राष्ट्रीय Jain पत्रकार महा संगम: नाशिक के णमोकार तीर्थ में 18 जनवरी को भव्य सम्मेलन
घुवारा/भरत सेठ घुवारा। महाराष्ट्र प्रान्त के नाशिक जिले में स्थित णमोकार तीर्थ, मालसाने, चांदवड़ में आगामी 18 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय Jain पत्रकार महा संगम का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह महा संगम सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होगा और इसमें भारत के समस्त जैन पत्रकारों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है।
यह आयोजन न केवल Jain पत्रकारिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, बल्कि जैन समाज के लिए भी इतिहास में दर्ज होने वाला एक गौरवशाली अवसर होगा। सम्मेलन का उद्देश्य जैन पत्रकारिता में उत्कृष्टता, नेटवर्किंग, विचार विमर्श और भविष्य की दिशा तय करना है।
अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव का परिचय
निर्देशकों के अनुसार, नाशिक के णमोकार तीर्थ पर 6 से 25 फरवरी 2026 तक अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव का आयोजन वृहद स्तर पर किया जाएगा। यह महामहोत्सव जैन जगत के इतिहास में इस सदी का श्रेष्ठ महा आयोजन माना जा रहा है, जो इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा।
इस महामहोत्सव में जैन धर्म के 100 से अधिक आचार्य, मुनि और आर्यिका भाग लेंगे और पंचकल्याणक के विभिन्न अनुष्ठानों का नेतृत्व करेंगे। यह आयोजन धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से जैन समाज में एक महान ऐतिहासिक घटना के रूप में याद किया जाएगा।
राष्ट्रीय Jain पत्रकार महा संगम का महत्व
आज, 18 जनवरी 2026 को आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रीय जैन पत्रकार महा संगम का आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में राष्ट्र संत सारस्वताचार्य श्री देवनंदी जी महामुनि राज की उपस्थिति होगी। इसके साथ ही मुनि श्री अमोघ कीर्ति जी और मुनि श्री अमर कीर्ति जी महाराज के मार्गदर्शन में यह सम्मेलन संपन्न होगा।
इस संगम का मुख्य उद्देश्य है:
- जैन पत्रकारिता में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना
- देश भर के जैन पत्रकारों के बीच अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान
- जैन धर्म, संस्कृति और समाज पर आधारित समाचार और सामग्री का संवर्धन
- जैन समुदाय में नैतिक और आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना
कार्यक्रम का विवरण
सम्मेलन का आयोजन सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। इसमें विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शामिल होंगे:
- जैन पत्रकारिता पर विचार विमर्श
- देश भर से आए पत्रकारों का अनुभव साझा करना
- जैन धर्म और संस्कृति पर आधारित मीडिया कवरेज के सुझाव
- आधुनिक मीडिया तकनीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जैन समाचार की भूमिका पर चर्चा
प्रमुख मार्गदर्शक और अतिथिगण
इस महा सम्मेलन में राष्ट्र संत सारस्वताचार्य श्री देवनंदी जी महामुनि राज की पावन सानिध्यता रहेगी। इसके अलावा 100 से अधिक आचार्य, मुनि और आर्यिका भी उपस्थित रहेंगे। इन संतों और मुनियों के मार्गदर्शन से सम्मेलन में भाग लेने वाले पत्रकारों को धार्मिक, नैतिक और सामाजिक दृष्टि से प्रेरणा मिलेगी।
देशभर से जैन पत्रकारों की उपस्थिति
सम्मेलन में देशभर के Jain पत्रकारों को आमंत्रित किया गया है। पारस जी लोहाडे, विनोद जी पाटणी और डा. अखिल जी बंसल जयपुर ने सभी जैन पत्रकारों से इस भव्य महा सम्मेलन में भाग लेने और नाशिक के णमोकार तीर्थ में पधारने की अपील की है।
इस अवसर पर पत्रकारों को जैन धर्म के इतिहास, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा और धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी देने के साथ-साथ पत्रकारिता के नवीनतम तरीकों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
जैन समाज और पत्रकारिता पर प्रभाव
राष्ट्रीय जैन पत्रकार महा संगम का आयोजन न केवल पत्रकारिता के क्षेत्र में बल्कि जैन समाज में जागरूकता और एकजुटता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस सम्मेलन से जैन समुदाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ेगी।
इसके अलावा यह सम्मेलन जैन पत्रकारों के बीच नेटवर्किंग और सहयोग का अवसर भी प्रदान करेगा, जिससे वे सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समाचारों को व्यापक रूप से समाज तक पहुंचा सकेंगे।
निष्कर्ष
18 जनवरी 2026 को नाशिक के णमोकार तीर्थ, मालसाने, चांदवड़ में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय जैन पत्रकार महा संगम जैन पत्रकारिता और समाज के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है। इस सम्मेलन में संतों और मुनियों के मार्गदर्शन के साथ देशभर के जैन पत्रकार भाग लेंगे।
इस भव्य आयोजन की सफलता से जैन समाज के इतिहास में एक नई पहचान और प्रेरणा का स्रोत बनेगा। साथ ही यह आयोजन जैन धर्म और संस्कृति को नवीन पीढ़ी तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित होगा।
संवाददाता: भरत सेठ घुवारा, नाशिक
