NEET पेपर लीक मामले पर इंदौर में छात्रों का प्रदर्शन जारी, पुलिस के संदेश से बढ़ा विवाद
NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और युवाओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के इंदौर में भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। भंवरकुआं चौराहे पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा एकत्रित होकर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दूसरे दिन भी भंवरकुआं चौराहे पर छात्रों ने धरना जारी रखा। हाथों में पोस्टर, बैनर और तख्तियां लेकर छात्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों ने उठाई पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जा सकती। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों विद्यार्थी महीनों और वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हैं।
विद्यार्थियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन लोगों की भूमिका सामने आती है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में ऐसा सुधार होना चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस के संदेश से बढ़ा विवाद
इधर, प्रदर्शन को लेकर पुलिस और छात्रों के बीच विवाद की स्थिति भी बन गई है। पुलिस का कहना है कि भंवरकुआं चौराहे पर चल रहा धरना बिना अनुमति के आयोजित किया जा रहा है। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल लोगों की वीडियोग्राफी भी कराई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि आवश्यकता पड़ी तो प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस के इस संदेश के बाद छात्रों और प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई है।
छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है।
बड़ी संख्या में पहुंचे विद्यार्थी
मंगलवार को भंवरकुआं चौराहे पर दिनभर विद्यार्थियों और युवाओं की भीड़ जुटी रही। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। छात्रों का कहना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और परीक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से छात्रों का विश्वास कमजोर होता है और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।
DAVV के छात्रों ने भी उठाई शैक्षणिक समस्या
इसी बीच इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) से जुड़ा एक अलग मामला भी सामने आया है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन के विद्यार्थियों ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
छात्रों का आरोप है कि संबंधित विषय की नियमित कक्षाएं नहीं लगाई गईं, जिसके कारण उनका पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया।
एमएड तीसरे सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की है। छात्रों का कहना है कि एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेशन विषय की पढ़ाई पूरी नहीं कराई गई, जिससे उनकी परीक्षा की तैयारी प्रभावित हुई।
छात्रों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
विद्यार्थियों ने कुलगुरु और कुलसचिव से मामले की जांच कराने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि शैक्षणिक लापरवाही का असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है। कई विद्यार्थी UGC-NET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में परीक्षा और परिणाम से जुड़ी समस्याएं उनके करियर को प्रभावित कर सकती हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया कि विषय पूरा नहीं होने के बावजूद परीक्षा का दबाव बनाया गया। इसके बाद कुछ विद्यार्थियों को संबंधित विषय में असफल घोषित कर दिया गया।
विभाग ने दी अपनी सफाई
इस मामले में विभागाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों को समय-समय पर कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नोटिस भी जारी किए गए थे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इंदौर में एक ओर NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय स्तर पर भी विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। दोनों मामलों में छात्र पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
