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Omkareshwar महाशिवरात्रि 2026: मंदिर के पट 24 घंटे खुलेंगे, फूलों से सज जाएगा ज्योतिर्लिंग, लाखों श्रद्धालु करेंगे दर्शन

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Published On: 6 February 2026
Omkareshwar Maha Shivaratri 2026: Temple Open 24 Hours for Devotees
— Omkareshwar Maha Shivaratri 2026: Temple Open 24 Hours for Devotees

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Omkareshwar महाशिवरात्रि 2026: 24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के पट

मध्य प्रदेश स्थित Omkareshwar ज्योतिर्लिंग मंदिर महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। इस पावन दिन मंदिर 24 घंटे भक्तों के दर्शन के लिए खोला जाएगा। मंदिर प्रशासन ने इस बार विशेष तैयारी की है ताकि लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस वर्ष भी मंदिर फूलों और भव्य सजावट से सजा रहेगा और साधु-संतों की शोभायात्रा के साथ दर्शन आरंभ होंगे।

महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व

Omkareshwar ज्योतिर्लिंग देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। नर्मदा नदी के बीच स्थित यह पवित्र स्थल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि यहां भगवान शिव के दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सामान्य दिनों में मंदिर रात में बंद कर दिया जाता है, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती रात को विश्राम करते हैं। इस दौरान शयन आरती और भगवान के लिए सेज, झूला और चौसर सजाई जाती है।

लेकिन महाशिवरात्रि की रात विशेष होती है। ऐसा माना जाता है कि इस रात भगवान शिव स्वयं जागरण करते हैं। इसलिए इस दिन मंदिर पूरी रात खुला रहता है और शयन आरती नहीं की जाती।

दर्शन समय और व्यवस्था

मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन सुबह तड़के 3 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे। सबसे पहले साधु-संत और संन्यासी शोभायात्रा के साथ दर्शन करेंगे और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद आम भक्तों के लिए दर्शन आरंभ होंगे।

दोपहर 12:20 बजे भोग के लिए कुछ समय के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे, लेकिन इसके बाद दर्शन लगातार अगले दिन तड़के 3 बजे तक चलेंगे। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बढ़ाई जा रही है।

फूलों और रोशनी से सजेगा मंदिर

इस महोत्सव के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाएगा। पूरे ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जाएगा ताकि भक्तों को दिव्य वातावरण का अनुभव हो सके।

सिर्फ मंदिर ही नहीं, बल्कि तीर्थनगरी ओंकारेश्वर भी सजाई जाएगी। घाटों पर विशेष रोशनी की व्यवस्था होगी, मंदिर परिसर में भक्ति संगीत और मंत्रोच्चार का माहौल रहेगा। रात में नर्मदा किनारे की जगमगाहट भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देगी।

शयन आरती क्यों नहीं होगी?

सामान्य दिनों में रात 8:30 बजे मंदिर के पट बंद कर शयन आरती की जाती है। इसके बाद भगवान के विश्राम की व्यवस्था होती है। लेकिन महाशिवरात्रि पर यह आरती नहीं होगी। भगवान के लिए सेज और झूला पूरी रात नहीं सजाया जाएगा क्योंकि इस दिन भगवान शिव स्वयं जागरण करते हैं।

पंडितों के अनुसार, जैसे उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती का विशेष महत्व है, वैसे ही ओंकारेश्वर में शयन आरती का महत्व है। लेकिन महाशिवरात्रि की रात भगवान जागरण करते हैं, इसलिए आरती नहीं होती।

साधु-संतों की शोभायात्रा

महाशिवरात्रि की सुबह मंदिर के पट खुलने के बाद सबसे पहले साधु-संत और संन्यासी शोभायात्रा के साथ मंदिर पहुंचते हैं। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के साथ यात्रा निकलती है।

शोभायात्रा के बाद विशेष पूजा-अर्चना होती है और इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन आरंभ होते हैं। यह परंपरा भक्तों में भक्ति और उत्साह का माहौल बनाती है।

भक्तों के लिए विशेष निर्देश

मंदिर प्रशासन ने कहा है कि इस वर्ष दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा। पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। भक्तों से अपील की गई है कि मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफरातफरी या धक्का-मुक्की से बचें।

भक्तों को मंदिर आने से पहले मास्क और सैनिटाइजर साथ रखने की सलाह दी गई है। महामारी के बाद भी भीड़ प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जा रहा है।

महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक अनुभव

Omkareshwar महाशिवरात्रि सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भक्तों के लिए आध्यात्मिक आनंद का अवसर भी है। फूलों से सजा मंदिर, घाटों पर रोशनी, मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत का संयोजन भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।

भक्त इस दिन भगवान शिव के दर्शन करके अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। लंबे समय से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर दर्शन का अनुभव जीवन में शांति और सुकून देने वाला होता है।

लाखों श्रद्धालु करेंगे दर्शन

महाशिवरात्रि के अवसर पर Omkareshwar ज्योतिर्लिंग मंदिर में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। दूर-दूर से आने वाले भक्तों के लिए मंदिर प्रशासन ने खाने-पीने की व्यवस्था, सुरक्षा और पार्किंग के प्रबंध किए हैं।

श्रद्धालुओं के अनुभव के अनुसार, इस दिन मंदिर की सजावट और भक्ति का माहौल अनोखा होता है। रातभर चलने वाले दर्शन भक्तों को आध्यात्मिक आनंद और मन की शांति प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष

Omkareshwar महाशिवरात्रि 2026 इस बार भक्तों के लिए 24 घंटे खुले मंदिर के रूप में विशेष रहेगा। फूलों और रोशनी से सजा मंदिर, साधु-संतों की शोभायात्रा, भक्ति संगीत और मंत्रोच्चार भक्तों के लिए दिव्य अनुभव प्रदान करेंगे। शयन आरती न होने के कारण भगवान शिव की जागरण रात्रि में भक्तों को दर्शन करने का अवसर मिलेगा।

इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु Omkareshwar ज्योतिर्लिंग मंदिर का रुख करेंगे और अपने मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भक्ति भाव से भगवान शिव के दर्शन करेंगे। प्रशासन द्वारा व्यवस्था, सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि महाशिवरात्रि का यह पर्व भक्तों के लिए सुखद और यादगार बन सके।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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