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Sagar में मासूम की आंखों की रोशनी जाने का मामला: इलाज में लापरवाही के आरोप से हड़कंप

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Published On: 30 June 2026
Sagar में मासूम की आंखों की रोशनी जाने का मामला: इलाज में लापरवाही के आरोप से हड़कंप

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Sagar में मासूम की आंखों की रोशनी जाने का मामला: इलाज में लापरवाही के आरोप से हड़कंप

परिचय

मध्यप्रदेश के Sagar जिले में सामने आया यह मामला एक मासूम बच्चे की जिंदगी से जुड़ा बेहद गंभीर और संवेदनशील घटनाक्रम है, जिसने पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। 19 महीने के एक बच्चे की आंखों की रोशनी चले जाने की घटना ने न केवल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 29 मई 2026 को बंडा सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टर और फार्मासिस्ट की कथित लापरवाही के कारण बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई और समय पर उचित उपचार न मिलने से स्थिति गंभीर हो गई।

बाद में उसे उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, आपातकालीन इलाज की व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर बहस छेड़ दी है। परिजनों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर सही इलाज मिल जाता, तो शायद बच्चे की आंखों की रोशनी बचाई जा सकती थी।

घटना कब और कैसे हुई

पूरा मामला 29 मई 2026 का बताया जा रहा है, जब सागर के बंडा सिविल अस्पताल में बच्चे का इलाज किया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान उचित देखभाल और समय पर सही चिकित्सा नहीं मिलने के कारण बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई।

कुछ समय बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बच्चे की आंखों की रोशनी प्रभावित हो गई। बाद में जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई, तब उसे आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया।

इलाज में लापरवाही के आरोप

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और फार्मासिस्ट ने इलाज में गंभीर लापरवाही बरती। समय पर सही उपचार न मिलने और स्थिति को गंभीरता से न लेने के कारण बच्चे की हालत बिगड़ गई।

इस लापरवाही को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी भी देखने को मिल रही है और लोग अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

जांच समिति पर भी आरोप

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया था, लेकिन अब इस समिति पर भी सवाल उठने लगे हैं। बच्चे के पिता का आरोप है कि समिति के सदस्यों ने उन्हें धमकाने की कोशिश की और पुलिस में शिकायत करने से नाराज हो गए।

यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से आगे नहीं बढ़ रही है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है।

मेडिकल रिपोर्ट में क्या सामने आया

भोपाल एम्स (AIIMS Bhopal) के डॉक्टरों द्वारा की गई जांच में बताया गया कि बच्चे की आंखों में संक्रमण (infection) के कारण उसकी रोशनी गई है। इस रिपोर्ट के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है, क्योंकि संक्रमण के समय पर इलाज को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

इलाज में देरी पर सवाल

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना को एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बच्चे को उचित और प्रभावी इलाज नहीं मिल पाया है। परिजनों का कहना है कि लगातार इलाज में देरी और लापरवाही के कारण स्थिति और बिगड़ती जा रही है।

प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

इस पूरे मामले ने मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पतालों में स्टाफ की जवाबदेही, समय पर इलाज और निगरानी प्रणाली को लेकर कई मुद्दे सामने आए हैं।

स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।

निष्कर्ष

सागर जिले का यह मामला अब केवल एक सामान्य अस्पताल में हुई लापरवाही का नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर करने वाला बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक 19 महीने के मासूम बच्चे की आंखों की रोशनी चले जाने ने न केवल परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है, बल्कि प्रशासन और चिकित्सा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि बंडा सिविल अस्पताल में समय पर और सही इलाज नहीं मिला, जिसके कारण स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

वहीं जांच समिति पर धमकाने और असहयोग के आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है। दूसरी ओर भोपाल एम्स की रिपोर्ट में संक्रमण को कारण बताया गया है, जिससे यह सवाल उठता है कि शुरुआती स्तर पर इलाज में चूक कहां हुई। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर चिंता पैदा की है। अब देखना यह है कि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ती है या नहीं और क्या पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिल पाता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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