NDA ‘मंगल मिलन’ बैठक में तिरंगे के साथ दिखी एकजुटता, PM मोदी समेत सांसदों ने बनाई संसद की रणनीति
संसद भवन परिसर में NDA सांसदों की बैठक, मानसून सत्र के अंतिम दिनों की रणनीति पर मंथन; विपक्ष के विरोध के बीच सदन चलाने पर जोर
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA की संसदीय दल की विशेष बैठक ‘मंगल मिलन’ आयोजित की गई। संसद भवन परिसर स्थित लाइब्रेरी कॉम्प्लेक्स में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत NDA के कई वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने पर NDA सांसदों ने हाथों में तिरंगा लेकर उनका स्वागत किया। इस दौरान देशभक्ति के नारे भी लगाए गए। बैठक को सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर भी देखा गया।
‘मंगल मिलन’ बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
बैठक का मुख्य फोकस संसद के मौजूदा मानसून सत्र के बाकी दिनों की रणनीति पर रहा। NDA नेताओं और सांसदों के बीच सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने, महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने और विपक्ष के विरोध के बीच सरकार की रणनीति पर चर्चा हुई।
सांसदों को एकजुट रहने और सरकार के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है। सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए सत्र के बचे हुए दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि कई विधायी कार्य अभी पूरे किए जाने हैं।
संसद में गतिरोध खत्म करना सरकार के सामने चुनौती
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से कई मुद्दों पर लगातार विरोध और नारेबाजी की जा रही है। इसके चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित होने के बीच सरकार की कोशिश है कि संसद का कामकाज सामान्य तरीके से आगे बढ़े।
NDA की बैठक में भी संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने और विपक्ष के विरोध के बीच सदन की कार्यवाही चलाने की रणनीति पर चर्चा हुई। सत्तारूढ़ गठबंधन का कहना है कि महत्वपूर्ण विधेयकों और संसदीय कार्यों को पूरा करने के लिए सभी सांसदों को समन्वय के साथ काम करना होगा।
अमित शाह से जवाब की मांग को लेकर विपक्ष मुखर
संसद में एक मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है। विपक्ष की ओर से राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले को उठाया जा रहा है और इस विषय पर गृह मंत्री से जवाब मांगा जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष इस मामले पर सरकार से स्पष्ट जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि विपक्ष को चर्चा के लिए उपलब्ध संसदीय मंच का इस्तेमाल करना चाहिए।
NDA सांसदों का विपक्ष पर पलटवार
NDA सांसदों की ओर से विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया जा रहा है। सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों का कहना है कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए।
NDA की रणनीति के तहत सांसदों को एकजुट होकर सरकार के पक्ष को मजबूती से रखने और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सहयोग करने के लिए कहा गया है।
बैठक के बाद NDA सांसदों की ओर से विपक्ष के खिलाफ संसद परिसर में मार्च किए जाने की भी जानकारी सामने आई। सांसदों ने प्लेकार्ड के साथ प्रदर्शन किया और विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
विपक्षी दलों की भी अलग बैठक
जहां एक ओर NDA सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक में सरकार की रणनीति पर चर्चा हुई, वहीं विपक्षी दल भी अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में विपक्षी दलों की बैठक हुई।
विपक्षी दलों के बीच संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों और सरकार को घेरने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। इससे साफ है कि मानसून सत्र के अंतिम दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।
तिरंगे के साथ सांसदों ने दिया एकजुटता का संदेश
‘मंगल मिलन’ बैठक के दौरान NDA सांसदों का तिरंगा लहराते हुए प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करना बैठक का प्रमुख दृश्य रहा। सांसदों ने देशभक्ति के नारे भी लगाए। इससे सत्तारूढ़ गठबंधन ने एकजुटता और राष्ट्रीय मुद्दों पर सामूहिक रुख का संदेश देने की कोशिश की।
बैठक को केवल संसदीय रणनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे NDA के सहयोगी दलों और सांसदों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
झारखंड में JPSC-JSSC विवाद का मुद्दा भी गरमाया
संसद के घटनाक्रम के बीच झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। छात्रों के समर्थन में भाजपा ने मंगलवार को बंद का आह्वान किया है।
रांची में बंद के दौरान कुछ स्थानों पर समर्थकों द्वारा टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किए जाने की खबर है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र पहले से आंदोलन कर रहे हैं और इस मुद्दे को लेकर झारखंड की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है।
आगे के दिनों में बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक और विपक्षी दलों की अलग रणनीतिक बैठक से संकेत मिल रहे हैं कि संसद के बचे हुए दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
सत्तारूढ़ गठबंधन की प्राथमिकता महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाना और सदन की कार्यवाही को सुचारु रखना है, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच किसी मुद्दे पर सहमति बनती है और संसद की कार्यवाही बिना व्यवधान के आगे बढ़ पाती है या नहीं।
