निशु आजाद vs स्वतंत्र भारद्वाज: पुलिस क्या करेगी? 2 घंटे की मीटिंग के बाद चंद्रशेखर आजाद ने बताया पूरा घटनाक्रम
निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले का आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज अगले 72 घंटे में गिरफ्तार हो सकता है। पुलिस के हवाले से यह महत्वपूर्ण जानकारी नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दी है, जिसके बाद इस मामले ने एक बार फिर राजधानी दिल्ली में सुर्खियां बटोरनी शुरू कर दी हैं।
निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हुए हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी के नेतागण सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद मार्ग थाने पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ करीब 2 घंटे तक लंबी वार्ता की। इस विस्तृत बैठक के दौरान मामले के हर पहलू पर चर्चा हुई और पुलिस से इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। बैठक समाप्त होने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने बाहर इंतजार कर रहे पत्रकारों को पूरी स्थिति की जानकारी दी।
72 घंटे में गिरफ्तारी का दिया गया आश्वासन
पत्रकारों से बातचीत में आजाद ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट आश्वासन दिया है कि अगले 72 घंटे के भीतर आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला केवल एक कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मानवीय पहलू भी है। आजाद ने कहा कि पीड़ित परिवार इस समय पूरी तरह डर के साये में जी रहा है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
उन्होंने आगे बताया कि बैठक में पुलिस इस बात पर भी सहमत हुई है कि आरोपी के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 109 लगाई जाएगी, जो पूर्ववर्ती आईपीसी की धारा 307 यानी अटेम्प्ट टू मर्डर के समकक्ष है। यह एक गंभीर धारा मानी जाती है और इसके लगने से मामले की गंभीरता और अधिक बढ़ जाएगी।
पीड़ित परिवार को मिल रही लगातार धमकियां
पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद अपनी बात रखते हुए चंद्रशेखर आजाद ने एक चिंताजनक खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी स्वयं अपने बयान और वायरल वीडियो में इस घटना को स्वीकार कर रहा है, इसके बावजूद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार वर्तमान में गहरे डर के माहौल में जी रहा है और लगातार अपनी सुरक्षा को लेकर स्टेटमेंट जारी कर रहा है।
आजाद के अनुसार, पीड़ित संजय कुमार और उनकी बेटी निशु आजाद को लगातार अलग-अलग माध्यमों से धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने इस पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह घटना देश की राजधानी दिल्ली में हो रही है, जहां कानून व्यवस्था की स्थिति और बेहतर होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यदि राजधानी में ही पीड़ितों को इस तरह असुरक्षित महसूस करना पड़े, तो यह प्रशासन के लिए गंभीर आत्मनिरीक्षण का विषय है।
आजाद ने आगे बताया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि निर्धारित 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उस पर अटेम्प्ट टू मर्डर की धारा भी लगाई जाएगी। हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में यह भी चेतावनी दी कि यदि इस समयसीमा के भीतर पुलिस द्वारा वादा किया गया एक्शन नहीं लिया जाता है, तो उनकी पार्टी और समर्थक दिल्ली पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय का भी घेराव करेंगे।
दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
इस पूरी बातचीत के दौरान नगीना सांसद ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर भी कई तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने सीधा सवाल पूछा कि जब आरोपी ने खुद वायरल वीडियो में अपना अपराध स्वीकार किया, तो फिर आखिर दिल्ली पुलिस ने उसकी पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने में इतनी देरी क्यों की? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद लंबे समय तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली, जिससे पीड़ित परिवार का प्रशासन पर भरोसा कमजोर हुआ है।
हालांकि, इन सवालों के बावजूद आजाद ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा बैठक में पुलिस ने उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि शाम तक आरोपी के खिलाफ अटेम्प्ट टू मर्डर की धारा के साथ-साथ SC-ST एक्ट की धारा भी जोड़ दी जाएगी, जिससे मामले की कानूनी गंभीरता और अधिक बढ़ जाएगी।
क्या है पूरे विवाद की जड़?
इस पूरे मामले की जड़ को समझने के लिए हमें कुछ समय पीछे जाना होगा। दरअसल शुक्रवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के कई समर्थक बड़ी संख्या में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्रित हुए थे। सभी समर्थक एक स्वर में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
गौरतलब है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने हाल ही में सामने आए एक वायरल वीडियो में खुद यह दावा किया था कि उन्होंने एक स्टूडेंट प्रोटेस्टर के पिता के साथ मारपीट की थी। यह पूरा विरोध प्रदर्शन भारद्वाज के इसी इंटरव्यू के वायरल होने के बाद आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया था कि बीते 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान उन्होंने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) प्रोटेस्टर निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार के साथ शारीरिक मारपीट की थी।
इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया। अब जबकि नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद स्वयं इस मामले में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पुलिस अपने दिए गए आश्वासन के अनुसार निर्धारित 72 घंटे की समयसीमा के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर पाती है, या फिर यह मामला भी लंबित मामलों की सूची में शामिल हो जाता है। फिलहाल पीड़ित परिवार और उनके समर्थक न्याय की उम्मीद में पुलिस की अगली कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
