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गुप्तेश्वर महादेव हनुमान मंदिर में नवदिवसीय अखंड Ramayan Path का शुभारंभ

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Published On: 19 March 2026
Navadivasiya Akhand Ramayan Path begins at Gupteshwar Mahadev Hanuman Mandir
— Navadivasiya Akhand Ramayan Path begins at Gupteshwar Mahadev Hanuman Mandir

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महिदपुर रोड गुप्तेश्वर महादेव हनुमान मंदिर में नवदिवसीय अखंड Ramayan Path का शुभारंभ

धार्मिक आयोजन की शुरुआत

गोगापुर स्थित महिदपुर रोड पर स्थित श्री गुप्तेश्वर महादेव व दास हनुमान मंदिर में चैत्र नवरात्रि और नव वर्ष के पावन अवसर पर नवदिवसीय अखंड Ramayan Path का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन इस मंदिर में प्रथम बार अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ। मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम के जयकारों और भजन-कीर्तन की मधुर धुनों से माहौल भक्तिमय बन गया।

मंदिर के पुजारी लखन बैरागी ने बताया कि यह 9 दिवसीय अखंड रामायण पाठ श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं आध्यात्मिक लाभ प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में उत्साह, उमंग और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

पूजन-अर्चन और विधिवत आरंभ

इस पुण्य आयोजन में आचार्य पं. ओमप्रकाश जी शर्मा द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया। यजमान के रूप में करणसिंह आंजना, जगदीश पंजाबी, श्याम गुलाटी, संजय परमार, विजय आंजना, महेश आंजना एवं आयुष बैरागी सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रुद्राभिषेक कर रामायण पाठ का विधिपूर्वक आरंभ किया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भगवान श्रीराम और भोलेनाथ से प्रार्थना की कि सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और कुशल मंगल बनी रहे।

श्रद्धालुओं का उत्साह और सहयोग

मंदिर के पुजारी लखन बैरागी ने बताया कि इस वर्ष यह आयोजन प्रथम बार मंदिर में किया गया है, इसलिए सभी श्रद्धालुओं में अपार उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। उन्होंने सभी भक्तों से आग्रह किया कि वे इस धार्मिक आयोजन में तन-मन-धन से अधिक से अधिक सहयोग प्रदान करें।

नगर के सामाजिक कार्यकर्ता सचिन भंडारी ने बताया कि श्रद्धालु नियमित रूप से पाठ में भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है, बल्कि समाज में भाईचारे और सामूहिक भक्ति भाव को भी प्रोत्साहित करता है।

अखंड Ramayan Path का महत्व

अखंड रामायण पाठ का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत अधिक है। इसे सुनने और पढ़ने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास होता है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, रामायण पाठ से जीवन में सत्य, धर्म, नैतिकता और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

श्रीराम के जीवन और आदर्शों का अनुसरण करने से समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना होती है और व्यक्तिगत जीवन में भी अनुशासन और संयम की भावना विकसित होती है।

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भक्तों की सहभागिता

9 दिवसीय अखंड रामायण पाठ में नगर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु नियमित रूप से उपस्थित होते रहे। प्रत्येक दिन पाठ के दौरान भजन-कीर्तन, आरती और कथा का आयोजन भी किया जाएगा।

भक्तों की सहभागिता से यह आयोजन और भी सफल और प्रभावशाली बनता है। प्रत्येक दिन पाठ में शामिल होने वाले श्रद्धालु मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और सामूहिक प्रार्थना में भाग लेकर अपने जीवन में धर्म लाभ प्राप्त करेंगे।

धार्मिक अनुशासन और आयोजकों का योगदान

मंदिर प्रशासन और आयोजकों ने इस आयोजन के लिए विशेष तैयारी की है। सभी पाठ सामग्री, पूजा-सामग्री और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया गया।

आयोजक समिति ने श्रद्धालुओं के लिए आरामदायक व्यवस्था, भोजन और प्रसाद का प्रबंध किया है। इसके अलावा, मंदिर परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए वरिष्ठ भक्त और समाजसेवी भी सक्रिय हैं।

समाज और युवा वर्ग के लिए प्रेरणा

इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक महत्त्व रखते हैं, बल्कि समाज और युवा वर्ग के लिए प्रेरक भी हैं। युवा पीढ़ी को रामायण के आदर्शों और श्रीराम के जीवन से सीख लेने का अवसर मिलता है।

अखंड पाठ में सम्मिलित होकर युवा अपने जीवन में अनुशासन, त्याग, सेवा और भक्ति की भावना विकसित कर सकते हैं। यह उन्हें नैतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से सुदृढ़ बनाता है।

आध्यात्मिक और सामाजिक लाभ

इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सामूहिक भक्ति, सहयोग और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देते हैं। भक्तों की सहभागिता से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अखंड रामायण पाठ से जुड़े धार्मिक आयोजन लोगों के जीवन में नैतिकता, संयम और आत्मशुद्धि की भावना उत्पन्न करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह युवा और बच्चों में धार्मिक संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्य की समझ को भी मजबूत करता है।

आयोजन की जानकारी और अपील

मंदिर पुजारी लखन बैरागी और सामाजिक कार्यकर्ता सचिन भंडारी ने सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे इस पुण्य आयोजन में तन, मन और धन से सहयोग दें। उन्होंने बताया कि पाठ के दौरान आने वाले सभी भक्तों को धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होंगे।

उन्होंने कहा कि इस अवसर पर शामिल होकर भक्तों को न केवल अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त होगी, बल्कि वे समाज में भी धर्म और भक्ति का संदेश फैलाने में सहभागी बनेंगे।

उपसंहार

गुप्तेश्वर महादेव हनुमान मंदिर में आयोजित नवदिवसीय अखंड रामायण पाठ का आयोजन पहली बार होने के कारण स्थानीय वासियों और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

मंदिर परिसर में श्रीराम के जयकारों, भजन-कीर्तन और सामूहिक आरती से वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना रहा। आयोजन के माध्यम से न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ हुआ, बल्कि समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना भी प्रबल हुई।

भक्तों की सहभागिता, आयोजकों का प्रयास और मंदिर प्रशासन की योजनाओं ने इस कार्यक्रम को अत्यंत सफल और सार्थक बनाया। आगामी 9 दिनों तक लगातार चलने वाले इस अखंड रामायण पाठ से भक्तों को आध्यात्मिक, मानसिक और सामाजिक लाभ की प्राप्ति होगी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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