंग Excellence सेंटर भी बना रही है।
इंडस्ट्री की चिंता
गेमिंग इंडस्ट्री मानती है कि यह एक कड़ा फैसला है जो:
- 400 से ज्यादा कंपनियों को बंद कर सकता है।
- करीब 2 लाख लोगों की नौकरियां खत्म होंगी।
- अब भारत के करोड़ों यूजर्स विदेशी और गैरकानूनी बेटिंग प्लेटफॉर्म की तरफ जा सकते हैं।
- इस फैसले से ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा की इंडस्ट्री वैल्यूएशन और 31,000 करोड़ सालाना राजस्व पर खतरा मंडरा रहा है।
- साथ ही करीब 20,000 करोड़ टैक्स कलेक्शन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
भारत का ई-स्पोर्ट्स हब बनने का मौका
हालांकि सरकार को भरोसा है कि यह कदम भारत में ई-स्पोर्ट्स और क्रिएटिव गेमिंग सेक्टर को मजबूत करेगा और भारत भविष्य में Global Gaming Hub बन सकता है।
