सिलवानी क्षेत्र के बुजुर्गों ने सरकार से लगाई गुहार, बोले- पेंशन हमारे जीवन का सबसे बड़ा आधार
सिलवानी संवाददाता वैभव जैन मस्ताना।
वृद्धावस्था में जीवनयापन के लिए सरकार से मिलने वाली पेंशन कई बुजुर्गों के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जीवन का महत्वपूर्ण सहारा होती है। लेकिन सिलवानी क्षेत्र के कई बुजुर्ग पिछले कई महीनों से अपनी वृद्धावस्था पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण बुजुर्गों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर उनसे अब पहले की तरह मेहनत-मजदूरी भी नहीं हो पाती। ऐसे में सरकार द्वारा दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन उनके लिए दवा, भोजन और रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने का एकमात्र माध्यम है। लेकिन कई महीनों से पेंशन नहीं मिलने के कारण उनका जीवन कठिन हो गया है।
चार-चार महीने से पेंशन का इंतजार कर रहे बुजुर्ग
सिलवानी क्षेत्र के कई बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें वृद्धावस्था पेंशन के लिए लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोगों को चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई है।
बुजुर्गों का कहना है कि वे बार-बार संबंधित कार्यालयों और अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास करते हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट समाधान नहीं मिल पा रहा है। उम्र के इस पड़ाव पर बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाना भी उनके लिए आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसी कारणवश सहायता राशि देने में असमर्थ है तो कम से कम उन्हें स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए, लेकिन इस तरह लंबे समय तक इंतजार करवाना बुजुर्गों के लिए मानसिक परेशानी का कारण बन रहा है।
पेंशन नहीं मिलने से पड़ोसियों और रिश्तेदारों पर निर्भर बुजुर्ग
बुजुर्गों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उम्र बढ़ने के साथ काम करने की क्षमता कम हो जाती है। कई बुजुर्ग ऐसे हैं जो शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके हैं और किसी भी प्रकार का नियमित काम करने की स्थिति में नहीं हैं।
ऐसे में वे भोजन, दवाइयों और अन्य जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। कई बुजुर्ग पड़ोसियों और रिश्तेदारों की मदद से अपना जीवन चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन उनके लिए सम्मानपूर्वक जीवन जीने का माध्यम है। यह राशि भले ही बहुत बड़ी नहीं होती, लेकिन गरीब और असहाय बुजुर्गों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण होती है।
गरीबी की सूची में शामिल कई बुजुर्ग परेशान
सिलवानी क्षेत्र में ऐसे कई बुजुर्ग हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और गरीबी की श्रेणी में आते हैं। उम्र अधिक होने के कारण वे न तो मजदूरी कर सकते हैं और न ही कोई अन्य रोजगार कर सकते हैं।
इन बुजुर्गों का कहना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद की किरण होती हैं। लेकिन जब समय पर सहायता नहीं मिलती तो योजनाओं का लाभ मिलने का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पात्र बुजुर्गों की पेंशन भुगतान प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
चुनाव के समय याद आते हैं बुजुर्ग, जरूरत के समय नहीं मिलता सहारा
बुजुर्गों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव के समय नेता और जनप्रतिनिधि गांव-गांव और घर-घर पहुंचते हैं। उस समय गरीबों और बुजुर्गों की समस्याओं को सुनने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।
लेकिन जब वास्तव में जरूरत होती है, तब कई बार बुजुर्गों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए परेशान होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से सहायता मिलनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वृद्धजनों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए।
“पेंशन रोकना हमारे जीवन का सहारा रोकना है”
क्षेत्र के बुजुर्गों ने भावुक होकर कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रुकने से शायद कुछ समय के लिए परेशानी हो सकती है, लेकिन गरीब बुजुर्गों की पेंशन रुकना उनके जीवन की रोजमर्रा की जरूरतों को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन उनके लिए केवल सरकारी सहायता नहीं है, बल्कि जीवन का सहारा है। इसी राशि से वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करते हैं और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का प्रयास करते हैं।
बुजुर्गों ने सरकार से आग्रह किया है कि पेंशन भुगतान व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए और जिन लोगों की राशि लंबित है, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाए।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
सिलवानी क्षेत्र के बुजुर्गों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि वृद्धावस्था पेंशन में हो रही देरी की समस्या का जल्द समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन बुजुर्गों को पेंशन के लिए पात्र माना गया है, उन्हें समय पर राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
बुजुर्गों का कहना है कि जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति में नहीं आना चाहिए। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ही यही है कि जरूरतमंद और कमजोर वर्ग को सम्मान के साथ जीवन जीने में सहायता मिले।
बुजुर्गों को उम्मीद है सरकार सुनेगी उनकी आवाज
सिलवानी क्षेत्र के वृद्धजन अब भी सरकार और प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्हें विश्वास है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द ही लंबित पेंशन राशि का भुगतान किया जाएगा।
बुजुर्गों ने कहा कि वे किसी अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल उस सहायता की मांग कर रहे हैं जो शासन द्वारा उनके लिए निर्धारित की गई है।
उन्होंने एक बार फिर प्रशासन से अपील की है कि वृद्धावस्था पेंशन की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए और जरूरतमंद बुजुर्गों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने जीवन का शेष समय सम्मान और सुरक्षित तरीके से व्यतीत कर सकें।
