ओडिशा घूमने गया इंदौर का युवक एक महीने से लापता, ट्रेन में बैठाने के दावे पर परिजनों ने उठाए सवाल
इंदौर। दोस्तों के साथ ओडिशा घूमने गया लसूड़िया थाना क्षेत्र का 27 वर्षीय गणेश बुखार एक महीने बाद भी घर नहीं लौटा है। उपलब्ध समाचार विवरण के अनुसार, गणेश 5 सितंबर को बस से यात्रा पर निकला था और उसे 14 सितंबर तक इंदौर लौटना था। परिजनों का आरोप है कि साथ गए दोस्तों ने विवाद के बाद उसे नागपुर जाने वाली ट्रेन में बैठाने की बात कही, लेकिन उनके द्वारा देखे गए रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में वह ट्रेन में चढ़ता दिखाई नहीं दिया। परिवार ने बुधवार को पुलिस कमिश्नर से मिलकर मदद की गुहार लगाई।
पांच सितंबर को दोस्तों के साथ निकला था
गणेश के परिवार के अनुसार, वह दोस्तों के साथ ओडिशा की यात्रा पर गया था। निर्धारित समय तक वापस नहीं आने और उसका पता नहीं चलने से परिजन परेशान हैं। यात्रा शुरू होने के लगभग एक महीने बाद भी परिवार को उसकी स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
उपलब्ध विवरण में गणेश के लापता होने की सटीक जगह और परिवार से उसकी आखिरी बातचीत का समय नहीं दिया गया है। इसलिए यह निश्चित रूप से नहीं बताया जा सकता कि यात्रा के किस चरण में उससे संपर्क टूटा। उसकी तलाश में यह समयक्रम स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।
विवाद के बाद ट्रेन में बैठाने की बात
परिजनों के मुताबिक, साथ गए दोस्तों ने बताया कि विवाद होने के बाद 8 सितंबर को गणेश को नागपुर जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया गया था। परिवार इस जानकारी पर सवाल उठा रहा है।
दोस्तों की ओर से बताई गई यात्रा और गणेश की वास्तविक स्थिति का मिलान जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। किस स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की बात कही गई, ट्रेन कौन-सी थी और उसका समय क्या था—इन विवरणों की पुष्टि आवश्यक है। उपलब्ध सामग्री में टिकट या रेल यात्रा का स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिया गया है।
सीसीटीवी में नहीं दिखने का दावा
परिवार का कहना है कि रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग देखने पर गणेश ट्रेन में चढ़ता नजर नहीं आया। इसी आधार पर परिजन दोस्तों के बताए घटनाक्रम की जांच चाहते हैं।
हालांकि, किसी फुटेज में व्यक्ति का नहीं दिखना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह स्टेशन पर नहीं था या उसने ट्रेन नहीं पकड़ी। कैमरे का क्षेत्र, रिकॉर्डिंग का समय और पूरे फुटेज की उपलब्धता भी मायने रखते हैं। इस मामले में सीसीटीवी संबंधी जानकारी फिलहाल परिवार के दावे के रूप में सामने आई है।
मां ने दर्ज कराई गुमशुदगी
प्रकाशित समाचार के अनुसार, गणेश की मां ने 13 सितंबर को लसूड़िया थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने साथ गए लोगों से मिली जानकारी के आधार पर उसकी तलाश शुरू की।
रिपोर्ट में परिवार के हवाले से यह भी कहा गया है कि जिस होटल में विवाद होने की बात बताई गई, उसके संचालक ने झगड़े से इनकार किया। होटल संचालक का यह कथन भी समाचार में दर्ज विवरण है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि या पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।
ओडिशा जाकर भी की तलाश
परिवार का कहना है कि उन्होंने ओडिशा जाकर गणेश को खोजने का प्रयास किया। मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तस्वीर दिखाकर लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई पता नहीं चला।
परिजनों ने स्थानीय पुलिस से पर्याप्त मदद नहीं मिलने का आरोप भी लगाया है। उनके अनुसार, उन्हें स्वयं ओडिशा जाकर तलाश करने की सलाह दी गई थी। इन आरोपों पर संबंधित पुलिसकर्मियों का विस्तृत पक्ष उपलब्ध समाचार में शामिल नहीं है। इसलिए पुलिस की कार्रवाई के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा।
पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार
बुधवार, 7 अक्टूबर को परिजन पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मिलने पहुंचे। परिवार ने गणेश का पता लगाने में मदद मांगी और दोस्तों द्वारा बताए घटनाक्रम पर अपनी आशंकाएं सामने रखीं।
इंदौर पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर संतोष कुमार सिंह पुलिस कमिश्नर के रूप में दर्ज हैं। हालांकि, इस मुलाकात के बाद मामले में दिए गए किसी विशेष निर्देश की पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं हुई है। इसलिए नई जांच टीम, गिरफ्तारी या विशेष कार्रवाई का दावा नहीं किया जा सकता।
तलाश और घटनाक्रम की पुष्टि जरूरी
गणेश का पता लगाने के साथ यात्रा के घटनाक्रम की पुष्टि आवश्यक है। परिवार के दावों, दोस्तों की जानकारी और उपलब्ध रिकॉर्ड में अंतर को जांच से स्पष्ट किया जाना चाहिए।
फिलहाल किसी अपराध, दुर्घटना या अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। दोस्तों पर उठ रहे सवालों को दोष साबित होने के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। परिजन युवक की सुरक्षित वापसी और उसके बारे में स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
