‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष Antar Singh Arya ने किया पौधारोपण
संवाददाता: अभिषेक द्विवेदी
अनूपपुर कलेक्ट्रेट परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रजातियों के 15 पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
अनूपपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री Antar Singh Arya ने अनूपपुर प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने अभियान के अंतर्गत गुलमोहर का पौधा रोपित कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न प्रजातियों के कुल 15 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पौधारोपण में सहभागिता की और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
पौधारोपण केवल अभियान नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक
पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण बचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और कर्तव्य का प्रतीक भी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए हर व्यक्ति को पर्यावरण बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे बड़ा करने की जिम्मेदारी भी निभाएं। केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना भी जरूरी है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उद्देश्य
मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनके संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना है। सरकार का प्रयास है कि पौधारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से एक जनआंदोलन का रूप ले।
इस अभियान में लोगों को अपनी मां के नाम पर पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों का भावनात्मक जुड़ाव भी प्रकृति से मजबूत हो रहा है।
हरित क्षेत्र बढ़ाने में पौधों की अहम भूमिका
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार पेड़-पौधे धरती के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को कम करते हैं और ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा पेड़ जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने में भी सहायक होते हैं।
आज के समय में लगातार घटते हरित क्षेत्र और बढ़ते प्रदूषण के कारण पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी सुरक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बन गई है।
कलेक्ट्रेट परिसर में हुए पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से भी यही संदेश दिया गया कि छोटे-छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
नागरिकों से की गई सक्रिय भागीदारी की अपील
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनके संरक्षण में सहयोग करें। अधिकारियों ने कहा कि पौधारोपण तभी सफल होगा, जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहेंगे और उनका सही तरीके से पालन-पोषण किया जाएगा।
लोगों को प्रेरित किया गया कि वे अपने परिवार के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य महत्वपूर्ण दिनों पर पौधारोपण करें। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में हरियाली बढ़ाने का संदेश भी जाएगा।
प्रशासन की ओर से पर्यावरण संरक्षण पर जोर
अनूपपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न स्तरों पर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। पौधारोपण अभियान के माध्यम से सरकारी संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। अधिकारियों ने कहा कि जिले में अधिक से अधिक पौधारोपण कर हरित क्षेत्र को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि प्रकृति की रक्षा करना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। आज लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े पेड़ बनकर पर्यावरण को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान लोगों को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य द्वारा किया गया पौधारोपण कार्यक्रम इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने वाली पहल है।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, पौधे लगाएं और उनकी देखभाल कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तैयार करने में योगदान दें।
