मध्य प्रदेश ने जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता फिर से साबित की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में प्रदेश को कई श्रेणियों में सम्मानित किया गया। विशेष रूप से ‘जल संचय-जन भागीदारी’ (JSJB) अभियान में खंडवा जिले ने 1.29 लाख जल संरचनाएं बनाकर पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खंडवा के कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन गौड़ा को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। खंडवा की इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार ने जिले को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की है, जिसका उपयोग भविष्य में जल संरक्षण कार्यों के लिए किया जाएगा।
खंडवा जिले ने रचा इतिहास

जल शक्ति मंत्रालय ने 6 सितंबर 2024 को ‘जल संचय-जन भागीदारी’ अभियान की शुरुआत की थी। इस पहल के तहत हर जिले को कम से कम 10 हजार जल संरचनाएं बनाने का लक्ष्य दिया गया था। खंडवा प्रशासन ने इस लक्ष्य को कई गुना पार करते हुए लगभग 1.3 लाख संरचनाएं तैयार कीं, जो पूरे भारत में किसी भी जिले द्वारा बनाई गई सर्वाधिक संरचनाएं हैं।
JSJB अभियान का राष्ट्रीय लक्ष्य 10 लाख संरचनाएं था, लेकिन देशभर के सभी राज्यों ने मिलकर 27.6 लाख संरचनाएं बनाई। इससे यह अभियान एक बड़ी सफलता के रूप में सामने आया।
अन्य राज्यों और मध्य प्रदेश के जिले भी शामिल
इस अभियान के लिए देश को पांच जोन में बांटा गया था। पश्चिमी जोन में खंडवा शीर्ष पर रहा। अन्य जोन के विजेताओं में उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर , छत्तीसगढ़ का बालोद (पूर्वी जोन), तेलंगाना का नालगोंडा , और उत्तरी त्रिपुरा शामिल हैं। समग्र प्रदर्शन के आधार पर तेलंगाना को ‘बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट’ घोषित किया गया।
JSJB अभियान के अलावा, मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय जल पुरस्कार की अन्य श्रेणियों में भी महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। सर्वोत्तम जिला (पूर्वी क्षेत्र) में खरगोन, सर्वोत्तम ग्राम पंचायत में खंडवा की कावेश्वर ग्राम पंचायत, और श्रेष्ठ शहरी निकाय में गुना जिले को प्रथम रैंक मिली। इसके अलावा गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगोन जिले भी पुरस्कारित हुए।
जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए कुल 10 श्रेणियों में 46 विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इन पुरस्कारों का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करना है।
