3 साल में दरक गया 1 करोड़ का स्कूल, दीवारों में सीलन-दरारें
पड़ाना
मनोज कुमार पुष्पत की रिपोर्ट
राजगढ़ जिले के सारंगपुर
तहसील के नगर पड़ाना में एक करोड रुपए की लागत से बने नवीन शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक भवन महज साढे तीन साल में जर्जर हो गया है जिसने पूरे इलाके में सुरक्षा और सरकारी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं बाहर से भव्य दिखने वाला यह संरचना अंदर से बेहद घटिया गुणवत्ता के कारण अब खतरनाक साबित हो रही है।
दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें बरसात में छत से पानी टपकना के साथ दीवारों में जगह जगह सीलन यह समस्याएं छात्रों और अभिभावकों के लिए चिंता का बड़ा विषय बन चुकी है। स्थानीय अभिभावकों और छात्रों का कहना है कि नई बिल्डिंग मिलने की खुशी अब डर में बदल चुकी है बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की चिंता करने वाले माता. पिता मानते हैं कि इतनी कम अवधि में भवन की यह स्थिति
न केवल ठेकेदार की लापरवाही को उजागर करती है बल्कि पीआईयू विभाग की देखरेख में बनी यह
निर्माण के समय सरकारी नियमों
के तहत आमतौर पर 5 साल की गारंटी लागू होती है लेकिन साढ़े तीन साल के अंदर ही दीवारों पर प्रत्येक कमरे में जगह जगह दरारें है छत से पानी का रिसाव जैसे गंभीर दोष दिखना स्थानीय स्तर पर नाराजगी का कारण है बिल्डिंग बनने के दौरान कालम झुकने के बाद ठेकेदार के द्वारा किए जा रहे घटिया निर्माण कार्य की शिकायत प्राचार्य सहित ग्रामीणों के द्वारा लोकार्पण के समय शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को लिखित आवेदन
राष्ट्रता सिर्फ सचाई के रास्ते
बिल्डिंग सरकारी निर्माण मानकों की गुणवत्ता और निरीक्षण तंत्र की सफलता को भी सामने लाती है।

कोई ठोस कदम नहीं उठाया
देकर की गई थी जिस पर मौके पर ही ठेकेदार सहित पीआईयू विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई थी तथा शिक्षा विभाग के मद से बनी लोक निर्माण विभाग पीआईयू के मार्गदर्शन में एक करोड रुपए की लागत से बनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पड़ाना की इस बिल्डिंग का लोकार्पण मुख्य अतिथि स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री स्कूल शिक्षा विभाग इंदर सिंह परमार अध्यक्षता सांसद रोडमल नागर पूर्व विधायक कुंवर कोठार सहित अन्य प्रतिनिधियों के द्वारा 12 दिसंबर
नगर पड़ाना के इस मामले से प्रदेश भर में सरकारी स्कूलों के अवसंरचना की स्थिति पर पुनः सवाल उठने लगे हैं जहां बड़ी संख्या में बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और जिन शिक्षक स्थान की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए वही आज स्थिति भयावाह बनी हुई है।
2022 को लोकार्पण किया गया
था। लोकार्पण के समय में ग्रामीणों के द्वारा ही इस बिल्डिंग के निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग होने का शिकायती पत्र सौंपा था। प्राचार्य शिवनारायण वर्मा सहित जनपद सदस्य प्रतिनिधि सोनू मंसूरी सहित ग्रामीणों ने पीआईयू विभाग राजगढ़ के कार्यपालन अधिकारी ज्ञानदीप भूमरकर को अवगत कराने के बाद सब इंजीनियर दिवाकर को भेजकर स्कूल बिल्डिंग की स्थिति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही।
