निजी स्कूल संचालकों ने RTE भुगतान, अनर्गल जांच पर रोक, मेरिट स्कॉलरशिप में समानता और कैशलैस बीमा की मांग को लेकर विधायक को ज्ञापन सौंपा। मांगें नहीं मानी तो 21 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी।
निजी स्कूल संचालकों की बड़ी चेतावनी: 21 अगस्त को राजस्थान विधानसभा घेराव का ऐलान
भीनमाल (मुकेश सोलंकी)। निजी स्कूल संचालक अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर अब आंदोलन के मूड में नजर आ रहे हैं। भीनमाल में स्कूल शिक्षा परिवार से जुड़े निजी विद्यालय संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम स्थानीय विधायक डॉ. समरजीत सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
स्कूल संचालकों का कहना है कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगें लंबित हैं। यदि सरकार ने इन मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर के निजी स्कूल संचालक 21 अगस्त को राजस्थान विधानसभा का घेराव करेंगे।
निजी स्कूल संचालकों ने सौंपा ज्ञापन
संभाग प्रभारी ललित शर्मा एवं भीनमाल ब्लॉक अध्यक्ष टीकमाराम भाटी के नेतृत्व में निजी विद्यालय संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम विधायक डॉ. समरजीत सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से स्कूल शिक्षा परिवार ने सरकार से निजी विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की मांग की। संचालकों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गैर-सरकारी विद्यालयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए।
अनर्गल जांचों पर रोक की मांग
निजी स्कूल संचालकों ने निजी विद्यालयों में होने वाली अनावश्यक एवं अनर्गल जांचों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली जांचों से विद्यालय संचालन प्रभावित होता है और संचालकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
RTE पुनर्भरण राशि का भुगतान
ज्ञापन में शिक्षा का अधिकार यानी RTE के तहत बकाया पुनर्भरण राशि का समय पर भुगतान करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। स्कूल संचालकों ने राशि का भुगतान DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किए जाने की मांग रखी।
RTE और शिक्षा से संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए राजस्थान के शिक्षा पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
स्कूल शिक्षा परिवार ने RTE सहित अन्य कार्यों में जानबूझकर देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग भी की। संचालकों का कहना है कि विभागीय स्तर पर होने वाली अनावश्यक देरी का सीधा असर विद्यालयों के संचालन पर पड़ता है।
मेरिट स्कॉलरशिप में समानता की मांग
ज्ञापन में मेरिट स्कॉलरशिप योजना में सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच कथित भेदभाव खत्म करने की मांग की गई। संचालकों का कहना है कि विद्यार्थियों के साथ विद्यालय के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और पात्र विद्यार्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए।
कर्मचारियों के लिए कैशलैस बीमा
निजी विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कैशलैस बीमा एवं एक्सीडेंटल बीमा योजना लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। स्कूल संचालकों ने कहा कि निजी विद्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
21 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी
विधायक डॉ. समरजीत सिंह राठौड़ ने निजी विद्यालय संचालकों को आश्वस्त किया कि वे उनकी समस्याओं और मांगों को आगामी विधानसभा सत्र में मजबूती से उठाएंगे।
वहीं, ब्लॉक अध्यक्ष टीकमाराम भाटी ने बताया कि गैर-सरकारी विद्यालयों की समस्याओं को लेकर इस समय पूरे प्रदेश में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों का सकारात्मक निस्तारण नहीं किया तो 21 अगस्त को प्रदेशभर के निजी स्कूल संचालक राजस्थान विधानसभा का घेराव करेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति और अव्यवस्था की जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।राजस्थान विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर सदन, सदस्यों और विधायी कार्यवाही से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
ये स्कूल संचालक रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जबराराम भाटी, सोहनलाल बंजारा, दिगम्बर सिंह जोधा, नरपतराज परमार, गजेंद्र सिंह राव, राजा शर्मा, पारसाराम देवासी, विष्णुदत्त व्यास, मोहनलाल परमार, दिनेश कुमार परमार, नरपतकुमार बोस, इस्तियाक खान, विवेकानन्द बिस्सा, जेठाराम आचार्य, विक्रम कुमार, जबार खान कादरी और पीथाराम रोहिण सहित क्षेत्र के अनेक निजी स्कूल संचालक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी, भीनमाल


