—Advertisement—

छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: सूर्यकांत तिवारी से जुड़ा मकान आयकर विभाग ने किया सील

Author Picture
Published On: 22 September 2026

—Advertisement—

छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: सूर्यकांत तिवारी से जुड़ा मकान आयकर विभाग ने किया सील

भिलाई की सूर्या रेजिडेंसी में हुई कार्रवाई; विभाग के अनुसार दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज संपत्ति की जांच में तिवारी से संबंध सामने आया

भिलाई। छत्तीसगढ़ के कथित कोयला घोटाले से जुड़ी जांच के बीच आयकर विभाग ने भिलाई के जुनवानी स्थित सूर्या रेजिडेंसी में एक मकान सील किया है। विभाग के अनुसार, जांच में यह मकान कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी कथित बेनामी संपत्ति के रूप में सामने आया। कार्रवाई के समय तहसीलदार और पुलिस भी मौजूद थे।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मकान की रजिस्ट्री मनीष उपाध्याय के नाम पर है। आयकर विभाग का दावा है कि दस्तावेजों की जांच में संपत्ति का संबंध सूर्यकांत तिवारी से मिला। विभागीय टीम ने कॉलोनी में स्थानीय लोगों को कार्रवाई की जानकारी दी और नोटिस पढ़कर सुनाया। इसके लिए ढोल बजाकर मुनादी भी कराई गई। इसके बाद मकान सील किया गया। संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विभाग का निष्कर्ष और आगे की कानूनी प्रक्रिया जांच के अधीन हैं।

कोयला परिवहन मामले से कैसे जुड़ा नाम

सूर्यकांत तिवारी का नाम छत्तीसगढ़ में कोयले के परिवहन पर कथित अवैध वसूली की जांच में सामने आया था। अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज प्रवर्तन निदेशालय के आरोपों के अनुसार, कोयले की ढुलाई पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध राशि वसूले जाने का मामला जांच के केंद्र में है। एजेंसी का आरोप है कि इस व्यवस्था से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने सहित अन्य लेनदेन में किया गया। ये जांच एजेंसी के आरोप हैं; इन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

भिलाई में हुई ताजा कार्रवाई आयकर विभाग ने की है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी अलग से जांच करता रहा है। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी की पिछली कार्रवाई के बाद तिवारी से जुड़ी कथित बेनामी संपत्तियों की जानकारी सामने आई थी। उसी क्रम में आयकर विभाग ने सूर्या रेजिडेंसी के मकान पर कार्रवाई की है।

रजिस्ट्री और वास्तविक स्वामित्व की जांच अहम

इस कार्रवाई में अहम सवाल यह है कि मकान के दस्तावेजों में दर्ज मालिक और उसका वास्तविक लाभ प्राप्त करने वाला व्यक्ति कौन है। विभाग ने मकान को तिवारी से जुड़ा बताया है, जबकि रजिस्ट्री मनीष उपाध्याय के नाम पर होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट में संपत्ति का मूल्य, खरीद की तारीख और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों का विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में स्वामित्व और धन के स्रोत के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

मौके पर नोटिस पढ़े जाने और मुनादी कराए जाने के बाद मकान सील करने की कार्रवाई पूरी हुई। विभाग अब संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और स्वामित्व की जांच कर रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस मकान के संबंध में आगे कब और क्या कार्रवाई होगी। मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर स्थिति और साफ हो सकेगी।

छत्तीसगढ़ का कथित कोयला घोटाला पहले से आयकर विभाग और ईडी की जांच का विषय रहा है। भिलाई के इस मकान पर कार्रवाई उसी व्यापक जांच से जुड़ा नया घटनाक्रम है। हालांकि मकान सील होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी साबित होने का प्रमाण नहीं है। जांच में सामने आने वाले दस्तावेज और उन पर होने वाला कानूनी निर्णय ही संपत्ति की स्थिति तय करेंगे।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp