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नेपाल-भारत साहित्य यात्रा 2026 : ऐतिहासिक सांस्कृतिक संगम में 42 साहित्यकारों का भव्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

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Published On: 24 May 2026
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नेपाल-भारत साहित्य यात्रा 2026 के अंतर्गत आथाई मीडिया इंटरनेशनल द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं सांस्कृतिक सम्मेलन में 42 प्रतिनिधि काठमांडू में सहभागिता करेंगे। डॉ. जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’, डॉ. अल्पना जैन, डॉ. अखिल बंसल और डॉ. जयेन्द्र कीर्ति के संयोजन में भारत-नेपाल मैत्री, साहित्य और संस्कृति पर विशेष विमर्श होगा।

नेपाल-भारत साहित्य यात्रा : शब्द, संस्कृति और आत्मीयता का ऐतिहासिक संगम

नेपाल-भारत साहित्य यात्रा के माध्यम से भारत और नेपाल के बीच साहित्यिक, सांस्कृतिक और आत्मीय संबंधों को नई ऊर्जा मिलने जा रही है। आथाई मीडिया इंटरनेशनल के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं सांस्कृतिक सम्मेलन दोनों देशों के साहित्यकारों, पत्रकारों, कवियों और संस्कृति प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बनकर उभर रहा है।

25 मई से प्रारंभ होने वाली इस विशेष यात्रा को लेकर साहित्य जगत में उत्साह का वातावरण है। भारत के विभिन्न राज्यों से 42 आमंत्रित प्रतिनिधि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता करेंगे। प्रतिनिधिमंडल गोरखनाथ मंदिर से नेपाल के लिए प्रस्थान करेगा।


नेपाल-भारत साहित्य यात्रा का उद्देश्य

नेपाल-भारत साहित्य यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दो देशों की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाला भावनात्मक सेतु है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य साहित्य, पत्रकारिता, संस्कृति और भारत-नेपाल मैत्री संबंधों को मजबूत करना है।

भारत और नेपाल सदियों से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से जुड़े रहे हैं। दोनों देशों की भाषा, परंपराएं और आध्यात्मिक चेतना एक-दूसरे के बेहद निकट हैं। यही कारण है कि यह सम्मेलन साहित्यिक संवाद के साथ-साथ आत्मीय रिश्तों को भी नई पहचान देगा।


42 प्रतिनिधियों की ऐतिहासिक सहभागिता

इस नेपाल-भारत साहित्य यात्रा में भारत के विभिन्न राज्यों से 42 प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। यह प्रतिनिधिमंडल साहित्य, पत्रकारिता, संस्कृति और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में सक्रिय हस्तियों का समूह होगा।

प्रतिनिधिमंडल गोरखनाथ मंदिर से नेपाल के लिए रवाना होगा। इस यात्रा को साहित्य और सांस्कृतिक समन्वय की ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।


काठमांडू में होगा भव्य साहित्य उत्सव

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’ ने जानकारी देते हुए बताया कि 27 मई को काठमांडू में भव्य साहित्य उत्सव आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, पत्रकारिता और भारत-नेपाल मैत्री संबंधों पर विशेष विमर्श होगा। आयोजन में दोनों देशों के साहित्यकारों और विचारकों द्वारा अपने विचार साझा किए जाएंगे।

यह उत्सव साहित्यिक संवाद के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण मंच बनेगा।


डॉ. जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’ की महत्वपूर्ण भूमिका

इस नेपाल-भारत साहित्य यात्रा के कार्यक्रम का संयोजन डॉ. जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’ द्वारा किया जाएगा। साहित्य और पत्रकारिता जगत में उनकी सक्रिय भूमिका लंबे समय से सराहनीय रही है।

उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन भारत और नेपाल के बीच साहित्यिक रिश्तों को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। साथ ही यह आयोजन नई पीढ़ी को साहित्य और संस्कृति के प्रति प्रेरित करेगा।


डॉ. अल्पना जैन करेंगी मंच संचालन

महाराष्ट्र गौरव से सम्मानित डॉ. अल्पना जैन इस भव्य कार्यक्रम का मंच संचालन करेंगी। उनके संचालन कौशल और साहित्यिक व्यक्तित्व को देशभर में विशेष पहचान प्राप्त है।

उनकी उपस्थिति आयोजन को और अधिक गरिमामय बनाएगी।


डॉ. अखिल बंसल ने जारी किए दिशा-निर्देश

डॉ. अखिल बंसल ने सभी प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए इसे साहित्य, संवेदना और सांस्कृतिक समन्वय की ऐतिहासिक यात्रा बताया।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल साहित्यिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत और नेपाल के बीच आत्मीयता और सौहार्द का प्रतीक है।


डॉ. जयेन्द्र कीर्ति के संयोजन में होगा संपूर्ण आयोजन

संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजन डॉ. जयेन्द्र कीर्ति द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति लगातार इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कार्य कर रही है।

यह सम्मेलन दोनों देशों के रचनाकारों के लिए विचारों के आदान-प्रदान का उत्कृष्ट मंच बनेगा।


शुभकामना गीत बना आकर्षण का केंद्र

इस अवसर पर सम्मेलन हेतु प्रस्तुत विशेष “शुभकामना गीत” साहित्यकारों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गीत में भारत और नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों, आत्मीयता और साहित्यिक चेतना को अत्यंत सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किया गया है।


शुभकामना गीत

भारत से नेपाल अथाई,
शुभ संकल्पों की तरुणाई।
भारत से नेपाल अथाई ॥

भागीरथ श्री बंसल जी हैं,
जर्नलिस्ट जी सक्षम भी हैं,
सरिता रस की चलकर आई।
भारत से नेपाल अथाई ॥

प्रांत जिले कोई ना छूटे,
कवि कवियित्री कहीं ना छूटे,
जुड़ी सहज पाई से पाई।
भारत से नेपाल अथाई ॥

पशुपतिनाथ कृपा बरसाएँ,
दूध में मिश्री सम घुल जाएँ,
ग्रीष्म बाद पावस ऋतु आई।
भारत से नेपाल अथाई ॥

संबंधों की नई कहानी,
प्रीति बयार जो लगे सुहानी,
कदम कदम नाचे पुरवाई।
भारत से नेपाल अथाई ॥

छंदों में इतिहास रचेंगे,
राम-किशन सब में ही रहेंगे,
बांटेंगे सब ज्ञान कमाई।
भारत से नेपाल अथाई ॥

— डॉ जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’
कवि विचारक राष्ट्रीय गौरव भ्रमणभाष ९४०७२२२२४४


भारत-नेपाल सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगा नया आयाम

यह नेपाल-भारत साहित्य यात्रा दोनों देशों के साहित्यिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने का कार्य करेगी।

नेपाल और भारत के बीच सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत रही है। भगवान पशुपतिनाथ, जनकपुरी, काशी और गोरखनाथ परंपरा दोनों देशों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ती है।

ऐसे आयोजनों से साहित्यकारों, पत्रकारों और युवा रचनाकारों को नई प्रेरणा मिलेगी।


साहित्य और संस्कृति का वैश्विक संदेश

आज के समय में साहित्य समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है। यह सम्मेलन विश्व को भाईचारे, शांति, संस्कृति और आत्मीयता का संदेश देगा।

भारत और नेपाल की संयुक्त साहित्यिक यात्रा वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक एकता का उदाहरण बनेगी।


निष्कर्ष

नेपाल-भारत साहित्य यात्रा केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि साहित्य, संस्कृति, संवेदना और आत्मीयता का विराट उत्सव है। आथाई मीडिया इंटरनेशनल द्वारा आयोजित यह आयोजन भारत और नेपाल के रिश्तों को नई ऊंचाई देगा।

डॉ. जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’, डॉ. अल्पना जैन, डॉ. अखिल बंसल और डॉ. जयेन्द्र कीर्ति के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम निश्चित रूप से दोनों देशों के साहित्यिक इतिहास में विशेष स्थान बनाएगा।

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