प्रदूषण से प्रभावित ग्रामीणों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन मंच का हस्ताक्षर अभियान
गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से जुटाया जा रहा समर्थन, परमारखेड़ी में बड़ी संख्या में लोगों ने अभियान में लिया हिस्सा
Nagda । औद्योगिक प्रदूषण और प्रदूषित जल से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं एवं उनके हक-अधिकार को लेकर भारतीय किसान यूनियन मंच द्वारा गांव-गांव पहुंचकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कवि देव सिंह गुर्जर के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत ग्रामीणों और आमजन को प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करते हुए जनसमर्थन जुटाया जा रहा है।
संगठन द्वारा अभियान के लिए बैनर तैयार किए गए हैं। विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों से संवाद किया जा रहा है और प्रदूषण से प्रभावित परिवारों एवं रहवासियों से हस्ताक्षर कराकर अभियान को समर्थन देने की अपील की जा रही है।
परमारखेड़ी में ग्रामीणों ने जताया समर्थन
इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन मंच की टीम परमारखेड़ी गांव पहुंची। यहां आयोजित अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, आमजन और जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। ग्रामीणों ने क्षेत्र में प्रदूषण और प्रदूषित जल से जुड़ी समस्याओं को लेकर अपनी चिंताएं रखीं और प्रभावित लोगों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया।
संगठन का कहना है कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े प्रदूषण और प्रदूषित जल के कारण लंबे समय से ग्रामीणों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को शासन और प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखने के उद्देश्य से गांव-गांव जाकर लोगों का समर्थन जुटाया जा रहा है।
ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील
अभियान के दौरान अखिल भारतीय बलाई महासंघ के प्रदेश महामंत्री ओम प्रकाश परमार नागराज ने भी ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के लिए आमजन की भागीदारी जरूरी है।
संगठन की ओर से ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर प्रदूषण प्रभावित परिवारों की समस्याओं के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराएं।
गोपाल सिंह गुर्जर ने जताई आंदोलन की तैयारी
परमारखेड़ी निवासी गोपाल सिंह गुर्जर ने भी अभियान के दौरान क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण से होने वाले कथित दुष्परिणामों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परमारखेड़ी सहित ग्रेसिम इंडस्ट्रीज से प्रभावित बताए जा रहे गांवों के लोग भारतीय किसान यूनियन मंच के प्रदेश अध्यक्ष के साथ खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों के हक और अधिकार के लिए आंदोलन की जरूरत पड़ी तो लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठाएंगे। उनका कहना था कि यह केवल परमारखेड़ी का मुद्दा नहीं है, बल्कि क्षेत्र के अन्य प्रभावित गांवों के लोग भी इस विषय को लेकर एकजुट हैं।
जनपद सदस्य विक्रम गुर्जर भी अभियान में शामिल
हस्ताक्षर अभियान में क्षेत्र के जनपद सदस्य विक्रम गुर्जर ने भी भाग लिया। संगठन के अनुसार, विक्रम गुर्जर स्वयं औद्योगिक प्रदूषण और प्रदूषित जल से प्रभावित रहे हैं। संगठन ने उनके स्वास्थ्य संबंधी मामले का उल्लेख करते हुए इसे क्षेत्र में प्रदूषण से प्रभावित लोगों की गंभीर स्थिति का उदाहरण बताया।
हालांकि, किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य समस्या के कारण और प्रदूषण के बीच प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय या आधिकारिक जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
शासन-प्रशासन के सामने रखी जाएंगी मांगें
भारतीय किसान यूनियन मंच का कहना है कि यह हस्ताक्षर अभियान किसी एक व्यक्ति या गांव तक सीमित नहीं है। संगठन इसे प्रदूषण से प्रभावित किसानों, ग्रामीणों और आमजन के हक एवं अधिकार से जुड़ा अभियान बता रहा है।
संगठन के अनुसार, गांव-गांव जाकर हस्ताक्षर जुटाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। अभियान के माध्यम से प्राप्त हस्ताक्षरों को एकत्रित कर प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं और ग्रामीणों की मांगों को संबंधित अधिकारियों तथा शासन के समक्ष रखा जाएगा।
संगठन का उद्देश्य प्रदूषण और प्रदूषित जल से प्रभावित बताए जा रहे ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रशासन के सामने मजबूती से उठाना और प्रभावित परिवारों के लिए उचित समाधान की मांग करना है।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।
