Narottam Mishra Ticket Vivad: दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने पर छलका नरोत्तम मिश्रा का दर्द, बोले- अब मेरा कद बड़ा नहीं रहा
मध्यप्रदेश की राजनीति में दतिया उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद उनके बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। टिकट से वंचित रहने के बाद दिल्ली पहुंचे नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी भावनाएं जाहिर कीं और कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि उनका कद पहले जैसा बड़ा नहीं रहा।
Narottam Mishra ने हालांकि पार्टी के फैसले को स्वीकार करते हुए कहा कि संगठन हमेशा व्यक्ति से बड़ा होता है। उन्होंने साफ किया कि वे पार्टी के निर्णय के साथ हैं और एक कार्यकर्ता के रूप में पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।
टिकट नहीं मिलने पर बोले- अब मेरा कद बड़ा नहीं रहा
दतिया विधानसभा क्षेत्र से लंबे समय तक राजनीति करने वाले नरोत्तम मिश्रा को इस बार उपचुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाया गया। टिकट को लेकर उनके समर्थकों में नाराजगी भी देखने को मिली थी। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टिकट नहीं मिलने से यह तय हो गया है कि अब उनका कद बड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होता है। संगठन व्यक्ति से ऊपर होता है और पार्टी जो भी फैसला करती है, वह व्यापक सोच और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखकर करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो निर्णय लिया है, उसे वे सिर माथे पर रखते हैं और संगठन के लिए काम करना ही उनका लक्ष्य रहेगा।
पार्टी बहुत ऊपर होती है- नरोत्तम मिश्रा
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि पार्टी हम सभी से ज्यादा दूर तक देख सकती है। किसी भी कार्यकर्ता के लिए संगठन का फैसला अंतिम होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा में व्यक्ति नहीं बल्कि विचारधारा और संगठन महत्वपूर्ण है।
Narottam Mishra ने यह भी कहा कि वे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं और आगे भी पार्टी के निर्देशों के अनुसार काम करते रहेंगे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि संगठन जो जिम्मेदारी देगा, उसे वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे।
समर्थकों की नाराजगी को लेकर कही बड़ी बात
टिकट नहीं मिलने के बाद नरोत्तम मिश्रा के कई समर्थकों में नाराजगी की खबरें सामने आई थीं। इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने समर्थकों से बातचीत की है और उन्हें समझाया है। समर्थक अब पार्टी के फैसले के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान की ओर से उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया गया है और न ही उन्होंने किसी तरह का भरोसा मांगा है। वे सिर्फ एक कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्हें पार्टी नेतृत्व पर पूरा विश्वास है और भाजपा में कार्यकर्ता की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहती है।
आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे नरोत्तम मिश्रा
दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वे आशुतोष तिवारी के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे और उनके साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए वे पूरी ताकत से काम करेंगे। दतिया में भाजपा की जीत ही उनका लक्ष्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे एकजुट होकर पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में काम करें।
बोले- मेरे अंदर कोई कमी होगी, सुधार करूंगा
Narottam Mishra ने अपने बयान में आत्ममंथन की बात भी कही। उन्होंने कहा कि वे किसी व्यक्ति या संगठन पर आरोप नहीं लगाते। न तो वे संगठन को दोष देते हैं और न ही मुख्यमंत्री या किसी अन्य नेता को जिम्मेदार मानते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर किसी कारण से उन्हें टिकट नहीं मिला है तो संभव है कि उनके अंदर कोई कमी रही हो। वे उस कमी को पहचानने और सुधार करने का प्रयास करेंगे।
पूर्व मंत्री ने कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और एक कार्यकर्ता के रूप में उन्हें हर परिस्थिति में पार्टी के साथ खड़ा रहना है।
मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से हुई चर्चा
नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ दतिया उपचुनाव को लेकर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं का लक्ष्य दतिया सीट पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करना है।
उन्होंने साफ कहा कि वे न तो नाराज हैं और न ही भविष्य में नाराज होंगे। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा पहले भी थी और आगे भी बनी रहेगी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
Narottam Mishra मध्यप्रदेश भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वे लंबे समय तक दतिया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं और प्रदेश सरकार में गृह मंत्री समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
ऐसे में दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद उनका बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि उन्होंने अपने बयानों के जरिए पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और संगठन के फैसले को स्वीकार करने का संदेश दिया है।
दतिया उपचुनाव में अब भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के सामने चुनावी चुनौती होगी और नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पार्टी के लिए अहम मानी जा रही है।
