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मध्यप्रदेश में 200 करोड़ की लागत से तैयार होगा CTG सेंटर, NSG कमांडोज ने दिखाया कौशल

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Published On: 6 April 2026
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भोपाल में एनएसजी का नया काउंटर-टेरेरिज्म ग्रुप (CTG) बनने जा रहा है

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का नया काउंटर-टेरेरिज्म ग्रुप (CTG) स्थापित किया जाएगा। यह ऐलान सोमवार, 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड में आयोजित NSG के समग्र क्षमता निर्माण प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि तूमड़ा में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से इस अत्याधुनिक CTG सेंटर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सेंटर आतंकवाद के खतरों का मुकाबला करने और सुरक्षा बलों की तत्परता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

तूमड़ा में CTG सेंटर का निर्माण

सीएम मोहन यादव ने बताया कि CTG बनाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है। उन्होंने कहा,

“हम तूमड़ा में इस सेंटर का निर्माण कर आतंकवादियों के खतरों से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। यह सेंटर हमारी सुरक्षा क्षमता को बढ़ाएगा और देश सेवा में हमारी भूमिका को और मजबूत करेगा।”

यह सेंटर केवल एक प्रशिक्षण स्थल नहीं होगा, बल्कि अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकों के साथ तैयार किया जाएगा, जो आतंकवाद-रोधी अभियानों में तेजी और कुशलता सुनिश्चित करेगा।

काउंटर-टेरेरिज्म ग्रुप (CTG) क्या होता है?

CTG या काउंटर-टेरेरिज्म ग्रुप एक विशेष सुरक्षा या खुफिया इकाई होती है। इसका मुख्य उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों को रोकना, खुफिया जानकारी (intelligence) एकत्र करना, और संदिग्ध आतंकवादी गुटों पर छापेमारी (raids) करना है।

CTG का कार्य केवल हमलों को रोकने तक सीमित नहीं है। यह देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बनाए रखने और आतंकवादियों के नेटवर्क को भंग करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस प्रकार के समूह उच्च प्रशिक्षित कमांडोज और तकनीकी विशेषज्ञों से मिलकर बनाए जाते हैं, जो किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तत्पर रहते हैं।

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NSG कमांडोज ने दिखाई अपनी दक्षता

लाल परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान NSG कमांडोज ने मॉकड्रिल का प्रदर्शन किया। इसमें उन्होंने न केवल आतंकवादियों को नियंत्रित किया बल्कि बंधकों को भी सुरक्षित रूप से छुड़ाया।

कमांडोज ने स्पाइडर मैन तकनीक का उपयोग करते हुए इमारत को घेरा और विस्फोट किया। उनके K-9 असॉल्ट डॉग ने आतंकवादी को नीचे गिराकर उसकी राइफल ले ली।

प्रदर्शन में कई तकनीकी और शारीरिक करतब शामिल थे:

  • रिंग ऑफ फायर
  • टाइल ब्रेकिंग और ब्लॉक ब्रेकिंग
  • मिक्स मार्शल आर्ट्स का प्रदर्शन

K-9 जोरो ने भी अपनी अद्भुत कुशलता दिखाई और आतंकवादियों को ढूंढने में जवानों की मदद की। इस प्रदर्शन ने दर्शकों को NSG कमांडोज की निडरता, बुद्धिमत्ता और प्रशिक्षित क्षमता का अहसास कराया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने NSG के कमांडोज की प्रशंसा करते हुए कहा,

“हमारे कमांडोज ने अपनी क्षमता, बुद्धिमत्ता और निडरता का जो प्रदर्शन किया, वह अद्भुत है। हमें इन पर गर्व है।”

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1984 में बने NSG ने अपने समय में कुशलता दिखाई। विशेषकर 1990 के दशक में जब प्रधानमंत्री अपने घर में सुरक्षित नहीं थे, तब NSG ने अपने बल-पराक्रम से सुरक्षा सुनिश्चित की थी। उन्होंने स्वर्गीय राजीव गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि सार्वजनिक समारोह में उनके जीवन की रक्षा NSG के बल-पुरुषार्थ का परिणाम था।

सीएम ने कहा कि यह CTG सेंटर भोपाल और पूरे मध्यप्रदेश के लिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

CTG सेंटर से क्या होगा लाभ?

  1. आतंकवाद-रोधी तैयारियों में वृद्धि: यह सेंटर प्रशिक्षित कमांडोज को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस करेगा।
  2. सुरक्षा बलों की क्षमता में सुधार: प्रशिक्षण और वास्तविक अभियानों के माध्यम से सुरक्षा बल अधिक सक्षम होंगे।
  3. आंतरिक और बाहरी सुरक्षा मजबूत होगी: आतंकवादी गतिविधियों का पूर्वानुमान और नियंत्रण बेहतर तरीके से किया जाएगा।
  4. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खतरों से सुरक्षा: CTG सेंटर देश और क्षेत्र के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

इसके माध्यम से सुरक्षा एजेंसियां नई तकनीकों और रणनीतियों का अभ्यास कर वास्तविक संकट में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई कर पाएंगी।

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NSG का इतिहास और भूमिका

NSG (National Security Guard) की स्थापना 1984 में की गई थी। इसका उद्देश्य आतंकवाद और उच्च स्तर की सुरक्षा चुनौतियों से निपटना है। NSG का गठन विशेष रूप से अत्याधुनिक हथियारों और रणनीतियों के प्रयोग के लिए किया गया।

1980 और 1990 के दशक में जब देश में उच्च स्तरीय आतंकवादी खतरे सामने आए, NSG ने कई सफल ऑपरेशन किए। सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने में NSG की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

मॉकड्रिल और सुरक्षा तकनीक

लाल परेड ग्राउंड में आयोजित मॉकड्रिल ने यह दिखाया कि CTG के कमांडोज किसी भी स्थिति में कितने दक्ष हैं। इस प्रदर्शन में शामिल मुख्य तकनीकें और क्षमताएं इस प्रकार थीं:

  • इमारत घेरने और विस्फोट नियंत्रित करने की रणनीति
  • बंधकों को सुरक्षित निकालना
  • उच्च प्रशिक्षण प्राप्त K-9 डॉग की भूमिका
  • मिश्रित मार्शल आर्ट्स और फिजिकल कौशल

इससे यह स्पष्ट हुआ कि CTG सेंटर के बनने से NSG और मध्यप्रदेश की सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी।

मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश सरकार CTG के निर्माण और संचालन में पूर्ण सहयोग करेगी। 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सेंटर में उच्च स्तर की तकनीक, प्रशिक्षण और सुरक्षा उपाय होंगे।

सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि देश और प्रदेश में सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी क्षमता को मजबूत करना है।

निष्कर्ष

भोपाल में CTG सेंटर का निर्माण मध्यप्रदेश और पूरे देश के लिए सुरक्षा में एक बड़ा कदम है। NSG कमांडोज की दक्षता और आधुनिक तकनीक का संयोजन आतंकवादियों के लिए बड़ा खतरा साबित होगा।

CTG सेंटर से न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा मजबूत होगी। यह सेंटर प्रशिक्षण, रणनीति और तकनीक के माध्यम से आतंकवाद और अन्य सुरक्षा खतरों से निपटने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की यह घोषणा और NSG कमांडोज का प्रदर्शन नागरिकों को आश्वस्त करता है कि सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा बेहतर बनाने के लिए प्रयास जारी हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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