शासकीय महाविद्यालय आठनेर में राष्ट्रीय सेवा योजना का अभिमुखीकरण कार्यक्रम संपन्न
विद्यार्थियों को एनएसएस के महत्व, शिविरों और पुरस्कारों की दी जानकारी; साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट से बचाव के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर समाज सेवा, जनजागरूकता और राष्ट्र निर्माण से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
एनएसएस से जुड़ने के लिए विद्यार्थियों को किया प्रेरित
वरिष्ठ स्वयंसेवक नवीन नागले ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना की उपयोगिता और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से विद्यार्थी समाज के विभिन्न वर्गों के संपर्क में आते हैं और उनकी समस्याओं को समझते हुए समाधान की दिशा में योगदान देना सीखते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए एनएसएस के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न शिविरों और गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को मिलने वाले विभिन्न पुरस्कारों और सम्मान के बारे में भी बताया।
नवीन नागले ने कहा कि एनएसएस की गतिविधियों में नियमित सहभागिता से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित होती है।
दीपाली पांडे ने बताए एनएसएस के लक्ष्य
राज्य पुरस्कार प्राप्त वरिष्ठ स्वयंसेवक दीपाली पांडे ने राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य, कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनएसएस केवल शिविरों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अनेक जनजागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन करता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता और अन्य जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
दीपाली पांडे ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर स्वयंसेवक समाज की सेवा करने के साथ अपने व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का भी विकास कर सकते हैं।
साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट पर किया जागरूक

कार्यक्रम में वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसे विषयों पर भी विशेष चर्चा की गई। दीपाली पांडे ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी देते हुए ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी संदेश और व्यक्तिगत अथवा बैंकिंग जानकारी मांगने वाले लोगों से सतर्क रहना चाहिए। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि के दौरान जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए और अपनी निजी जानकारी अज्ञात व्यक्तियों के साथ साझा करने से बचना चाहिए।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जाने वाली ठगी को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ने के साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी होना भी आवश्यक हो गया है।
सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
अभिमुखीकरण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य युवाओं को समाज से जोड़ना और उनमें सेवा की भावना विकसित करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित विशेष शिविरों, जनजागरूकता अभियानों और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को एनएसएस की गतिविधियों में नियमित रूप से शामिल होकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
डॉ. विकेश सिंह ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विकेश सिंह ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को एनएसएस से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. साधना ठाकुर ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. वर्जीनिया दवंडे, डॉ. निर्मल बिस्वास, प्रो. माधुरी तुम्बेकर, गोपाल उबनारे सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सीमा अडलक, मिताली बारमासे, मीना यादव, गौतम उबनारे और नितेश बारमासे का विशेष सहयोग रहा। अभिमुखीकरण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों से जुड़कर समाज सेवा, जनजागरूकता और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
