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Nagda वाले फाउंडेशन द्वारा निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ – महिलाओं और बालिकाओं के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल

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Published On: 29 April 2026
Nagda

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Nagda जं. (निप्र) – आधुनिक युग में जब पूरा विश्व तेजी से डिजिटल तकनीक की ओर अग्रसर हो रहा है, ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग का तकनीकी रूप से सक्षम होना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी आवश्यकता को समझते हुए नागदा वाले फाउंडेशन द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी पहल की गई है। इस पहल के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं को डिजिटल रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से निःशुल्क तिमाही कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

यह कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस कार्यक्रम का संचालन ज्ञानदर्शन कम्प्यूटर एकेडमी के सहयोग से किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यावहारिकता को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

डिजिटल युग की आवश्यकता और महिलाओं की भूमिका

आज के समय में डिजिटल साक्षरता केवल एक अतिरिक्त योग्यता नहीं रह गई है, बल्कि यह जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। चाहे वह शिक्षा हो, रोजगार हो, बैंकिंग सेवाएं हों या सरकारी योजनाओं का लाभ—हर क्षेत्र में डिजिटल ज्ञान की आवश्यकता बढ़ती जा रही है।

ऐसे में महिलाओं और बालिकाओं का तकनीकी रूप से सक्षम होना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि एक शिक्षित और सशक्त महिला पूरे परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

नागदा वाले फाउंडेशन द्वारा प्रारंभ किया गया यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी सोच को आगे बढ़ाता है कि यदि महिलाएं डिजिटल रूप से सक्षम होंगी तो वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य

इस निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को आधुनिक तकनीक से परिचित कराना और उन्हें रोजगार योग्य बनाना है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा:

  • महिलाओं को कम्प्यूटर का व्यावहारिक ज्ञान देना
  • डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना
  • रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना
  • आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना
  • ऑनलाइन कार्यों में दक्षता विकसित करना
  • सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी देना

इस प्रकार यह कार्यक्रम केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख विषय

इस तिमाही प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आधुनिक समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • एमएस वर्ड (MS Word) का उपयोग
  • एमएस एक्सेल (MS Excel) में डेटा प्रबंधन
  • पावरपॉइंट (PowerPoint) प्रेजेंटेशन निर्माण
  • इंटरनेट का सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग
  • हिंदी एवं अंग्रेजी टाइपिंग प्रशिक्षण
  • डिजिटल साक्षरता और ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी
  • ईमेल, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग
  • ऑनलाइन रोजगार और फ्रीलांसिंग कार्यों की जानकारी

इन सभी विषयों का उद्देश्य प्रतिभागियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है ताकि वे भविष्य में किसी भी डिजिटल कार्य में आत्मविश्वास के साथ भाग ले सकें।

कार्यक्रम का शुभारंभ और संचालन

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत उत्साह और सकारात्मक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला सशक्तिकरण प्रमुख प्रीति जायसवाल, अध्यक्ष रीता राठौर एवं ज्ञानदर्शन कम्प्यूटर एकेडमी की संचालिका सरिता चौहान के नेतृत्व में किया गया।

इन सभी के मार्गदर्शन में यह पहल सफलतापूर्वक प्रारंभ हुई और क्षेत्र की महिलाओं में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज में महिलाओं के लिए एक नई दिशा देने वाला कदम बताया।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण प्रमुख प्रीति जायसवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में महिलाओं का तकनीकी रूप से सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं तकनीकी रूप से सक्षम होंगी तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी, बल्कि समाज में भी एक नई पहचान स्थापित करेंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह केवल शिक्षा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम है।

अध्यक्ष एवं प्रशिक्षकों का योगदान

रीता राठौर ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य समाज की हर महिला और बालिका तक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति डिजिटल युग की दौड़ में पीछे न रह जाए।

वहीं ज्ञानदर्शन कम्प्यूटर एकेडमी की संचालिका सरिता चौहान ने कहा कि प्रशिक्षण को व्यावहारिक और सरल तरीके से दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक प्रतिभागी आसानी से कम्प्यूटर के उपयोग को समझ सके।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और प्रत्येक महिला को व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य सदस्य

इस अवसर पर कार्यक्रम में कई गणमान्य सदस्य एवं समाजसेवी उपस्थित रहे, जिनमें साधना शर्मा, बिना जाजोरिया, जया पांडे, दुर्गा लिलानी, कांति बामनिया, पल्लवी प्रजापति सहित अनेक संस्था सदस्य शामिल थे।

सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को इस प्रशिक्षण से जुड़ने का आह्वान भी किया।

डिजिटल साक्षरता का महत्व

आज के समय में डिजिटल साक्षरता केवल कंप्यूटर चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में आवश्यक हो गई है। बैंकिंग, शिक्षा, सरकारी सेवाएं और रोजगार के अवसर सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।

ऐसे में यदि महिलाएं डिजिटल रूप से सक्षम होंगी तो वे न केवल अपने लिए बल्कि अपने परिवार के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोल सकेंगी।

सामाजिक प्रभाव और परिवर्तन की दिशा

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है।

जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज में सक्रिय भूमिका निभाने लगती हैं। इससे परिवार, समाज और देश—तीनों स्तरों पर विकास होता है।

भविष्य की संभावनाएं

इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में रोजगार के नए अवसर भी प्रदान कर सकते हैं। महिलाएं फ्रीलांसिंग, ऑनलाइन जॉब्स, डिजिटल मार्केटिंग, डाटा एंट्री और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में कार्य कर सकती हैं।

यह कार्यक्रम उन्हें केवल सीखने का अवसर नहीं देता, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

निष्कर्ष

नागदा वाले फाउंडेशन द्वारा प्रारंभ किया गया यह निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल है।

यह कार्यक्रम न केवल तकनीकी शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सामाजिक विकास की दिशा में भी एक मजबूत आधार तैयार करता है।

आज जब देश डिजिटल भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में यह पहल महिलाओं को उस यात्रा का सक्रिय हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में क्षेत्र की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ समाज में शिक्षा और तकनीकी जागरूकता का एक नया अध्याय लिखेगा।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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