Jabalpur में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने बस्ती में आयोजित किया जन-जागरूकता एवं सहायता अभियान
Jabalpur : सामाजिक उत्तरदायित्व और मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की जबलपुर टीम ने आज संजय नगर स्थित गरीब और मजदूरी करने वाले परिवारों की बस्ती में एक विशेष जन-जागरूकता एवं सहायता अभियान आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना, स्वच्छता और सभ्य जीवनशैली के महत्व को समझाना और बच्चों में अच्छे संस्कार व सामाजिक चेतना पैदा करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत ट्रस्ट की प्रदेश प्रवक्ता सौंपा चटर्जी द्वारा बच्चों की काउंसलिंग से हुई। उन्होंने बच्चों को यह समझाया कि अच्छे-बुरे का अंतर जानना और जीवन में नैतिक मूल्य अपनाना कितना महत्वपूर्ण है। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि उनके द्वारा सीखे गए मूल्य और संस्कार उनके भविष्य को आकार देंगे और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करेंगे। साथ ही, बच्चों के अभिभावकों को भी परिवार में सकारात्मक बदलाव लाने और बच्चों को सही मार्गदर्शन देने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता और संस्कार की शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि स्वच्छता केवल सार्वजनिक स्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह घर से शुरू होती है। बच्चों और युवाओं को बचपन से ही अच्छे और बुरे आचरण के बारे में सिखाना आवश्यक है। यदि समाज के छोटे सदस्य ही सही दिशा में प्रेरित हों, तो भविष्य में पूरे समाज का विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
सामाजिक सहयोग और सहायता के तहत ट्रस्ट ने बस्ती के जरूरतमंद परिवारों को पढ़ाई से संबंधित सामग्री, कपड़े, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ और राशन सामग्री वितरित की। यह कदम केवल भौतिक सहायता नहीं था, बल्कि यह यह संदेश देने के लिए भी था कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को जरूरतमंदों के लिए आगे आना चाहिए। इस पहल से स्थानीय निवासियों को जीवन जीने की बेहतर शर्तें प्राप्त हुई और बच्चों के शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी।
कार्यक्रम में ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें संभाग अध्यक्ष – अनीता दुबे, जिला अध्यक्ष – धनराज सोनकर, जिला अध्यक्ष – ममता यादव, तहसील अध्यक्ष – रश्मि केवट, जिला सदस्य – रूपा दहियात और जिला सदस्य – आशा गोस्वामी शामिल थे। इन सभी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से जिला सदस्य रूपा दहियात ने स्वयं बस्ती जाकर कार्यक्रम हेतु आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई, जो अत्यंत सराहनीय रहा।
इस अभियान को राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में सराहा। उन्होंने कहा,
“भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का उद्देश्य केवल आवाज उठाना नहीं है, बल्कि ज़मीनी स्तर पर पीड़ित और वंचित वर्ग के साथ खड़ा होना है। जबलपुर टीम द्वारा किया गया यह कार्य मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। पूरी टीम को मैं हृदय से बधाई देता हूँ।”
संगठन के अन्य सदस्य जैसे शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, मनीष गुप्ता, युवराज सिंह राठौर, जीवनलाल जैन चायवाले, भावेश नाहर, सोना जैन और अंकित जैन ने भी कहा कि समाज की नींव मजबूत करने के लिए बच्चों में संस्कार, शिक्षा और जागरूकता जरूरी है। उनका मानना है कि नशा मुक्ति, स्वच्छता और शिक्षा — ये तीन स्तंभ किसी भी समाज के सतत विकास के लिए अनिवार्य हैं।
कार्यक्रम की विशेष बातें:
- जन-जागरूकता सत्र: बच्चों और अभिभावकों के लिए नशा मुक्ति, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व पर जानकारी दी गई।
- सहायता वितरण: बस्ती के जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा सामग्री, राशन, कपड़े और घरेलू सामान वितरित किया गया।
- काउंसलिंग सत्र: बच्चों को सही आचरण, नैतिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी की शिक्षा दी गई।
- स्वच्छता संदेश: स्वच्छता की आदत को घर से शुरू करने और बच्चों को इसका महत्व बताने का प्रयास किया गया।
ट्रस्ट ने यह भी संकल्प लिया कि आगे भी बस्तियों में जाकर नशा मुक्ति अभियान, स्वच्छता अभियान और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे। इस प्रकार, यह कार्यक्रम केवल एक दिन की पहल नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान बस्ती के निवासियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और बताया कि इस तरह के अभियान से उन्हें अपने जीवन में सुधार करने की प्रेरणा मिलती है। बच्चों ने अपने प्रश्नों और जिज्ञासाओं के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि वे सही मार्गदर्शन और शिक्षा की मदद से अपने भविष्य को सकारात्मक रूप से आकार देना चाहते हैं।
ट्रस्ट का दृष्टिकोण और उद्देश्य:
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य केवल कानूनी और मानवाधिकारों की सुरक्षा करना नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग के साथ प्रत्यक्ष संपर्क में रहकर उन्हें मदद और जागरूकता प्रदान करना है। बस्तियों और पिछड़े इलाकों में लगातार चलाए जाने वाले अभियान, ट्रस्ट की सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। इसके माध्यम से ट्रस्ट यह संदेश देता है कि समाज के हर व्यक्ति को समान अवसर और सहायता मिलनी चाहिए।
