आत्म-चिंतन, संयम, ध्यान और आत्म-अवलोकन से जीवन को सफल बनाने का संदेश
नए वर्ष के स्वागत में महावीर बाग, इंदौर में समूह सामायिक का भव्य आयोजन
Indore ।
नया वर्ष केवल कैलेंडर बदलने का अवसर नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन, आत्म-अवलोकन और जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने का महत्वपूर्ण समय होता है। जब व्यक्ति स्वयं को पहचानता है और अपने भीतर झांकता है, तभी वह परमात्मा से जुड़ने की दिशा में अग्रसर होता है। आत्म-चिंतन, संयम, ध्यान और आत्म-अवलोकन के सूत्रों को जीवन में अपनाकर ही सच्चे अर्थों में जीवन को सफल बनाया जा सकता है।
यह विचार फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री जिनेश्वर जैन ने नए वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित समूह सामायिक की आराधना कराते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नया साल हमें यह सोचने का अवसर देता है कि बीते वर्ष में हमने क्या खोया और क्या पाया। आत्ममंथन के माध्यम से स्वयं का निष्पक्ष आकलन करना ही आत्मविकास की पहली सीढ़ी है।
अध्यात्म के साथ नए वर्ष का स्वागत
महावीर बाग, Indore में आयोजित यह आयोजन प्रातः 7:15 बजे समय की पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नए वर्ष का स्वागत भौतिक उत्सवों से अलग, अध्यात्म, शुद्ध विचारों और आत्मिक ऊर्जा के साथ करना था। यह आयोजन इंदौर में अपनी तरह का पहला अवसर रहा, जब नए वर्ष का स्वागत समूह सामायिक के माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आत्म-अवलोकन, भविष्य के लिए सकारात्मक चिंतन और परमात्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से नवकार मंत्र की स्तुति की तथा “मेरी भावना” का पाठ किया। इसके पश्चात एकाग्र चित्त से आत्मस्वरूप का ध्यान कराया गया, जिसमें पंच परमेष्ठि परमात्मा के स्वरूप का दर्शन कर जीवन के मूल सिद्धांतों पर मनन किया गया।

क्षमायाचना और कृतज्ञता का भाव
समूह सामायिक में बीते वर्ष की भूलों के लिए क्षमायाचना का विशेष भाव रखा गया। संसार में रहते हुए जाने-अनजाने हुए दोषों के प्रति आत्मस्वीकार और क्षमा याचना जैन दर्शन का मूल तत्व है। इस भाव के साथ जीवन-दर्शन का यथार्थ चित्रण प्रस्तुत किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को अपने आचरण और विचारों पर आत्ममंथन का अवसर मिला।
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कार्यक्रम के अंत में नए वर्ष के स्वागत में अध्यात्म के “अहो भाव” का वर्णन किया गया, जिससे उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के मन में शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
अनुशासित एवं प्रेरणादायी आयोजन
इस संपूर्ण आयोजन का संयोजन वरिष्ठ स्वाध्यायी एवं फेडरेशन के अध्यक्ष श्री जिनेश्वर जैन द्वारा किया गया। वरिष्ठ श्रावक श्री रमेश भंडारी द्वारा मंगल पाठ किया गया। कार्यक्रम में महासचिव अरिहंत जैन सहित किरण सिरोलिया, नरेंद्र भंडारी, रितेश कटकानी एवं अनिल सामोता द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया, जिससे राष्ट्रभक्ति और अध्यात्म का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

प्रभावना वितरण और समाज की सहभागिता
कार्यक्रम के पश्चात प्रभावना का वितरण समाजसेवी श्री कैलाश नाहर एवं श्री प्रकाश भटेवरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर समाज के अनेक वरिष्ठजन, युवा, महिलाएँ एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समारोह में प्रमुख रूप से कांतिलाल बम, जितेंद्र चोपड़ा, दीपक जैन टीनू, नरेंद्र मेहता, भगवतीलाल नागौरी, राजकुमार पंजाबी, सुभाष विनायक्या, रवि बाफना, सुरेश देशलहरा, प्रकाश नाहर, संजय नाहर, राजेंद्र जैन, नरेंद्र संचेती, राजेश जैन पप्पू, अतुल कांकरिया, सी.ए. विनोद जैन, विमल तातेड, अशोक मंडलीक, गजेन्द्र बोडाना, महावीर धाकड़, दिलीप बोहरा, अनिल जैन, सुशील तातेड, सुनील मुरड़िया, जितेंद्र मालू, राकेश सेठ, विनोद मेहता, आशीष धारीवाल, तरुण कीमती, विकास हुंडिया, स्वप्निल संचेती, तेजकुमार तांतेड, अजय चौधरी, धर्मचंद जैन, गौतम जैन, पारस जैन, ललित जैन, कांता भटेवरा, नीलू जैन, शोभा जैन, कविता भंडारी, प्रभा संचेती, शांता भामवत, कल्पना पटवा सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आध्यात्मिक संदेश के साथ नए वर्ष की शुरुआत
यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आत्मिक संदेश भी बना। समूह सामायिक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि व्यक्ति आत्म-चिंतन, संयम, ध्यान और आत्म-अवलोकन को जीवन का अंग बना ले, तो वह भीतर से माया की पकड़ छोड़कर सत्य को धारण कर सकता है।
महावीर बाग में संपन्न यह कार्यक्रम नए वर्ष की शुरुआत को अध्यात्म, शांति और सकारात्मकता से जोड़ने का एक प्रेरणादायी उदाहरण बना, जिसने इंदौर के धार्मिक एवं सामाजिक जीवन में एक नई आध्यात्मिक चेतना का संचार किया।

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