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Nagda में मुनिभगवंत और साध्वीश्रीजी की उपस्थिति से धार्मिक उत्सव सम्पन्न

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Published On: 31 January 2026
5. Nagda Visit of Munibhagvants: Inspiring Devotion, Service, and Community
— 5. Nagda Visit of Munibhagvants: Inspiring Devotion, Service, and Community

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मुनिभगवंत व साध्वीश्रीजी की तीर्थ स्पर्शना: Nagda में पावन मिलन और श्रद्धा का महापर्व

Nagda  – शनिवार, 31 जनवरी का दिन Nagda के लिए अत्यंत पावन और यादगार साबित हुआ। इस दिन युगप्रभावक पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के शिष्यरत्न, गच्छाधिपति श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहब एवं आचार्य श्री जयरत्न सूरीश्वरजी महाराज साहब के आज्ञानुसार द्विशतावधानी मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा., मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजयजी म.सा. तथा साध्वीश्री शाश्वतप्रिया श्रीजी म.सा. ने नागदा में तीर्थस्पर्शना का पावन कार्यक्रम सम्पन्न किया। यह अवसर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि नागदा नगरी में आस्था, भक्ति और सेवा की भावना को भी प्रबल बनाने वाला साबित हुआ।

आलोट से नागेश्वर तक पावन विहार

सुबह के प्रातःकालीन समय में मुनिभगवंतों और साध्वीश्रीजी ने आलोट से नागेश्वर की ओर पवित्र विहार किया। यह विहार Nagda की जनता और भक्तों के लिए एक अनोखा अवसर था, जिसमें उन्होंने मुनिभगवंतों का स्वागत किया और उन्हें आशीर्वाद प्राप्त किया। मुनिभगवंतों ने इस अवसर पर तीर्थस्थल और समाज के महत्व के बारे में भी अनुयायियों को मार्गदर्शन दिया।

दादा नागेश्वर पार्श्वनाथ के दरबार में पावन मिलन

तीर्थस्थल पर मुनिभगवंतों और साध्वीश्रीजी का दादा नागेश्वर पार्श्वनाथ के दरबार में आत्मीय मिलन हुआ। यह मिलन न केवल धार्मिक अनुयायियों के लिए प्रेरणादायक था, बल्कि Nagda के लोगों के लिए भी श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत अनुभव था। अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया कि पुण्यसम्राट गुरुदेव के सांसारिक पौत्र मुनि श्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. और पौत्री साध्वीश्री शाश्वतप्रिया श्रीजी म.सा. का यह पावन मिलन पारिवारिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।

तीर्थ पर धार्मिक अनुष्ठान और साधना

तीर्थस्थल पर मुनिभगवंतों ने आराधना, साधना, ध्यान, जप और स्वाध्याय के कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों ने न केवल तीर्थस्थल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, बल्कि Nagda के अनुयायियों और भक्तों को भी पवित्र ज्ञान और धर्म के मूल्यों से परिचित कराया। इस अवसर पर स्थानीय युवाओं और बच्चों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे उन्हें धार्मिक अनुशासन और सेवा का महत्व समझ में आया।

नवीन कोकिला भवन में भव्य शिला पूजन महोत्सव

तीर्थस्थल पर आयोजित भव्य शिला पूजन महोत्सव में मुनिभगवंतों की पावन उपस्थिति ने कार्यक्रम को अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक बनाया। नवीन कोकिला भवन, नागेश्वर तीर्थ पर श्रद्धालुओं ने मुनिभगवंतों के पावन चरणों का स्वागत किया और उनके आशीर्वाद से अपनी आध्यात्मिक चेतना को और प्रगाढ़ किया। इस अवसर पर लोगों ने तीर्थस्थल के विकास, गुरू मंदिर और उपाश्रय निर्माण के महत्व को समझते हुए सक्रिय भागीदारी दिखाई।

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महिदपुर सिटी की ओर आगामी विहार

मुनिभगवंतों और साध्वीश्रीजी का यह तीर्थस्पर्शना कार्यक्रम लगभग एक सप्ताह तक नागेश्वर तीर्थ में आयोजित रहेगा। इसके पश्चात मुनिभगवंत महिदपुर सिटी की ओर पवित्र विहार करेंगे। इस दौरान वे अपने अनुयायियों और भक्तजन के बीच जाकर उन्हें आध्यात्मिक शिक्षा, मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्रदान करेंगे।

समाज में प्रेरणा और धार्मिक अनुशासन

इस तीर्थस्पर्शना कार्यक्रम ने समाज में धार्मिक अनुशासन, भक्ति और सेवा का संदेश फैलाया। मुनिभगवंतों और साध्वीश्रीजी की उपस्थिति ने नागदा के लोगों को प्रेरित किया और उनके जीवन में भक्ति, संयम और मानवता की भावना को मजबूत किया। युवाओं और बच्चों में भी आध्यात्मिक चेतना का संचार हुआ और उन्होंने मुनिभगवंतों के पावन संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

तीर्थस्थल का सामाजिक महत्व

नागदा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक उत्सव नहीं था, बल्कि समाज सेवा और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का भी अवसर था। मुनिभगवंतों की उपस्थिति ने भक्तों को सेवा भाव, दया और समर्पण का महत्व बताया। इस अवसर पर तीर्थस्थल पर उपस्थित लोग मुनिभगवंतों के पावन आशीर्वाद से प्रेरित होकर सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर योगदान देने का संकल्प लिया।

भव्य और संगठित आयोजन

तीर्थस्थल पर आयोजित सभी गतिविधियाँ सुव्यवस्थित और भव्य रूप से सम्पन्न हुईं। भक्तों ने मुनिभगवंतों और साध्वीश्रीजी का स्वागत आदर और श्रद्धा भाव से किया। कार्यक्रम का प्रत्येक पहलू धर्म, सेवा और भक्ति की भावना को प्रदर्शित करता था। इस आयोजन ने नागदा नगरी में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक अमिट छाप छोड़ी।

समापन और निष्कर्ष

31 जनवरी का यह पावन दिन Nagda के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और यादगार साबित हुआ। मुनिभगवंतों और साध्वीश्रीजी की तीर्थस्पर्शना ने लोगों के जीवन में आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और धर्म के मूल्यों को बढ़ावा दिया। नागदा के नागरिकों ने इस पावन अवसर पर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने जीवन में धार्मिक अनुशासन, सेवा भाव और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

इस प्रकार, मुनिभगवंतों और साध्वीश्रीजी की तीर्थस्पर्शना कार्यक्रम समाज में धार्मिक, आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाला प्रेरक उदाहरण बन गया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं था, बल्कि समाज में सेवा, अनुशासन, भक्ति और मानवता के संदेश को फैलाने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम भी साबित हुआ। नागदा की जनता ने इस पावन अवसर का लाभ उठाते हुए अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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