MP में बड़ा बदलाव: किसान और बिल्डर मिलकर बनाएंगे नया शहर
Bhopal, MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव करते हुए Integrated Township Rules 2026 लागू कर दिए हैं। अब राज्य के किसान और डेवलपर मिलकर टाउनशिप विकसित कर सकते हैं। यह पहल प्रदेश में सस्टेनेबल और ग्रीन शहरों के निर्माण की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
इस नियमावली के अनुसार, शहरों के आसपास किसान/समूह और डेवलपर सहमति से लैंड पुलिंग कर टाउनशिप बना सकते हैं। टाउनशिप बनाने में Town & Country Planning (T&CPS) नोडल एजेंसी की मदद ली जाएगी। यदि परियोजना में सरकारी भूमि आती है, तो प्रोजेक्ट की कुल जमीन का 20% या अधिकतम 8 हेक्टेयर तक शासन डेवलपर को आवंटित करेगा।
सरकारी जमीन और अतिरिक्त FAR की सुविधा
Integrated Township Rules 2026 के तहत, अधिक हरियाली, ग्रीन बिल्डिंग और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों वाले प्रोजेक्ट्स को अतिरिक्त FAR (Floor Area Ratio) मिलेगा। इसका उद्देश्य है कि नए शहर पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ और आधुनिक हों।
सभी अनुमतियाँ नोडल एजेंसी के माध्यम से दी जाएंगी। नियम के अनुसार प्रस्ताव के 60 दिन के भीतर सभी विभागों को अनुमति देनी होगी, अन्यथा अनुमति डीम्ड मानी जाएगी। इससे डेवलपर समय पर काम शुरू कर सकेगा और किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं रहेगी।
MP में कहाँ नियम लागू नहीं होंगे
Integrated Township Rules 2026 के तहत कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में नियम लागू नहीं होंगे:
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नदी-ताला, तालाब और बांध जैसी जल संरचनाएँ
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राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य
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रक्षा संपदा क्षेत्र और छावनी क्षेत्र
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अधिसूचित पर्यावरण ईको-संवेदनशील क्षेत्र
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खदान, SEZ और वन्यजीव गलियारा
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ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल
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रेलवे भूमि या राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित भूमि
यह नियम संवेदनशील क्षेत्रों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।
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Township के लिए अनिवार्य नियम
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Township बनाने वाला डेवलपर T&CPS में पंजीकृत होना चाहिए।
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पंजीकरण शुल्क: ₹50,000, नवीनीकरण शुल्क: ₹25,000, प्रमाण-पत्र की वैधता: 5 वर्ष
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टाउनशिप का 2.5% क्षेत्र ग्रीन कवर के लिए आरक्षित होगा
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टाउनशिप में कुल क्षेत्रफल का 10% पार्क और खुला क्षेत्र होगा
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15% ईडब्ल्यूएस (निम्न आय वर्ग) के लिए आवास आरक्षित होंगे
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10 हेक्टेयर से कम भूमि में टाउनशिप नहीं बनाई जा सकेगी
इन नियमों से यह सुनिश्चित होगा कि टाउनशिप में सामाजिक न्याय, पर्यावरण और हरित क्षेत्र की पर्याप्त जगह हो।
Township निर्माण की आवश्यकताएँ
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5 लाख से कम आबादी वाले शहरों में कम से कम 10 हेक्टेयर जमीन
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5 लाख आबादी वाले शहरों में कम से कम 20 हेक्टेयर जमीन और 24 मीटर चौड़ी सड़क
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नगरीय निकाय या प्लानिंग एरिया के बाहर 40 हेक्टेयर या अधिक भूमि पर टाउनशिप बनाई जा सकती है
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सड़क की चौड़ाई कम से कम 30 मीटर होनी चाहिए
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डेवलपर को सभी आवश्यक सुविधाएँ (पेयजल, सीवेज, बिजली, सड़क आदि) सुनिश्चित करनी होंगी
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पर्यावरण सुरक्षा का ध्यान रखना अनिवार्य है
इन मानकों का उद्देश्य है कि नई टाउनशिप स्वच्छ, व्यवस्थित और टिकाऊ हो।
अनुमति देने वाली प्राधिकरण समिति
टाउनशिप प्रस्तावों की जांच और अनुमोदन के लिए अलग-अलग शहरों में प्राधिकरण समिति बनेगी:
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5 लाख आबादी वाले शहरों में: सचिव नगरीय विकास अध्यक्ष
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अन्य जिलों में: कलेक्टर अध्यक्ष
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नोडल एजेंसी: T&CPS
यदि एक से अधिक आवेदन आए, तो ई-बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से चयन होगा। अनुमतियाँ 60 दिन के भीतर नहीं दी गईं, तो डीम्ड अनुमति मानी जाएगी।
नए शहरों के लाभ
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सस्टेनेबल और ग्रीन शहर: अधिक हरियाली, ग्रीन बिल्डिंग और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के उपयोग से।
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किसान और डेवलपर की भागीदारी: स्थानीय किसानों को भूमि विकास में हिस्सेदारी और लाभ मिलेगा।
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EWS आवास का प्रावधान: निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए 15% आवास आरक्षित।
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आधुनिक सुविधाएँ: टाउनशिप में पार्क, खुला क्षेत्र, पेयजल, सीवेज और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
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सरकारी भूमि का उपयोग: परियोजना में सरकारी भूमि आने पर डेवलपर को आवंटित किया जाएगा।
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नवीन निवेश और रोजगार: नई टाउनशिप में निवेश और निर्माण कार्य से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
निष्कर्ष
Integrated Township Rules 2026 मध्य प्रदेश में टाउनशिप निर्माण की दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आए हैं।
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किसान और डेवलपर मिलकर शहरों के आसपास हरित, टिकाऊ और आधुनिक टाउनशिप विकसित कर सकेंगे।
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सरकारी जमीन और अतिरिक्त FAR की सुविधा से डेवलपर्स को प्रोत्साहन मिलेगा।
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नियमों के तहत EWS आवास, पार्क, ग्रीन कवर और पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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शहरों के आसपास नई टाउनशिप के निर्माण से आवासीय और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह नई नीति प्रदेश को सस्टेनेबल, आधुनिक और निवेश-अनुकूल बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी।

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