नर्सिंग परीक्षा में अव्यवस्था: RKDF यूनिवर्सिटी केंद्र पर रूम खोजने के लिए भटके छात्र, देरी से शुरू हुआ पेपर
भोपाल। मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल द्वारा आयोजित एएनएम और जीएनएम मुख्य परीक्षा के दौरान राजधानी भोपाल के गांधी नगर स्थित RKDF यूनिवर्सिटी परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था का मामला सामने आया। सीटिंग अरेंजमेंट और परीक्षार्थियों के मार्गदर्शन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को परीक्षा से पहले अपने निर्धारित कमरे और ब्लॉक तलाशने में परेशानी हुई। अव्यवस्था के कारण परीक्षा भी निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी।
करीब 4 हजार परीक्षार्थियों की थी व्यवस्था
जानकारी के अनुसार RKDF यूनिवर्सिटी केंद्र पर एएनएम और जीएनएम मुख्य परीक्षा की दोनों पालियों के लिए करीब 4 हजार परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था की गई थी। प्रथम पाली में लगभग 2103 और द्वितीय पाली में करीब 1878 परीक्षार्थियों की सीटिंग विभिन्न ब्लॉकों में निर्धारित की गई थी।
परीक्षा केंद्र पर A से F तक अलग-अलग ब्लॉक बनाए गए थे। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के पहुंचने के बावजूद मुख्य द्वार और परिसर में पर्याप्त दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं होने से छात्रों को अपने निर्धारित ब्लॉक और कमरे तक पहुंचने में परेशानी हुई।
रूम और सीट खोजने में परेशान हुए छात्र
परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले केंद्र परिसर में छात्रों की भीड़ बढ़ गई। कई परीक्षार्थी अपने रोल नंबर के आधार पर निर्धारित कमरा तलाशते हुए एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक तक जाते दिखाई दिए। कुछ छात्र अपने कमरे की जानकारी के लिए इधर-उधर पूछताछ करते रहे।
छात्रों का कहना था कि यदि मुख्य द्वार पर स्पष्ट रूम चार्ट, ब्लॉकवार सूची और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए गए होते तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं होती। परीक्षा के अंतिम समय में कमरे की तलाश करने के कारण कई परीक्षार्थियों में तनाव की स्थिति बन गई।

हेल्प डेस्क और स्पष्ट मार्गदर्शन की कमी
परीक्षार्थियों के अनुसार केंद्र पर पर्याप्त हेल्प डेस्क और समुचित कोऑर्डिनेशन की व्यवस्था नजर नहीं आई। बड़ी संख्या में छात्रों को एक साथ अपने कमरों तक पहुंचना था, लेकिन स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण परिसर में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
कई छात्र समय पर अपनी निर्धारित सीट तक पहुंचने के लिए भागते-दौड़ते नजर आए। परीक्षा केंद्र पर मौजूद स्टाफ से जानकारी लेने के दौरान भी भीड़ बढ़ती गई।

परीक्षा शुरू होने में हुई देरी
सीटिंग व्यवस्था को लेकर पैदा हुई इस अव्यवस्था का असर परीक्षा की प्रक्रिया पर भी पड़ा। छात्रों के परीक्षा कक्षों में प्रवेश और सीटों पर व्यवस्थित रूप से बैठने में समय लगा। इसके बाद प्रश्नपत्र वितरण की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई और परीक्षा निर्धारित समय के बाद शुरू होने की बात सामने आई।
परीक्षार्थियों का कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय में ऐसी अव्यवस्था से छात्रों पर अनावश्यक मानसिक दबाव पड़ता है। उनका कहना है कि परीक्षा की तैयारी के बाद जब केंद्र पर पहुंचकर कमरे और सीट खोजने में ही समय निकलने लगे तो स्वाभाविक रूप से तनाव बढ़ जाता है।
छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी
परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद अभिभावकों ने भी व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि हजारों परीक्षार्थियों की परीक्षा आयोजित होने के बावजूद केंद्र प्रबंधन को पहले से पर्याप्त तैयारी करनी चाहिए थी।
छात्रों ने मांग की कि आगामी परीक्षाओं में सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए परीक्षा केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार पर ब्लॉकवार और रूमवार चार्ट लगाए जाएं। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक तक पहुंचने के लिए बड़े और स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं।
आगामी परीक्षाओं के लिए व्यवस्था सुधारने की मांग
परीक्षार्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से लेकर सीट तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित होनी चाहिए। इसके लिए रोल नंबर के अनुसार अलग-अलग सूची, ब्लॉकवार चार्ट, पर्याप्त स्टाफ और हेल्प डेस्क की व्यवस्था जरूरी है।
छात्रों ने यह भी मांग की है कि आगामी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से पर्याप्त समय पहले उनके कमरे और सीट की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी को अंतिम समय में परेशान न होना पड़े।
नर्सिंग परीक्षा विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षा है। ऐसे में परीक्षा केंद्र पर छोटी-सी प्रशासनिक लापरवाही भी विद्यार्थियों के मानसिक दबाव को बढ़ा सकती है। छात्रों ने उम्मीद जताई है कि आगामी पालियों और परीक्षा तिथियों में केंद्र प्रबंधन इस तरह की समस्याओं को दूर करते हुए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
रिपोर्ट: संदीप सिंह, जिला संवाददाता, भोपाल
