वरिष्ठ नागरिकों ने रेल किराए में रियायत बहाल करने की मांग उठाई, रेलवे को सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन
70 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों को निशुल्क यात्रा, लोअर बर्थ और अलग जनरल कोच की सुविधा देने की मांग
प्रमोद कुमार जैन
नागदा। वरिष्ठ नागरिक संगठन एवं जन जागृति मंच के सदस्यों ने रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं और सुविधाओं को लेकर सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संगठन के प्रतिनिधि नागदा रेलवे स्टेशन अधीक्षक मुंशीलाल मीणा के कार्यालय पहुंचे और उनके सहायक त्रिलोकनाथ पासवान को ज्ञापन दिया। इसमें रेल किराए में रियायत बहाल करने, वरिष्ठ यात्रियों को लोअर बर्थ उपलब्ध कराने तथा स्टेशन पर टिकट संबंधी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने मांग पत्र रेलवे महाप्रबंधक और केंद्रीय रेल मंत्री तक पहुंचाने का आग्रह किया।
रेल किराए में रियायत बहाल करने की मांग
ज्ञापन में कोरोना काल से पहले वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रेल किराए की रियायत दोबारा शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन के सदस्यों ने कहा कि रियायत बंद होने से वरिष्ठ यात्रियों पर आर्थिक भार बढ़ा है। उन्होंने सरकार से इस सुविधा को पुनः लागू करने का आग्रह किया।
संगठन ने 70 वर्ष से अधिक आयु के महिला एवं पुरुष यात्रियों को निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा देने की मांग भी रखी। सदस्यों का कहना था कि अधिक उम्र के नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे में उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
लोअर बर्थ और अलग जनरल कोच की मांग
वरिष्ठ नागरिकों ने आरक्षित यात्रा के दौरान लोअर बर्थ उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि उम्र बढ़ने के साथ ऊपर की बर्थ पर चढ़ना और उतरना कठिन होता है। इसलिए वरिष्ठ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बर्थ आवंटन में प्राथमिकता दी जाए।
ज्ञापन में ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग जनरल कोच लगाने का सुझाव भी दिया गया। संगठन ने मांग की कि यह कोच ट्रेन के मध्य में हो, जिससे वरिष्ठ यात्रियों को यात्रा के दौरान सुविधा मिल सके। सदस्यों ने इन मांगों पर रेलवे से उचित कार्रवाई का आग्रह किया।
वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों की टिकट खिड़की खुली रहे
प्रतिनिधियों ने रेलवे स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए निर्धारित टिकट खिड़की नियमित रूप से खुली रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि टिकट लेने और आरक्षण कराने के दौरान इन यात्रियों को सुविधाजनक व्यवस्था मिलनी चाहिए।
संगठन ने अपनी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की जरूरत बताई। ज्ञापन में यात्रा सुविधा के साथ स्टेशन पर मिलने वाली सेवाओं को भी महत्व दिया गया, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को टिकट संबंधी कामकाज में अनावश्यक परेशानी न हो।
नागदा–रतलाम के बीच दोपहर में ट्रेन सुविधा का मुद्दा
ज्ञापन में नागदा और रतलाम के बीच दोपहर के समय ट्रेन उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने गोल्डन टेंपल तथा दोपहर दो बजे की गाड़ी का उल्लेख करते हुए दावा किया कि बीच में करीब छह घंटे तक उपयुक्त ट्रेन सुविधा नहीं मिलने से यात्री परेशान होते हैं।
प्रतिनिधियों ने इस अंतराल में यात्रियों के लिए ट्रेन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। यह समय संबंधी दावा संगठन के ज्ञापन का हिस्सा है।
₹500 के आर्थिक दंड पर जताई आपत्ति
संगठन ने आरपीएफ द्वारा बनाए जाने वाले चालान को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई। सदस्यों का कहना था कि टिकट आरक्षण कराने में 10 से 15 मिनट लगने पर ₹500 का आर्थिक दंड लगाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने इस विषय पर कार्रवाई का आग्रह किया।
यूको बैंक के पूर्व प्रबंधक एलएन भावसार ने ज्ञापन का वाचन किया। त्रिलोकनाथ पासवान ने मांगों को संबंधित अधिकारियों तक भेजने की बात कही। उन्होंने बताया कि ज्ञापन की प्रक्रिया डीआरएम रतलाम, महाप्रबंधक चर्चगेट मुंबई और रेल मंत्री तक पहुंचाई जाएगी।
सांसद प्रतिनिधि को भी दी प्रतिलिपि
रेलवे कार्यालय के बाद प्रतिनिधियों ने सांसद अनिल फिरोजिया के नाम ज्ञापन की प्रतिलिपि सांसद प्रतिनिधि एवं नगर पालिका जल समिति सभापति प्रकाश जैन को सौंपी। यहां जन जागृति मंच के पूर्व अध्यक्ष विजय व्यास ने ज्ञापन पढ़ा। संचालन और जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता सीएल वर्मा ने दी।
इस अवसर पर केके श्रीवास्तव, भूपेंद्र सिंह बुंदेला, नरेंद्र यादव, मुकेश खटाना, सुरेश उपाध्याय, अरुण पोद्दार, कैलाश भानूपा, आरके बैंडवाल, सुरेश शर्मा, चैन सिंह रघुवंशी, सुरेश रघुवंशी, रमेश पाल, मोहनलाल पांचाल, सुभाष व्यास, एसएन शर्मा और एनके गरवाल सहित संगठन एवं मंच के सदस्य उपस्थित रहे।
