इंदौर-देवास बायपास के गड्ढे भरने का NHAI का दावा, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से मौके पर जांच करने को कहा
जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान प्राधिकरण ने पेश कीं तस्वीरें; कोर्ट ने सड़क की मौजूदा स्थिति बताने को कहा, अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को
इंदौर। इंदौर-देवास बायपास की खराब स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अदालत में कुछ फोटोग्राफ पेश करते हुए दावा किया कि बायपास पर बने गड्ढों को भर दिया गया है और अब वहां कोई समस्या नहीं है। इन तस्वीरों और दावे के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे मौके पर जाकर सड़क की स्थिति देखें और वास्तविकता से अदालत को अवगत कराएं।
मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। सुनवाई जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की डबल बेंच में हुई। फिलहाल अदालत ने सड़क की मौजूदा स्थिति के संबंध में याचिकाकर्ता से प्रत्यक्ष जानकारी मांगी है। इसके बाद अगली तारीख पर मामले में आगे सुनवाई होगी।
NHAI ने तस्वीरें पेश कर बताया—गड्ढे भर दिए
सुनवाई के दौरान NHAI की ओर से अदालत में फोटोग्राफ पेश किए गए। प्राधिकरण ने इन तस्वीरों के आधार पर कहा कि बायपास पर गड्ढे भरने का काम किया जा चुका है और अब वहां समस्या नहीं है। सड़क की स्थिति को लेकर अदालत के सामने प्राधिकरण का यह पक्ष रखा गया।
हालांकि, याचिका में बायपास की बदहाली को लेकर उठाए गए मुद्दे पर सुनवाई जारी है। अदालत ने तस्वीरों के आधार पर तत्काल कोई अंतिम निष्कर्ष देने के बजाय याचिकाकर्ता को मौके पर जाकर स्थिति देखने और अपनी जानकारी साझा करने को कहा। अब याचिकाकर्ता द्वारा सड़क का निरीक्षण कर अदालत को दी जाने वाली जानकारी अगली सुनवाई में महत्वपूर्ण रहेगी।
याचिकाकर्ता से प्रत्यक्ष स्थिति बताने को कहा
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को बायपास पर जाकर देखने के लिए कहा है कि सड़क की मौजूदा हालत क्या है और गड्ढे भरने के बाद स्थिति में कितना सुधार हुआ है। अदालत चाहती है कि NHAI के दावे के साथ स्थल पर मौजूद स्थिति की जानकारी भी रिकॉर्ड पर आए।
यह निर्देश मामले में सड़क की हालत को लेकर सामने आए अलग-अलग पक्षों के बीच स्थिति स्पष्ट करने के लिए अहम है। NHAI ने तस्वीरें पेश कर मरम्मत कार्य होने की बात कही है, जबकि जनहित याचिका बायपास की बदहाली से जुड़ी है। याचिकाकर्ता की ओर से मौके पर निरीक्षण के बाद दी गई जानकारी से अदालत को सड़क की वर्तमान स्थिति समझने में मदद मिलेगी।
पिछली सुनवाई में वर्ष 2023 के आदेश का किया था उल्लेख
इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने NHAI से पूछा था कि वर्ष 2023 में हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद बायपास की स्थिति सुधारने के लिए कौन-कौन से काम किए गए। अदालत ने प्राधिकरण से इन निर्देशों के बाद की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी थी।
शुक्रवार की सुनवाई में NHAI ने तस्वीरें पेश कर गड्ढे भरने और समस्या दूर होने का दावा रखा। अब याचिकाकर्ता स्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति देखेंगे और अदालत को बताएंगे। इस प्रक्रिया के बाद बायपास की हालत और मरम्मत को लेकर पक्षों की बात अगली सुनवाई में सामने आ सकती है।
27 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तारीख तय की है। याचिकाकर्ता को इस बीच बायपास की स्थिति का निरीक्षण कर अदालत को जानकारी देनी है। अगली सुनवाई में अदालत के सामने NHAI का पक्ष और मौके पर देखी गई स्थिति दोनों उपलब्ध होंगे।
